शकोडर, अल्बानिया का पंचांग शनि 6 फ़रवरी 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
त्योहार
मौनी अमावस्या
मौनी अमावस्या शनि 6 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 6 फ़रवरी क्यों?
मौनी अमावस्या: शकोडर में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या शनि 6 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 6 फ़रवरी क्यों?
अमावस्या: शकोडर में हर तारीख़6 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 6 फ़रवरी
- 04:59–05:54ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:49 से
- 08:11–09:23शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:35–12:16अभिजीत मुहूर्त
- 13:12–14:29लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:29–15:46अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:02 के बाद
- 17:02–18:45लाभ चौघड़िया
- 20:29–22:12शुभ चौघड़िया
- 22:12–23:55अमृत चौघड़िया
- 05:05–06:48 रविलाभ चौघड़िया
- 04:58–05:53 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:49–08:06कालअशुभ
- 08:06–09:23शुभ
- 09:23–10:39रोगअशुभ
- 10:39–11:56उद्वेगअशुभ
- 11:56–13:12चरसामान्य
- 13:12–14:29लाभयमगण्ड में
- 14:29–15:46अमृतशुभ
- 15:46–17:02कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:02–18:45लाभशुभ
- 18:45–20:29उद्वेगअशुभ
- 20:29–22:12शुभ
- 22:12–23:55अमृतशुभ
- 23:55–01:38 रविचरसामान्य
- 01:38–03:22 रविरोगअशुभ
- 03:22–05:05 रविकालअशुभ
- 05:05–06:48 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 6 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:54, शुभ
- काल, अशुभ, 06:49–08:06
- शुभ, 08:06–09:23
- रोग, अशुभ, 09:23–10:39
- उद्वेग, अशुभ, 10:39–11:56
- चर, सामान्य, 11:56–13:12
- लाभ, शुभ, 13:12–14:29
- अमृत, शुभ, 14:29–15:46
- काल, अशुभ, 15:46–17:02
- लाभ, शुभ, 17:02–18:45
- उद्वेग, अशुभ, 18:45–20:29
- शुभ, 20:29–22:12
- अमृत, शुभ, 22:12–23:55
- चर, सामान्य, 23:55–01:38 रवि
- रोग, अशुभ, 01:38–03:22 रवि
- काल, अशुभ, 03:22–05:05 रवि
- लाभ, शुभ, 05:05–06:48 रवि
- गुलिक काल, 06:49–08:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:49–07:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:30–08:11, अशुभ
- राहु काल, 09:23–10:39, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:16, शुभ
- यमगण्ड, 13:12–14:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:58–05:53 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शकोडर में मौनी अमावस्या शनि 6 फ़रवरी को क्यों है?
मौनी अमावस्या शनि 6 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
मौनी अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 5 फ़रवरी को 14:35 से शनि 6 फ़रवरी को 16:56 तक है, इसलिए वह केवल शनि 6 फ़रवरी के सूर्योदय (06:49) पर है। मौनी अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शकोडर में अमावस्या शनि 6 फ़रवरी को क्यों है?
अमावस्या शनि 6 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 5 फ़रवरी को 14:35 से शनि 6 फ़रवरी को 16:56 तक है, इसलिए वह केवल शनि 6 फ़रवरी के सूर्योदय (06:49) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 6 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 355.4° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:49। चतुर्दशी उससे पहले 14:35 शुक्र पर समाप्त हुई। अमावस्या 16:56 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 22 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 6 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:59–05:54
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:59–05:54।
शुक्र 5 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:01 शुक्र से सूर्योदय 06:49 तक थी, 13 घं 48 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 6 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:16
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:16।
शनि 6 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:49–07:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:49–07:30 और 07:30–08:11।
शनि 6 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:30–08:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:49–07:30 और 07:30–08:11।
यहाँ दिन, 06:49 से 17:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:49–07:30 और 07:30–08:11।
शनि 6 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:49–08:06 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:49 से 17:02, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:02 से 06:48 रवि, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 6 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 09:23–10:39
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:23–10:39।
शनि 6 फ़रवरी को यमगंड कब है? 13:12–14:29
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:12–14:29।
शनि 6 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 06:49–08:06
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:49–08:06।
यहाँ दिन 06:49 से 17:02 तक है, 10 घं 13 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 6 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:49, सूर्यास्त 17:02, 10 घं 13 मि का दिन।
शनि 6 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:49, सूर्यास्त 17:02, 10 घं 13 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 46 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 46 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 6 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 288.3° पर था: श्रवण, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 286°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:49 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
शनि 6 फ़रवरी को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 581.3° थे, एक चक्कर और 221.3°: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 293° + 288.3° = 581.3°, एक पूरा चक्कर और 221.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 16:44 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
शनि 6 फ़रवरी को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 355.4° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 03:48 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 16:56 तक है।
शनि 6 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:49, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:49 से 06:48 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 6 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 7 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 6 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शनि 6 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
शनि 6 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 318.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 6 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:56
चंद्रमा यहाँ 16:56 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 16:56 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।