tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 14 जनवरी 2087

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

दशमी

शुक्ल पक्ष · 09:35 तक

फिर एकादशी · 07:43 बुध तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

त्योहार

लोहड़ी

लोहड़ी पूजा मुहूर्त
17:56⁠–⁠20:49
प्रदोष काल 17:56⁠–⁠20:49

लोहड़ी मंगल 14 जनवरी को है, बुध 15 जनवरी की मकर संक्रांति से पहले की शाम। मंगल 14 जनवरी क्यों?

लोहड़ी: Sevan में हर तारीख़

व्रत

पौष पुत्रदा एकादशी

पारण समय
13:17⁠–⁠17:57 बुध
बुध 15 जनवरी
व्रत आरंभ
08:21

स्मार्त परंपरा में पौष पुत्रदा एकादशी मंगल 14 जनवरी को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव बुध 15 जनवरी को व्रत रखते हैं। मंगल 14 जनवरी क्यों?

पौष पुत्रदा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:26 08:21 17:56अगला सूर्योदय 08:21 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:21–09:33रोगअशुभ
  • 09:33–10:45उद्वेगअशुभ
  • 10:45–11:57चरसामान्य
  • 11:57–13:09लाभशुभ
  • 13:09–14:20अमृतगुलिक काल में
  • 14:20–15:32कालअशुभ
  • 15:32–16:44शुभराहु काल में
  • 16:44–17:56रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:56–19:44कालअशुभ
  • 19:44–21:32लाभशुभ
  • 21:32–23:20उद्वेगअशुभ
  • 23:20–01:08 बुधशुभ
  • 01:08–02:56 बुधअमृतशुभ
  • 02:56–04:45 बुधचरसामान्य
  • 04:45–06:33 बुधरोगअशुभ
  • 06:33–08:21 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 14 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:26–07:23, शुभ
  • रोग, अशुभ, 08:21–09:33
  • उद्वेग, अशुभ, 09:33–10:45
  • चर, सामान्य, 10:45–11:57
  • लाभ, शुभ, 11:57–13:09
  • अमृत, शुभ, 13:09–14:20
  • काल, अशुभ, 14:20–15:32
  • शुभ, 15:32–16:44
  • रोग, अशुभ, 16:44–17:56
  • काल, अशुभ, 17:56–19:44
  • लाभ, शुभ, 19:44–21:32
  • उद्वेग, अशुभ, 21:32–23:20
  • शुभ, 23:20–01:08 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:08–02:56 बुध
  • चर, सामान्य, 02:56–04:45 बुध
  • रोग, अशुभ, 04:45–06:33 बुध
  • काल, अशुभ, 06:33–08:21 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 10:16–10:54, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:45–11:57, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:49–13:28, शुभ
  • गुलिक काल, 13:09–14:20, अशुभ
  • राहु काल, 15:32–16:44, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:42–00:40 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:25–07:23 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में लोहड़ी मंगल 14 जनवरी को क्यों है?

लोहड़ी मंगल 14 जनवरी को है, बुध 15 जनवरी की मकर संक्रांति से पहले की शाम।

1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी; तारे स्थिर (निरयन, लाहिड़ी)। पास से: एक ही घड़ी पर (UTC+4) सूर्य का पथ: ऊपर उसकी राशि, नीचे दिन और रात। सूर्य: हर सूर्योदय पर, अपने भोगांश के साथ, और जहाँ वह प्रवेश करता है। खाना: प्रदोष काल।

लोहड़ी की आग मकर संक्रांति से पहले की शाम जलाई जाती है। सूर्य 05:03 बुध पर मकर में प्रवेश करता है, और मकर संक्रांति बुध 15 जनवरी को है: मंगल 14 जनवरी। लोहड़ी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

लोहड़ी: Sevan में हर तारीख़

Sevan में पौष पुत्रदा एकादशी मंगल 14 जनवरी को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में पौष पुत्रदा एकादशी मंगल 14 जनवरी को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव बुध 15 जनवरी को व्रत रखते हैं।

