tithika
English

Simrishamn, स्कॉने लैन, स्वीडन का पंचांग शनि 14 जून 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 12:17 तक

फिर चतुर्थी · 12:21 रवि तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
00:34 रवि

संकष्टी चतुर्थी शनि 14 जून को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शनि 14 जून क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Simrishamn में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:26 04:18 21:47अगला सूर्योदय 04:18 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:18–06:29कालअशुभ
  • 06:29–08:40शुभ
  • 08:40–10:51रोगअशुभ
  • 10:51–13:02उद्वेगअशुभ
  • 13:02–15:13चरसामान्य
  • 15:13–17:25लाभयमगण्ड में
  • 17:25–19:36अमृतशुभ
  • 19:36–21:47कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:47–22:36लाभशुभ
  • 22:36–23:24उद्वेगअशुभ
  • 23:24–00:13 रविशुभ
  • 00:13–01:02 रविअमृतशुभ
  • 01:02–01:51 रविचरसामान्य
  • 01:51–02:40 रविरोगअशुभ
  • 02:40–03:29 रविकालअशुभ
  • 03:29–04:18 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 14 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:26–03:52, शुभ
  • काल, अशुभ, 04:18–06:29
  • शुभ, 06:29–08:40
  • रोग, अशुभ, 08:40–10:51
  • उद्वेग, अशुभ, 10:51–13:02
  • चर, सामान्य, 13:02–15:13
  • लाभ, शुभ, 15:13–17:25
  • अमृत, शुभ, 17:25–19:36
  • काल, अशुभ, 19:36–21:47
  • लाभ, शुभ, 21:47–22:36
  • उद्वेग, अशुभ, 22:36–23:24
  • शुभ, 23:24–00:13 रवि
  • अमृत, शुभ, 00:13–01:02 रवि
  • चर, सामान्य, 01:02–01:51 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:51–02:40 रवि
  • काल, अशुभ, 02:40–03:29 रवि
  • लाभ, शुभ, 03:29–04:18 रवि
  • गुलिक काल, 04:18–06:29, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 04:18–05:28, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:28–06:38, अशुभ
  • राहु काल, 08:40–10:51, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:37, शुभ
  • यमगण्ड, 15:13–17:25, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:26–03:52 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Simrishamn में संकष्टी चतुर्थी शनि 14 जून को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी शनि 14 जून को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 23:00 00:00 01:00 02:00 शुक्र 13 जून चंद्रोदय 00:15 शनि
तृतीया 23:00 00:00 01:00 02:00 शुक्र 13 जून चंद्रोदय 00:15 शनि
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शनि 14 जून को 12:17 से रवि 15 जून को 12:21 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शनि 14 जून को है, 00:34 रवि पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Simrishamn में हर तारीख़

शनि 14 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 212.1° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 212.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 212.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:18। द्वितीया उससे पहले 11:49 शुक्र पर समाप्त हुई। तृतीया 12:17 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 11 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 14 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:26–03:52

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:26–03:52।

सूर्यास्त 21:46 शुक्र सूर्योदय 04:18 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 13 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:46 शुक्र सूर्योदय 04:18 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 13 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 13 जून की रात सूर्यास्त 21:46 शुक्र से सूर्योदय 04:18 तक थी, 6 घं 32 मि। इसे 26 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 14 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:37

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:37।

शनि 14 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 04:18–05:28

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:18–05:28 और 05:28–06:38।

शनि 14 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 05:28–06:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:18–05:28 और 05:28–06:38।

सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 04:18 से 21:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 9 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 04:18–05:28 और 05:28–06:38।

शनि 14 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:18–06:29 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:18 से 21:47, 2 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:47 से 04:18 रवि, 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 14 जून को राहुकाल कब है? 08:40–10:51

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:40–10:51।

शनि 14 जून को यमगंड कब है? 15:13–17:25

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:13–17:25।

शनि 14 जून को गुलिक काल कब है? 04:18–06:29

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:18–06:29।

सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 04:18 से 21:47 तक है, 17 घं 29 मि। इसे 2 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 14 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:18, सूर्यास्त 21:47, 17 घं 29 मि का दिन।

शनि 14 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:18, सूर्यास्त 21:47, 17 घं 29 मि का दिन।

सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:37 चंद्रोदय 00:34 रवि
सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:37 चंद्रोदय 00:34 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 17 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 17 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 14 जून को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 271.2° पर था: उत्तराषाढा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 271.2° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 271.2° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 270° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:52 को निकलेगा, श्रवण में।

शनि 14 जून को कौन सा योग है? ब्रह्म

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 330.3° थे: ब्रह्म।

सूर्य 59.1° + चंद्रमा 271.2° = 330.3° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 59.1° + चंद्रमा 271.2° = 330.3° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 59.1° + 271.2° = 330.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 09:42 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।

शनि 14 जून को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 212.1° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 212.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 212.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 00:06 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 12:17 तक है।

शनि 14 जून को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 04:18, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:18 से 04:18 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 14 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 27 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 25 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

शनि 14 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शनि 14 जून अमावस्या 27 मई पूर्णिमा 11 जून अमावस्या 25 जून पूर्णिमा 10 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शनि 14 जून अमावस्या 27 मई पूर्णिमा 11 जून अमावस्या 25 जून पूर्णिमा 10 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

शनि 14 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 11:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 14 जून सूर्य 59.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 11:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 14 जून सूर्य 59.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 11:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 74.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 14 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:34 रवि

चंद्रमा यहाँ 00:34 रवि पर उदय होता है।

शनि 14 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:37

सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:37 चंद्रोदय 00:34 रवि
सूर्योदय 04:18 सूर्यास्त 21:47 सूर्योदय 04:18 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:37 चंद्रोदय 00:34 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:34 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:34 रवि पर उदय होगा।