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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 20 मई 2083

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:23 05:39 20:14अगला सूर्योदय 05:38 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:39–07:28शुभयमगण्ड में
  • 07:28–09:18रोगअशुभ
  • 09:18–11:07उद्वेगअशुभ
  • 11:07–12:56चरसामान्य
  • 12:56–14:46लाभशुभ
  • 14:46–16:35अमृतराहु काल में
  • 16:35–18:25कालअशुभ
  • 18:25–20:14शुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:14–21:25अमृतशुभ
  • 21:25–22:35चरसामान्य
  • 22:35–23:46रोगअशुभ
  • 23:46–00:56 शुक्रकालअशुभ
  • 00:56–02:07 शुक्रलाभशुभ
  • 02:07–03:17 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:17–04:28 शुक्रशुभ
  • 04:28–05:38 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 20 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:01, शुभ
  • शुभ, 05:39–07:28
  • रोग, अशुभ, 07:28–09:18
  • उद्वेग, अशुभ, 09:18–11:07
  • चर, सामान्य, 11:07–12:56
  • लाभ, शुभ, 12:56–14:46
  • अमृत, शुभ, 14:46–16:35
  • काल, अशुभ, 16:35–18:25
  • शुभ, 18:25–20:14
  • अमृत, शुभ, 20:14–21:25
  • चर, सामान्य, 21:25–22:35
  • रोग, अशुभ, 22:35–23:46
  • काल, अशुभ, 23:46–00:56 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:56–02:07 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:07–03:17 शुक्र
  • शुभ, 03:17–04:28 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:28–05:38 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:39–07:28, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:18–11:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:31–11:29, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:26, शुभ
  • राहु काल, 14:46–16:35, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:21–17:19, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:00 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 20 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 36.2° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 36.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 36.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:39। तृतीया उससे पहले 05:17 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:16 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 16 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

चतुर्थी यहाँ गुरु 20 और शुक्र 21 मई दोनों के सूर्योदय पर है।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी गुरु 20 मई सुबह शुक्र 21 मई सुबह Sevan UTC+4 05:17 07:16 05:39 चतुर्थी 05:38 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी गुरु 20 मई सुबह शुक्र 21 मई सुबह Sevan UTC+4 05:17 07:16 05:39 चतुर्थी 05:38 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 05:17 को, सूर्योदय 05:39 से पहले, शुरू हुई और 07:16 शुक्र को, अगले सूर्योदय 05:38 शुक्र के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, Sevan में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी गुरु 20 मई सुबह शुक्र 21 मई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 06:47 05:17 08:46 07:16 05:27 तृतीया 05:27 चतुर्थी 05:39 चतुर्थी 05:38 चतुर्थी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी गुरु 20 मई सुबह शुक्र 21 मई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 06:47 05:17 08:46 07:16 05:27 तृतीया 05:27 चतुर्थी 05:39 चतुर्थी 05:38 चतुर्थी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:27, तृतीया की समाप्ति 06:47 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 05:39, तृतीया की समाप्ति 05:17 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

गुरु 20 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:23–05:01

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:23–05:01।

सूर्यास्त 20:13 बुध सूर्योदय 05:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 19 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:13 बुध सूर्योदय 05:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 19 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 19 मई की रात सूर्यास्त 20:13 बुध से सूर्योदय 05:39 तक थी, 9 घं 26 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 20 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:26।

गुरु 20 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:31–11:29

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:31–11:29 और 16:21–17:19।

गुरु 20 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:21–17:19

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:31–11:29 और 16:21–17:19।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:39 से 20:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:31–11:29 और 16:21–17:19।

गुरु 20 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:39–07:28 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:39 से 20:14, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:14 से 05:38 शुक्र, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 20 मई को राहुकाल कब है? 14:46–16:35

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:46–16:35।

गुरु 20 मई को यमगंड कब है? 05:39–07:28

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:39–07:28।

गुरु 20 मई को गुलिक काल कब है? 09:18–11:07

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–11:07।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:39 से 20:14 तक है, 14 घं 35 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 20 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:39

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 20:14, 14 घं 35 मि का दिन।

गुरु 20 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 20:14, 14 घं 35 मि का दिन।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:42 चंद्रोदय 07:59
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:42 चंद्रोदय 07:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 20 मई को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 70.4° पर था: आर्द्रा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 70.4° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 70.4° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 00:43 शुक्र को निकलेगा, पुनर्वसु में।

गुरु 20 मई को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 104.7° थे: धृति।

सूर्य 34.3° + चंद्रमा 70.4° = 104.7° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 34.3° + चंद्रमा 70.4° = 104.7° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 34.3° + 70.4° = 104.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 09:16 को समाप्त होता है, फिर शूल।

गुरु 20 मई को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 36.2° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 36.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 36.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:19 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 07:16 शुक्र तक।

गुरु 20 मई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:39, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:39 से 05:38 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 20 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

16 मई और 15 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 मई 22:15 रवि से 15 जून 13:39 मंगल तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 16 जून 01:47 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।

गुरु 20 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 20 मई पूर्णिमा 2 मई अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 20 मई पूर्णिमा 2 मई अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।

गुरु 20 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2140 · शक 2005

विक्रम संवत 2140 18 मार्च 2083 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 2083 13:58 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 20 मई सूर्य 34.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 2083 13:58 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 20 मई सूर्य 34.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 2083, 13:58 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 61.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2140 गिनता है; शक संवत 2005।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 20 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:59

चंद्रमा यहाँ 07:59 पर उदय होता है।

गुरु 20 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:42

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:42 चंद्रोदय 07:59
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 20:14 सूर्योदय 05:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:42 चंद्रोदय 07:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:59 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:42 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:59 पर उदय हुआ; वह फिर 23:42 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।