Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 7 मई 2094
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
7 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 7 मई
- 04:32–05:12ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:51 से
- 07:37–09:24लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:38–11:10अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
10:33–11:10अमृत कालराहु काल छोड़कर · श्रवण में
- 12:56–13:25अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:56–13:25शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 14:22–14:43शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 20:02 के बाद
- 22:29–23:42लाभ चौघड़िया
- 00:56–02:09 शनिशुभ चौघड़िया
- 02:09–03:23 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:32–05:11 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:51–07:37चरसामान्य
- 07:37–09:24लाभगुलिक काल में
- 09:24–11:10अमृतशुभ
- 11:10–12:56कालअशुभ
- 12:56–14:43शुभ
- 14:43–16:29रोगअशुभ
- 16:29–18:15उद्वेगअशुभ
- 18:15–20:02चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 20:02–21:15रोगअशुभ
- 21:15–22:29कालअशुभ
- 22:29–23:42लाभशुभ
- 23:42–00:56 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:56–02:09 शनिशुभ
- 02:09–03:23 शनिअमृतशुभ
- 03:23–04:36 शनिचरसामान्य
- 04:36–05:50 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 7 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:12, शुभ
- चर, सामान्य, 05:51–07:37
- लाभ, शुभ, 07:37–09:24
- अमृत, शुभ, 09:24–11:10
- काल, अशुभ, 11:10–12:56
- शुभ, 12:56–14:43
- रोग, अशुभ, 14:43–16:29
- उद्वेग, अशुभ, 16:29–18:15
- चर, सामान्य, 18:15–20:02
- रोग, अशुभ, 20:02–21:15
- काल, अशुभ, 21:15–22:29
- लाभ, शुभ, 22:29–23:42
- उद्वेग, अशुभ, 23:42–00:56 शनि
- शुभ, 00:56–02:09 शनि
- अमृत, शुभ, 02:09–03:23 शनि
- चर, सामान्य, 03:23–04:36 शनि
- रोग, अशुभ, 04:36–05:50 शनि
- गुलिक काल, 07:37–09:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:41–09:38, अशुभ
- राहु काल, 11:10–12:56, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:28–13:25, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:25–14:22, अशुभ
- यमगण्ड, 16:29–18:15, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:11 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 7 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 262.9° आगे था: कृष्ण सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:51। षष्ठी उससे पहले 09:56 गुरु पर समाप्त हुई। सप्तमी 07:53 को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 30 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अष्टमी क्षय क्यों है?
अष्टमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अष्टमी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अष्टमी 07:53 को शुरू हुई और 05:43 शनि को समाप्त, 05:51 और 05:50 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को सप्तमी है और शनिवार को नवमी: अष्टमी यहाँ क्षय तिथि है।
शुक्र 7 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:32–05:12
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:32–05:12।
गुरु 6 मई की रात सूर्यास्त 20:01 गुरु से सूर्योदय 05:51 तक थी, 9 घं 50 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 7 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:28–13:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:28–13:25।
शुक्र 7 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:41–09:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:41–09:38 और 13:25–14:22।
शुक्र 7 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:25–14:22
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:41–09:38 और 13:25–14:22।
यहाँ दिन, 05:51 से 20:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:41–09:38 और 13:25–14:22।
शुक्र 7 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:51–07:37 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:51 से 20:02, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:02 से 05:50 शनि, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 7 मई को राहुकाल कब है? 11:10–12:56
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:10–12:56।
शुक्र 7 मई को यमगंड कब है? 16:29–18:15
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:29–18:15।
शुक्र 7 मई को गुलिक काल कब है? 07:37–09:24
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:37–09:24।
यहाँ दिन 05:51 से 20:02 तक है, 14 घं 11 मि। इसे 1 घं 46 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 7 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 20:02, 14 घं 11 मि का दिन।
शुक्र 7 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 20:02, 14 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 7 मई को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 284.8° पर था: श्रवण, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 283°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:22 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
शुक्र 7 मई को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 306.7° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 21.9° + 284.8° = 306.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 03:00 शनि को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
शुक्र 7 मई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 262.9° थी: सप्तमी का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 20:55 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 258° हुई; बव 07:53 तक है।
शुक्र 7 मई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:51, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:51 से 05:50 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 7 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)
15 अप्रैल और 14 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 अप्रैल 05:39 गुरु से 14 मई 16:11 शुक्र तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 15 मई 14:58 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।
शुक्र 7 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख (अधिक) है, और अमान्त गणना में वैशाख (अधिक)।
शुक्र 7 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2151 · शक 2016
विक्रम संवत 2151 16 मार्च 2094 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2094, 19:46 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 50.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2151 गिनता है; शक संवत 2016।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 7 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:41 शनि
चंद्रमा यहाँ 02:41 शनि पर उदय होता है।
शुक्र 7 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:53
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:53 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:41 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:53 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:41 शनि पर उदय होगा।