Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 15 अप्रैल 2079
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
त्योहार
मेष संक्रांति
मेष संक्रांति शनि 15 अप्रैल को है: सूर्य रात में, 21:55 शुक्र पर, मेष में प्रवेश करता है। शनि 15 अप्रैल क्यों?
मेष संक्रांति: Sevan में हर तारीख़15 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 15 अप्रैल
- 04:55–05:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:21 से
- 08:08–09:41शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
11:20–12:31अमृत कालराहु काल छोड़कर · हस्त में
- 12:33–13:26अभिजीत मुहूर्त
- 14:40–16:19लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:19–17:59अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:39 के बाद
- 19:39–20:59लाभ चौघड़िया
- 22:19–23:39शुभ चौघड़िया
- 23:39–00:59 रविअमृत चौघड़िया
- 05:00–06:20 रविलाभ चौघड़िया
- 04:54–05:37 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:21–08:01कालअशुभ
- 08:01–09:41शुभ
- 09:41–11:20रोगअशुभ
- 11:20–13:00उद्वेगअशुभ
- 13:00–14:40चरसामान्य
- 14:40–16:19लाभयमगण्ड में
- 16:19–17:59अमृतशुभ
- 17:59–19:39कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:39–20:59लाभशुभ
- 20:59–22:19उद्वेगअशुभ
- 22:19–23:39शुभ
- 23:39–00:59 रविअमृतशुभ
- 00:59–02:19 रविचरसामान्य
- 02:19–03:39 रविरोगअशुभ
- 03:39–05:00 रविकालअशुभ
- 05:00–06:20 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 15 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:55–05:38, शुभ
- काल, अशुभ, 06:21–08:01
- शुभ, 08:01–09:41
- रोग, अशुभ, 09:41–11:20
- उद्वेग, अशुभ, 11:20–13:00
- चर, सामान्य, 13:00–14:40
- लाभ, शुभ, 14:40–16:19
- अमृत, शुभ, 16:19–17:59
- काल, अशुभ, 17:59–19:39
- लाभ, शुभ, 19:39–20:59
- उद्वेग, अशुभ, 20:59–22:19
- शुभ, 22:19–23:39
- अमृत, शुभ, 23:39–00:59 रवि
- चर, सामान्य, 00:59–02:19 रवि
- रोग, अशुभ, 02:19–03:39 रवि
- काल, अशुभ, 03:39–05:00 रवि
- लाभ, शुभ, 05:00–06:20 रवि
- गुलिक काल, 06:21–08:01, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:21–07:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:14–08:08, अशुभ
- राहु काल, 09:41–11:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:33–13:26, शुभ
- यमगण्ड, 14:40–16:19, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:37 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में मेष संक्रांति शनि 15 अप्रैल को क्यों है?
मेष संक्रांति शनि 15 अप्रैल को है: सूर्य रात में, 21:55 शुक्र पर, मेष में प्रवेश करता है।
सूर्य 21:55 शुक्र पर, सूर्यास्त (19:38 शुक्र) के बाद, मेष में प्रवेश करता है, इसलिए अगला दिन लिया जाता है: शनि 15 अप्रैल। मेष संक्रांति का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; संक्रांति Tithika की परिपाटी है।
शनि 15 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 167.4° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:21। त्रयोदशी उससे पहले 06:42 शुक्र पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:40 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 2 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 15 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:55–05:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:55–05:38।
शुक्र 14 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:38 शुक्र से सूर्योदय 06:21 तक थी, 10 घं 43 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 15 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:33–13:26
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:33–13:26।
शनि 15 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 06:21–07:14
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:21–07:14 और 07:14–08:08।
शनि 15 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 07:14–08:08
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:21–07:14 और 07:14–08:08।
यहाँ दिन, 06:21 से 19:39, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:21–07:14 और 07:14–08:08।
शनि 15 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:21–08:01 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:21 से 19:39, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:39 से 06:20 रवि, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 15 अप्रैल को राहुकाल कब है? 09:41–11:20
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:41–11:20।
शनि 15 अप्रैल को यमगंड कब है? 14:40–16:19
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:40–16:19।
शनि 15 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 06:21–08:01
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:21–08:01।
यहाँ दिन 06:21 से 19:39 तक है, 13 घं 18 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 15 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 19:39, 13 घं 18 मि का दिन।
शनि 15 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 19:39, 13 घं 18 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 15 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 167.7° पर था: हस्त, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:14 को निकलेगा, चित्रा में।
शनि 15 अप्रैल को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 168° थे: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 0.3° + 167.7° = 168°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 15:49 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
शनि 15 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 167.4° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 19:08 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 07:40 तक है।
शनि 15 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:21, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:21 से 06:20 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 15 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 2 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 1 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
शनि 15 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
शनि 15 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2136 · शक 2001
विक्रम संवत 2136 2 अप्रैल 2079 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2079, 05:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 12.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2136 गिनता है; शक संवत 2001।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 15 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:59
चंद्रमा यहाँ 18:59 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:59 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।