Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 9 दिसंबर 2099
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 9 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 9 दिसंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़व्रत का पारण
उत्पन्ना एकादशी
9 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 9 दिसंबर
- 06:14–07:12ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:11 से
- 08:11–09:21लाभ चौघड़िया
-
08:38–09:21अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · स्वाती में
- 09:21–10:31अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:41–12:52शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:22–17:32लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:32 के बाद
- 19:22–21:12शुभ चौघड़िया
- 21:12–23:02अमृत चौघड़िया
- 04:32–06:22 गुरुलाभ चौघड़िया
-
06:45–08:12 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · विशाखा में
- 06:14–07:13 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:11–09:21लाभशुभ
- 09:21–10:31अमृतयमगण्ड में
- 10:31–11:41कालअशुभ
- 11:41–12:52शुभगुलिक काल में
- 12:52–14:02रोगअशुभ
- 14:02–15:12उद्वेगअशुभ
- 15:12–16:22चरसामान्य
- 16:22–17:32लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:32–19:22उद्वेगअशुभ
- 19:22–21:12शुभ
- 21:12–23:02अमृतशुभ
- 23:02–00:52 गुरुचरसामान्य
- 00:52–02:42 गुरुरोगअशुभ
- 02:42–04:32 गुरुकालअशुभ
- 04:32–06:22 गुरुलाभशुभ
- 06:22–08:12 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 9 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:14–07:12, शुभ
- लाभ, शुभ, 08:11–09:21
- अमृत, शुभ, 09:21–10:31
- काल, अशुभ, 10:31–11:41
- शुभ, 11:41–12:52
- रोग, अशुभ, 12:52–14:02
- उद्वेग, अशुभ, 14:02–15:12
- चर, सामान्य, 15:12–16:22
- लाभ, शुभ, 16:22–17:32
- उद्वेग, अशुभ, 17:32–19:22
- शुभ, 19:22–21:12
- अमृत, शुभ, 21:12–23:02
- चर, सामान्य, 23:02–00:52 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:52–02:42 गुरु
- काल, अशुभ, 02:42–04:32 गुरु
- लाभ, शुभ, 04:32–06:22 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 06:22–08:12 गुरु
- यमगण्ड, 09:21–10:31, अशुभ
- गुलिक काल, 11:41–12:52, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:33–13:10, अशुभ
- राहु काल, 12:52–14:02, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:14–07:13 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत बुध 9 दिसंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 9 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 9 दिसंबर को 10:28 से गुरु 10 दिसंबर को 07:52 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (17:32–20:28) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 9 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 322.7° आगे था: कृष्ण द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:11। एकादशी उससे पहले 13:04 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 10:28 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 28 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
त्रयोदशी क्षय क्यों है?
त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 10:28 को शुरू हुई और 07:52 गुरु को समाप्त, 08:11 और 08:12 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को द्वादशी है और गुरुवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 9 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:14–07:12
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:14–07:12।
मंगल 8 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:32 मंगल से सूर्योदय 08:11 तक थी, 14 घं 39 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 9 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:33–13:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:33–13:10।
यहाँ दिन, 08:11 से 17:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:33–13:10: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 9 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:11–09:21 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:11 से 17:32, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:32 से 08:12 गुरु, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 9 दिसंबर को राहुकाल कब है? 12:52–14:02
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:52–14:02।
बुध 9 दिसंबर को यमगंड कब है? 09:21–10:31
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:21–10:31।
बुध 9 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 11:41–12:52
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:41–12:52।
यहाँ दिन 08:11 से 17:32 तक है, 9 घं 21 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 9 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:11, सूर्यास्त 17:32, 9 घं 21 मि का दिन।
बुध 9 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:11, सूर्यास्त 17:32, 9 घं 21 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 9 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 194.8° पर था: स्वाती, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 193°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:44 को निकलेगा, विशाखा में।
बुध 9 दिसंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 426.9° थे, एक चक्कर और 66.9°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 232.1° + 194.8° = 426.9°, एक पूरा चक्कर और 66.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 04:23 गुरु को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
बुध 9 दिसंबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 322.7° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 23:46 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 10:28 तक है।
बुध 9 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 08:11, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:11 से 08:12 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 9 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 12 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 17 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 12 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
बुध 9 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
बुध 9 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2156 · शक 2021
विक्रम संवत 2156 22 मार्च 2099 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2099, 02:48 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 255.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2156 गिनता है; शक संवत 2021।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 9 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:28 गुरु
चंद्रमा यहाँ 06:28 गुरु पर उदय होता है।
बुध 9 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:15
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:15 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:28 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:15 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:28 गुरु पर उदय होगा।