tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 30 दिसंबर 2081

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 08:29 तक

फिर प्रतिपदा · 08:23 बुध तक

व्रत

अमावस्या

अमावस्या मंगल 30 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 30 दिसंबर क्यों?

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:25 08:22 17:42अगला सूर्योदय 08:23 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:22–09:32रोगअशुभ
  • 09:32–10:42उद्वेगअशुभ
  • 10:42–11:52चरसामान्य
  • 11:52–13:02लाभशुभ
  • 13:02–14:12अमृतगुलिक काल में
  • 14:12–15:22कालअशुभ
  • 15:22–16:32शुभराहु काल में
  • 16:32–17:42रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:42–19:32कालअशुभ
  • 19:32–21:22लाभशुभ
  • 21:22–23:12उद्वेगअशुभ
  • 23:12–01:02 बुधशुभ
  • 01:02–02:52 बुधअमृतशुभ
  • 02:52–04:42 बुधचरसामान्य
  • 04:42–06:33 बुधरोगअशुभ
  • 06:33–08:23 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 30 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:25–07:24, शुभ
  • रोग, अशुभ, 08:22–09:32
  • उद्वेग, अशुभ, 09:32–10:42
  • चर, सामान्य, 10:42–11:52
  • लाभ, शुभ, 11:52–13:02
  • अमृत, शुभ, 13:02–14:12
  • काल, अशुभ, 14:12–15:22
  • शुभ, 15:22–16:32
  • रोग, अशुभ, 16:32–17:42
  • काल, अशुभ, 17:42–19:32
  • लाभ, शुभ, 19:32–21:22
  • उद्वेग, अशुभ, 21:22–23:12
  • शुभ, 23:12–01:02 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:02–02:52 बुध
  • चर, सामान्य, 02:52–04:42 बुध
  • रोग, अशुभ, 04:42–06:33 बुध
  • काल, अशुभ, 06:33–08:23 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 10:14–10:52, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:42–11:52, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:44–13:21, शुभ
  • गुलिक काल, 13:02–14:12, अशुभ
  • राहु काल, 15:22–16:32, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:34–00:33 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:25–07:24 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अमावस्या मंगल 30 दिसंबर को क्यों है?

अमावस्या मंगल 30 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी अमावस्या 09:08 07:00 08:00 10:00 सोम 29 दिसंबर सूर्योदय 08:22
चतुर्दशी अमावस्या 09:08 07:00 08:00 10:00 सोम 29 दिसंबर सूर्योदय 08:22
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 29 दिसंबर को 09:08 से मंगल 30 दिसंबर को 08:29 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 30 दिसंबर के सूर्योदय (08:22) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

मंगल 30 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:22। चतुर्दशी उससे पहले 09:08 सोम पर समाप्त हुई। अमावस्या 08:29 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 16 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 30 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:25–07:24

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:25–07:24।

सूर्यास्त 17:41 सोम सूर्योदय 08:22 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 29 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:41 सोम सूर्योदय 08:22 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 29 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 29 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:41 सोम से सूर्योदय 08:22 तक थी, 14 घं 41 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 30 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:44–13:21

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:44–13:21।

मंगल 30 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:14–10:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:14–10:52, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:34–00:33 बुध।

मंगल 30 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:34–00:33 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:14–10:52, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:34–00:33 बुध।

सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 08:22 से 17:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 10:14–10:52 और 23:34–00:33 बुध।

मंगल 30 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:22–09:32 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:22 से 17:42, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:42 से 08:23 बुध, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 30 दिसंबर को राहुकाल कब है? 15:22–16:32

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:22–16:32।

मंगल 30 दिसंबर को यमगंड कब है? 10:42–11:52

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:42–11:52।

मंगल 30 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:02–14:12

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:02–14:12।

सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 08:22 से 17:42 तक है, 9 घं 20 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 30 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:22, सूर्यास्त 17:42, 9 घं 20 मि का दिन।

मंगल 30 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:42

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:22, सूर्यास्त 17:42, 9 घं 20 मि का दिन।

सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:42 चंद्रोदय 08:50
सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:42 चंद्रोदय 08:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 30 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 254.1° पर था: पूर्वाषाढा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 254.1° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 254.1° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 253°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 07:30 बुध को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

मंगल 30 दिसंबर को कौन सा योग है? ध्रुव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 508.2° थे, एक चक्कर और 148.2°: ध्रुव।

सूर्य 254.1° + चंद्रमा 254.1° = 508.2° एक चक्कर + 148.2° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 254.1° + चंद्रमा 254.1° = 508.2° एक चक्कर + 148.2° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 254.1° + 254.1° = 508.2°, एक पूरा चक्कर और 148.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 04:27 बुध को समाप्त होता है, फिर व्याघात।

मंगल 30 दिसंबर को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 359.9° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 20:45 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 08:29 तक है।

मंगल 30 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 08:22, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:22 से 08:23 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 30 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 30 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 30 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

मंगल 30 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त पौष मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 30 दिसंबर अमावस्या 30 नव॰ पूर्णिमा 16 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰
अमान्त पूर्णिमान्त पौष मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 30 दिसंबर अमावस्या 30 नव॰ पूर्णिमा 16 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

मंगल 30 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2138 · शक 2003

विक्रम संवत 2138 9 अप्रैल 2081 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2081 12:16 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 30 दिसंबर सूर्य 254.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2081 12:16 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 30 दिसंबर सूर्य 254.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2081, 12:16 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 258.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2138 गिनता है; शक संवत 2003।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 30 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:50

चंद्रमा यहाँ 08:50 पर उदय होता है।

मंगल 30 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:42

सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:42 चंद्रोदय 08:50
सूर्योदय 08:22 सूर्यास्त 17:42 सूर्योदय 08:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:42 चंद्रोदय 08:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:50 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 17:42 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:50 पर उदय हुआ; वह फिर 17:42 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त दिन में पड़ता है।