शकोडर, अल्बानिया का पंचांग बुध 23 नवंबर 2022
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 23 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 23 नवंबर क्यों?
अमावस्या: शकोडर में हर तारीख़23 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 23 नवंबर
- 04:46–05:43ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:41 से
- 06:41–07:53लाभ चौघड़िया
- 07:53–09:04अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:04–10:16अमृत कालयमगण्ड, गुलिक काल छोड़कर · विशाखा में
- 10:16–11:28शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:03–16:14लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:14 के बाद
- 18:03–19:51शुभ चौघड़िया
- 19:51–21:40अमृत चौघड़िया
- 03:05–04:54 गुरुलाभ चौघड़िया
-
05:35–06:42 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अनुराधा में
- 04:46–05:44 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:41–07:53लाभशुभ
- 07:53–09:04अमृतयमगण्ड में
- 09:04–10:16कालअशुभ
- 10:16–11:28शुभगुलिक काल में
- 11:28–12:39रोगअशुभ
- 12:39–13:51उद्वेगअशुभ
- 13:51–15:03चरसामान्य
- 15:03–16:14लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:14–18:03उद्वेगअशुभ
- 18:03–19:51शुभ
- 19:51–21:40अमृतशुभ
- 21:40–23:28चरसामान्य
- 23:28–01:17 गुरुरोगअशुभ
- 01:17–03:05 गुरुकालअशुभ
- 03:05–04:54 गुरुलाभशुभ
- 04:54–06:42 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 23 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:43, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:41–07:53
- अमृत, शुभ, 07:53–09:04
- काल, अशुभ, 09:04–10:16
- शुभ, 10:16–11:28
- रोग, अशुभ, 11:28–12:39
- उद्वेग, अशुभ, 12:39–13:51
- चर, सामान्य, 13:51–15:03
- लाभ, शुभ, 15:03–16:14
- उद्वेग, अशुभ, 16:14–18:03
- शुभ, 18:03–19:51
- अमृत, शुभ, 19:51–21:40
- चर, सामान्य, 21:40–23:28
- रोग, अशुभ, 23:28–01:17 गुरु
- काल, अशुभ, 01:17–03:05 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:05–04:54 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:54–06:42 गुरु
- यमगण्ड, 07:53–09:04, अशुभ
- गुलिक काल, 10:16–11:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:09–11:47, अशुभ
- राहु काल, 11:28–12:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:44 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
शकोडर में अमावस्या बुध 23 नवंबर को क्यों है?
अमावस्या बुध 23 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 23 नवंबर को 02:23 से बुध 23 नवंबर को 23:57 तक है, इसलिए वह केवल बुध 23 नवंबर के सूर्योदय (06:41) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 23 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 350.4° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:41। चतुर्दशी उससे पहले 02:23 पर समाप्त हुई। अमावस्या 23:57 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 8 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, शकोडर में अमावस्या।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:49, चतुर्दशी की समाप्ति 06:53 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। अमावस्या अगले सूर्योदय से पहले, 04:27 गुरु को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता: वह क्षय है।
शकोडर · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 06:41, चतुर्दशी की समाप्ति 02:23 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
बुध 23 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:43
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:43।
मंगल 22 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:15 मंगल से सूर्योदय 06:41 तक थी, 14 घं 26 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 23 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:09–11:47
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:09–11:47।
यहाँ दिन, 06:41 से 16:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:09–11:47: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 23 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:41–07:53 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:41 से 16:14, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:14 से 06:42 गुरु, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 23 नवंबर को राहुकाल कब है? 11:28–12:39
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:28–12:39।
बुध 23 नवंबर को यमगंड कब है? 07:53–09:04
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:53–09:04।
बुध 23 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:16–11:28
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:16–11:28।
यहाँ दिन 06:41 से 16:14 तक है, 9 घं 33 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 23 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 16:14, 9 घं 33 मि का दिन।
बुध 23 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 16:14, 9 घं 33 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 23 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 207.1° पर था: विशाखा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 206°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:07 को निकलेगा, अनुराधा में।
बुध 23 नवंबर को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 423.8° थे, एक चक्कर और 63.8°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 216.7° + 207.1° = 423.8°, एक पूरा चक्कर और 63.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 11:08 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
बुध 23 नवंबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 350.4° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 13:13 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 23:57 तक।
बुध 23 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:41, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:41 से 06:42 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 23 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 25 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 23 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
बुध 23 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
बुध 23 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 08:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 229.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 23 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:47
चंद्रमा यहाँ 15:47 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 15:47 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।