दशमी 08:21 09:35 05:00 06:00 07:00 08:00 मंगल 14 जनवरी स्मार्त अरुणोदय 06:45–08:21 एकादशी 09:35 से
दशमी 08:21 09:35 05:00 07:00 मंगल 14 जनवरी स्मार्त अरुणोदय 06:45–08:21 एकादशी 09:35 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह मंगल 14 जनवरी को 09:35 पर, उस सूर्योदय (08:21) के बाद, लगती है और बुध 15 जनवरी को 07:43 पर, अगले सूर्योदय (08:21 बुध) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 14 जनवरी।

पौष पुत्रदा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

मंगल 14 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.3° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:21। नवमी उससे पहले 11:31 सोम पर समाप्त हुई। दशमी 09:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 5 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी मंगल 14 जनवरी सुबह बुध 15 जनवरी सुबह Sevan UTC+4 09:35 07:43 08:21 दशमी 08:21 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी मंगल 14 जनवरी सुबह बुध 15 जनवरी सुबह Sevan UTC+4 09:35 07:43 08:21 दशमी 08:21 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 09:35 को शुरू हुई और 07:43 बुध को समाप्त, 08:21 और 08:21 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को दशमी है और बुधवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

मंगल 14 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:26–07:23

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:26–07:23।

सूर्यास्त 17:55 सोम सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 13 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:55 सोम सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 13 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 13 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:55 सोम से सूर्योदय 08:21 तक थी, 14 घं 26 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 14 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:49–13:28

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:49–13:28।

मंगल 14 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:16–10:54

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:16–10:54, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:42–00:40 बुध।

मंगल 14 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:42–00:40 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:16–10:54, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:42–00:40 बुध।

सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 08:21 से 17:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 10:16–10:54 और 23:42–00:40 बुध।

मंगल 14 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:21–09:33 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:21 से 17:56, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:56 से 08:21 बुध, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 14 जनवरी को राहुकाल कब है? 15:32–16:44

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:32–16:44।

मंगल 14 जनवरी को यमगंड कब है? 10:45–11:57

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:45–11:57।

मंगल 14 जनवरी को गुलिक काल कब है? 13:09–14:20

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:09–14:20।

सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 08:21 से 17:56 तक है, 9 घं 35 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 14 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:21, सूर्यास्त 17:56, 9 घं 35 मि का दिन।

मंगल 14 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:56

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:21, सूर्यास्त 17:56, 9 घं 35 मि का दिन।

सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:51 बुध चंद्रोदय 13:49
सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:51 बुध चंद्रोदय 13:49
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 14 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 28.5° पर था: कृत्तिका, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 28.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 28.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 26°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:05 बुध को निकलेगा, रोहिणी में।

मंगल 14 जनवरी को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 297.6° थे: शुभ।

सूर्य 269.1° + चंद्रमा 28.5° = 297.6° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 269.1° + चंद्रमा 28.5° = 297.6° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 269.1° + 28.5° = 297.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 22:50 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

मंगल 14 जनवरी को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 119.3° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 22:33 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 09:35 तक है।

मंगल 14 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 08:21, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:21 से 08:21 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 14 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 5 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 15 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 3 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

मंगल 14 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल मंगल 14 जनवरी पूर्णिमा 20 दिस॰ अमावस्या 5 जन॰ पूर्णिमा 19 जन॰ अमावस्या 3 फ़र॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल मंगल 14 जनवरी पूर्णिमा 20 दिस॰ अमावस्या 5 जन॰ पूर्णिमा 19 जन॰ अमावस्या 3 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।

मंगल 14 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2143 · शक 2008

विक्रम संवत 2143 15 मार्च 2086 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2086 12:05 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 14 जनवरी सूर्य 269.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2086 12:05 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 14 जनवरी सूर्य 269.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2086, 12:05 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 299° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2143 गिनता है; शक संवत 2008।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 14 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:49

चंद्रमा यहाँ 13:49 पर उदय होता है।

मंगल 14 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:51 बुध

सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:51 बुध चंद्रोदय 13:49
सूर्योदय 08:21 सूर्यास्त 17:56 सूर्योदय 08:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:51 बुध चंद्रोदय 13:49
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:49 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:51 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:49 पर उदय हुआ; वह फिर 04:51 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।