tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 17 जुलाई 2096

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 02:22 बुध तक

फिर चतुर्दशी · 23:45 बुध तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
20:27⁠–⁠22:19
प्रदोष काल 20:27⁠–⁠22:19

प्रदोष व्रत मंगल 17 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 17 जुलाई क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:48⁠–⁠01:25 बुध
निशीथ काल 00:48⁠–⁠01:25 बुध

मासिक शिवरात्रि मंगल 17 जुलाई को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। मंगल 17 जुलाई क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

कामिका एकादशी

पारण मंगल 17 जुलाई, अरुणोदय 04:08 से 05:05 तक
कामिका एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:30 05:44 20:27अगला सूर्योदय 05:45 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:44–07:35रोगअशुभ
  • 07:35–09:25उद्वेगअशुभ
  • 09:25–11:15चरसामान्य
  • 11:15–13:06लाभशुभ
  • 13:06–14:56अमृतगुलिक काल में
  • 14:56–16:46कालअशुभ
  • 16:46–18:37शुभराहु काल में
  • 18:37–20:27रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:27–21:37कालअशुभ
  • 21:37–22:47लाभशुभ
  • 22:47–23:56उद्वेगअशुभ
  • 23:56–01:06 बुधशुभ
  • 01:06–02:16 बुधअमृतशुभ
  • 02:16–03:26 बुधचरसामान्य
  • 03:26–04:35 बुधरोगअशुभ
  • 04:35–05:45 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 17 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:07, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:44–07:35
  • उद्वेग, अशुभ, 07:35–09:25
  • चर, सामान्य, 09:25–11:15
  • लाभ, शुभ, 11:15–13:06
  • अमृत, शुभ, 13:06–14:56
  • काल, अशुभ, 14:56–16:46
  • शुभ, 16:46–18:37
  • रोग, अशुभ, 18:37–20:27
  • काल, अशुभ, 20:27–21:37
  • लाभ, शुभ, 21:37–22:47
  • उद्वेग, अशुभ, 22:47–23:56
  • शुभ, 23:56–01:06 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:06–02:16 बुध
  • चर, सामान्य, 02:16–03:26 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:26–04:35 बुध
  • काल, अशुभ, 04:35–05:45 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:41–09:40, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:25–11:15, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:36–13:35, शुभ
  • गुलिक काल, 13:06–14:56, अशुभ
  • राहु काल, 16:46–18:37, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 00:10–00:48 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:08 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत मंगल 17 जुलाई को क्यों है?

प्रदोष व्रत मंगल 17 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 सोम 16 जुलाई प्रदोष काल 20:28–22:19
द्वादशी 19:00 21:00 23:00 सोम 16 जुलाई प्रदोष काल 20:28–22:19
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 17 जुलाई को 05:05 से बुध 18 जुलाई को 02:22 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (20:27–22:19) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

Sevan में मासिक शिवरात्रि मंगल 17 जुलाई को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि मंगल 17 जुलाई को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

त्रयोदशी चतुर्दशी 02:22 23:00 00:00 01:00 मंगल 17 जुलाई स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:48–01:25 बुध
त्रयोदशी 02:22 23:00 00:00 01:00 मंगल 17 जुलाई स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:48–01:25 बुध चतुर्दशी 02:22 बुध से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी बुध 18 जुलाई को 02:22 से बुध 18 जुलाई को 23:45 तक है, दोनों रात के निशीथ काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: मंगल 17 जुलाई। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

मंगल 17 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324.4° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 324.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:44। द्वादशी उससे पहले 05:05 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 02:22 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 5 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, Sevan में त्रयोदशी।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी मंगल 17 जुलाई सुबह बुध 18 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 06:35 05:05 03:52 02:22 05:35 द्वादशी 05:35 चतुर्दशी 05:44 त्रयोदशी 05:45 चतुर्दशी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी मंगल 17 जुलाई सुबह बुध 18 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 06:35 05:05 03:52 02:22 05:35 द्वादशी 05:35 चतुर्दशी 05:44 त्रयोदशी 05:45 चतुर्दशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:35, द्वादशी की समाप्ति 06:35 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 03:52 बुध को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 05:44, द्वादशी की समाप्ति 05:05 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

मंगल 17 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:30–05:07

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:30–05:07।

सूर्यास्त 20:28 सोम सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:28 सोम सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 16 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:28 सोम से सूर्योदय 05:44 तक थी, 9 घं 16 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 17 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:36–13:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:36–13:35।

मंगल 17 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:41–09:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:40, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:10 बुध–00:48 बुध।

मंगल 17 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 00:10–00:48 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:40, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:10 बुध–00:48 बुध।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:44 से 20:27, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:41–09:40 और 00:10 बुध–00:48 बुध।

मंगल 17 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:44–07:35 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:44 से 20:27, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:27 से 05:45 बुध, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 17 जुलाई को राहुकाल कब है? 16:46–18:37

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:46–18:37।

मंगल 17 जुलाई को यमगंड कब है? 09:25–11:15

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:25–11:15।

मंगल 17 जुलाई को गुलिक काल कब है? 13:06–14:56

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:06–14:56।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:44 से 20:27 तक है, 14 घं 43 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 17 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 20:27, 14 घं 43 मि का दिन।

मंगल 17 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:27

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 20:27, 14 घं 43 मि का दिन।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:40 चंद्रोदय 03:48 बुध
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:40 चंद्रोदय 03:48 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 17 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 54.7° पर था: मृगशिरा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 54.7° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 54.7° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 53°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:31 बुध को निकलेगा, आर्द्रा में।

मंगल 17 जुलाई को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 145.1° थे: वृद्धि।

सूर्य 90.4° + चंद्रमा 54.7° = 145.1° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 90.4° + चंद्रमा 54.7° = 145.1° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 90.4° + 54.7° = 145.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 08:12 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

मंगल 17 जुलाई को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 324.4° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 324.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 15:43 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 02:22 बुध तक।

मंगल 17 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:44, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:44 से 05:45 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 17 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 20 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 19 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

मंगल 17 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 17 जुलाई अमावस्या 20 जून पूर्णिमा 5 जुल॰ अमावस्या 19 जुल॰ पूर्णिमा 4 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 17 जुलाई अमावस्या 20 जून पूर्णिमा 5 जुल॰ अमावस्या 19 जुल॰ पूर्णिमा 4 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

मंगल 17 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2153 · शक 2018

विक्रम संवत 2153 24 मार्च 2096 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2096 12:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 जुलाई सूर्य 90.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2096 12:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 जुलाई सूर्य 90.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2096, 12:56 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 110.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2153 गिनता है; शक संवत 2018।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 17 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:48 बुध

चंद्रमा यहाँ 03:48 बुध पर उदय होता है।

मंगल 17 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:40

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:40 चंद्रोदय 03:48 बुध
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:27 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:40 चंद्रोदय 03:48 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:40 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:48 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:40 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:48 बुध पर उदय होगा।