tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 31 अक्टूबर 2092

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 20:08 तक

फिर द्वितीया · 16:41 शनि तक

त्योहार

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा मुहूर्त
07:29⁠–⁠09:35
प्रातःकाल 07:29⁠–⁠09:35

गोवर्धन पूजा शुक्र 31 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। शुक्र 31 अक्टूबर क्यों?

गोवर्धन पूजा: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:41 07:29 17:56अगला सूर्योदय 07:30 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:29–08:48चरसामान्य
  • 08:48–10:06लाभगुलिक काल में
  • 10:06–11:24अमृतशुभ
  • 11:24–12:43कालअशुभ
  • 12:43–14:01शुभ
  • 14:01–15:20रोगअशुभ
  • 15:20–16:38उद्वेगअशुभ
  • 16:38–17:56चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 17:56–19:38रोगअशुभ
  • 19:38–21:20कालअशुभ
  • 21:20–23:02लाभशुभ
  • 23:02–00:43 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:43–02:25 शनिशुभ
  • 02:25–04:07 शनिअमृतशुभ
  • 04:07–05:49 शनिचरसामान्य
  • 05:49–07:30 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 31 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:35, शुभ
  • चर, सामान्य, 07:29–08:48
  • लाभ, शुभ, 08:48–10:06
  • अमृत, शुभ, 10:06–11:24
  • काल, अशुभ, 11:24–12:43
  • शुभ, 12:43–14:01
  • रोग, अशुभ, 14:01–15:20
  • उद्वेग, अशुभ, 15:20–16:38
  • चर, सामान्य, 16:38–17:56
  • रोग, अशुभ, 17:56–19:38
  • काल, अशुभ, 19:38–21:20
  • लाभ, शुभ, 21:20–23:02
  • उद्वेग, अशुभ, 23:02–00:43 शनि
  • शुभ, 00:43–02:25 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:25–04:07 शनि
  • चर, सामान्य, 04:07–05:49 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:49–07:30 शनि
  • गुलिक काल, 08:48–10:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:35–10:16, अशुभ
  • राहु काल, 11:24–12:43, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:04, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:04–13:46, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:20–16:38, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:42–06:36 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में गोवर्धन पूजा शुक्र 31 अक्टूबर को क्यों है?

गोवर्धन पूजा शुक्र 31 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।

प्रतिपदा 07:29 06:00 07:00 08:00 09:00 10:00 11:00 शुक्र 31 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 07:29–09:35
प्रतिपदा 07:29 06:00 08:00 10:00 शुक्र 31 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 07:29–09:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा गुरु 30 अक्टूबर को 23:30 से शुक्र 31 अक्टूबर को 20:08 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रातःकाल (07:29–09:35) उसके भीतर है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

गोवर्धन पूजा: Sevan में हर तारीख़

शुक्र 31 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 4.6° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 4.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 4.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:29। अमावस्या उससे पहले 23:30 गुरु पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 20:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 30 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शुक्र 31 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:41–06:35

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:41–06:35।

सूर्यास्त 17:58 गुरु सूर्योदय 07:29 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:58 गुरु सूर्योदय 07:29 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 30 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:58 गुरु से सूर्योदय 07:29 तक थी, 13 घं 31 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 31 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:04

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:04।

शुक्र 31 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:35–10:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:35–10:16 और 13:04–13:46।

शुक्र 31 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:04–13:46

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:35–10:16 और 13:04–13:46।

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 07:29 से 17:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:35–10:16 और 13:04–13:46।

शुक्र 31 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:29–08:48 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:29 से 17:56, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:56 से 07:30 शनि, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 31 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 11:24–12:43

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:24–12:43।

शुक्र 31 अक्टूबर को यमगंड कब है? 15:20–16:38

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:20–16:38।

शुक्र 31 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 08:48–10:06

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:48–10:06।

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 07:29 से 17:56 तक है, 10 घं 27 मि। इसे 1 घं 18 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 31 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:29, सूर्यास्त 17:56, 10 घं 27 मि का दिन।

शुक्र 31 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:56

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:29, सूर्यास्त 17:56, 10 घं 27 मि का दिन।

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:46 चंद्रोदय 07:48
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:46 चंद्रोदय 07:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 31 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 198.2° पर था: स्वाती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 198.2° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 198.2° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:23 को निकलेगा, विशाखा में।

शुक्र 31 अक्टूबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 391.8° थे, एक चक्कर और 31.8°: आयुष्मान्।

सूर्य 193.6° + चंद्रमा 198.2° = 391.8° एक चक्कर + 31.8° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 193.6° + चंद्रमा 198.2° = 391.8° एक चक्कर + 31.8° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 193.6° + 198.2° = 391.8°, एक पूरा चक्कर और 31.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 19:51 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

शुक्र 31 अक्टूबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 4.6° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 4.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 4.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 09:51 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 20:08 तक।

शुक्र 31 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:29, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:29 से 07:30 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 31 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 30 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 29 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

शुक्र 31 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल शुक्र 31 अक्टूबर पूर्णिमा 15 अक्टू॰ अमावस्या 30 अक्टू॰ पूर्णिमा 14 नव॰ अमावस्या 29 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल शुक्र 31 अक्टूबर पूर्णिमा 15 अक्टू॰ अमावस्या 30 अक्टू॰ पूर्णिमा 14 नव॰ अमावस्या 29 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

शुक्र 31 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2149 · शक 2014

विक्रम संवत 2149 7 अप्रैल 2092 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2092 01:42 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 31 अक्टूबर सूर्य 193.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2092 01:42 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 31 अक्टूबर सूर्य 193.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2092, 01:42 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 200.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2149 गिनता है; शक संवत 2014।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 31 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:48

चंद्रमा यहाँ 07:48 पर उदय होता है।

शुक्र 31 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:46

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:46 चंद्रोदय 07:48
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 07:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:46 चंद्रोदय 07:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:48 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:46 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:48 पर उदय हुआ; वह फिर 18:46 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।