Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 24 सितंबर 2089
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
24 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 24 सितंबर
- 05:14–06:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:50 से
- 08:26–09:50शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:27–13:15अभिजीत मुहूर्त
- 14:21–15:52लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:52–17:22अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:52 के बाद
- 18:52–20:22लाभ चौघड़िया
- 21:52–23:22शुभ चौघड़िया
- 23:22–00:51 रविअमृत चौघड़िया
- 05:21–06:51 रविलाभ चौघड़िया
-
06:20–07:56 रविअमृत कालकृत्तिका में
- 05:15–06:03 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:50–08:20कालअशुभ
- 08:20–09:50शुभ
- 09:50–11:21रोगअशुभ
- 11:21–12:51उद्वेगअशुभ
- 12:51–14:21चरसामान्य
- 14:21–15:52लाभयमगण्ड में
- 15:52–17:22अमृतशुभ
- 17:22–18:52कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:52–20:22लाभशुभ
- 20:22–21:52उद्वेगअशुभ
- 21:52–23:22शुभ
- 23:22–00:51 रविअमृतशुभ
- 00:51–02:21 रविचरसामान्य
- 02:21–03:51 रविरोगअशुभ
- 03:51–05:21 रविकालअशुभ
- 05:21–06:51 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 24 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:02, शुभ
- काल, अशुभ, 06:50–08:20
- शुभ, 08:20–09:50
- रोग, अशुभ, 09:50–11:21
- उद्वेग, अशुभ, 11:21–12:51
- चर, सामान्य, 12:51–14:21
- लाभ, शुभ, 14:21–15:52
- अमृत, शुभ, 15:52–17:22
- काल, अशुभ, 17:22–18:52
- लाभ, शुभ, 18:52–20:22
- उद्वेग, अशुभ, 20:22–21:52
- शुभ, 21:52–23:22
- अमृत, शुभ, 23:22–00:51 रवि
- चर, सामान्य, 00:51–02:21 रवि
- रोग, अशुभ, 02:21–03:51 रवि
- काल, अशुभ, 03:51–05:21 रवि
- लाभ, शुभ, 05:21–06:51 रवि
- गुलिक काल, 06:50–08:20, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:50–07:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:38–08:26, अशुभ
- राहु काल, 09:50–11:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:15, शुभ
- यमगण्ड, 14:21–15:52, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:03 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 24 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 229° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:50। चतुर्थी उससे पहले 04:50 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 04:25 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 20 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्थी है, Sevan में पञ्चमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:10, चतुर्थी की समाप्ति 06:20 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है। पञ्चमी अगले सूर्योदय से पहले, 05:55 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन पञ्चमी नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 06:50, चतुर्थी की समाप्ति 04:50 के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।
शनि 24 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:14–06:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:14–06:02।
शुक्र 23 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:54 शुक्र से सूर्योदय 06:50 तक थी, 11 घं 56 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 24 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:15
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:15।
शनि 24 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:50–07:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:50–07:38 और 07:38–08:26।
शनि 24 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:38–08:26
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:50–07:38 और 07:38–08:26।
यहाँ दिन, 06:50 से 18:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:50–07:38 और 07:38–08:26।
शनि 24 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:50–08:20 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:50 से 18:52, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:52 से 06:51 रवि, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 24 सितंबर को राहुकाल कब है? 09:50–11:21
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:50–11:21।
शनि 24 सितंबर को यमगंड कब है? 14:21–15:52
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:21–15:52।
शनि 24 सितंबर को गुलिक काल कब है? 06:50–08:20
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:50–08:20।
यहाँ दिन 06:50 से 18:52 तक है, 12 घं 2 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 24 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 18:52, 12 घं 2 मि का दिन।
शनि 24 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 18:52, 12 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 24 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 25.7° पर था: भरणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:34 को निकलेगा, कृत्तिका में।
शनि 24 सितंबर को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 182.4° थे: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 156.7° + 25.7° = 182.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 14:03 को समाप्त होता है, फिर वज्र।
शनि 24 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 229° थी: पञ्चमी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 16:41 तक है, जब बढ़त 234° होगी; तैतिल 04:25 रवि तक।
शनि 24 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:50, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:50 से 06:51 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 24 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 4 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
शनि 24 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
शनि 24 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2146 · शक 2011
विक्रम संवत 2146 11 अप्रैल 2089 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2089, 02:47 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 160° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2146 गिनता है; शक संवत 2011।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 24 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:37
चंद्रमा यहाँ 21:37 पर उदय होता है।
शनि 24 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:03
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:03 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:37 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:03 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:37 पर उदय होगा।