Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 25 अगस्त 2075
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
त्योहार
रक्षा बंधन
रक्षा बंधन रवि 25 अगस्त को है, भद्रा समाप्त होने (18:19) के बाद। रवि 25 अगस्त क्यों?
रक्षा बंधन: Sevan में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा रवि 25 अगस्त को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। रवि 25 अगस्त क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़25 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 25 अगस्त
- 04:55–05:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:20 से
- 09:41–11:21लाभ चौघड़िया
- 11:21–13:01अमृत चौघड़िया
- 12:35–13:01अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:42–16:22शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:43 के बाद
- 19:43–21:02शुभ चौघड़िया
- 21:02–22:22अमृत चौघड़िया
- 02:22–03:41 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:01–06:21 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:56–05:38 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:20–08:00उद्वेगअशुभ
- 08:00–09:41चरसामान्य
- 09:41–11:21लाभशुभ
- 11:21–13:01अमृतशुभ
- 13:01–14:42कालअशुभ
- 14:42–16:22शुभ
- 16:22–18:02रोगअशुभ
- 18:02–19:43उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:43–21:02शुभ
- 21:02–22:22अमृतशुभ
- 22:22–23:42चरसामान्य
- 23:42–01:02 सोमरोगअशुभ
- 01:02–02:22 सोमकालअशुभ
- 02:22–03:41 सोमलाभशुभ
- 03:41–05:01 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:01–06:21 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 25 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:55–05:38, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:20–08:00
- चर, सामान्य, 08:00–09:41
- लाभ, शुभ, 09:41–11:21
- अमृत, शुभ, 11:21–13:01
- काल, अशुभ, 13:01–14:42
- शुभ, 14:42–16:22
- रोग, अशुभ, 16:22–18:02
- उद्वेग, अशुभ, 18:02–19:43
- शुभ, 19:43–21:02
- अमृत, शुभ, 21:02–22:22
- चर, सामान्य, 22:22–23:42
- रोग, अशुभ, 23:42–01:02 सोम
- काल, अशुभ, 01:02–02:22 सोम
- लाभ, शुभ, 02:22–03:41 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:41–05:01 सोम
- शुभ, 05:01–06:21 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:35–13:28, शुभ
- यमगण्ड, 13:01–14:42, अशुभ
- गुलिक काल, 16:22–18:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:56–18:49, अशुभ
- राहु काल, 18:02–19:43, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:38 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में रक्षा बंधन रवि 25 अगस्त को क्यों है?
रक्षा बंधन रवि 25 अगस्त को है, भद्रा समाप्त होने (18:19) के बाद।
राखी अपराह्न में, भद्रा के बाहर, बाँधी जाती है: दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। पूर्णिमा रवि 25 अगस्त को 07:49 से सोम 26 अगस्त को 04:51 तक है, इसलिए केवल रविवार का अपराह्न (14:22–17:02) उसके भीतर है। भद्रा 18:19 तक है, और धर्मसिंधु विधि भद्रा में नहीं करवाता: यह 18:19 से होती है। हर मत यही दिन लेता है।
रक्षा बंधन मुहूर्त: भद्रा के बाद का समय, 18:19 पर।
Sevan में पूर्णिमा रवि 25 अगस्त को क्यों है?
पूर्णिमा रवि 25 अगस्त को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 25 अगस्त को 07:49 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और सोम 26 अगस्त को 04:51 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: रवि 25 अगस्त। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 25 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 167.1° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:20। त्रयोदशी उससे पहले 10:55 शनि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 12 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा क्षय क्यों है?
पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 07:49 को शुरू हुई और 04:51 सोम को समाप्त, 06:20 और 06:21 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को चतुर्दशी है और सोमवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।
रवि 25 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:55–05:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:55–05:38।
शनि 24 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:44 शनि से सूर्योदय 06:20 तक थी, 10 घं 36 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 25 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:35–13:28
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:35–13:28।
रवि 25 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 17:56–18:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:56–18:49।
यहाँ दिन, 06:20 से 19:43, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:56–18:49।
रवि 25 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:20–08:00 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:20 से 19:43, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:43 से 06:21 सोम, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 25 अगस्त को राहुकाल कब है? 18:02–19:43
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:02–19:43।
रवि 25 अगस्त को यमगंड कब है? 13:01–14:42
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:01–14:42।
रवि 25 अगस्त को गुलिक काल कब है? 16:22–18:02
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:22–18:02।
यहाँ दिन 06:20 से 19:43 तक है, 13 घं 23 मि। इसे 1 घं 40 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 25 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 19:43, 13 घं 23 मि का दिन।
रवि 25 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 19:43, 13 घं 23 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 25 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 294.3° पर था: धनिष्ठा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 293°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:34 सोम को निकलेगा, शतभिषा में।
रवि 25 अगस्त को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 421.5° थे, एक चक्कर और 61.5°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 127.2° + 294.3° = 421.5°, एक पूरा चक्कर और 61.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 14:19 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
रवि 25 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 167.1° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:22 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 07:49 तक है।
रवि 25 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:20, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:20 से 06:21 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 25 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 12 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 10 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
रवि 25 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
रवि 25 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2132 · शक 1997
विक्रम संवत 2132 16 मार्च 2075 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2075, 23:26 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 155.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2132 गिनता है; शक संवत 1997।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 25 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:43
चंद्रमा यहाँ 19:43 पर उदय होता है।
चंद्रमा 19:43 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।