Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 14 मई 2075
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 14 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 14 मई क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़14 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 14 मई
- 04:27–05:06ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:44 से
- 11:08–12:56लाभ चौघड़िया
- 12:27–12:56अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:56–14:44अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:32–18:20शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 20:08 के बाद
- 21:20–22:32लाभ चौघड़िया
- 23:44–23:58शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:37–00:56 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:56–02:08 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:27–05:05 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:44–07:32रोगअशुभ
- 07:32–09:20उद्वेगअशुभ
- 09:20–11:08चरसामान्य
- 11:08–12:56लाभशुभ
- 12:56–14:44अमृतगुलिक काल में
- 14:44–16:32कालअशुभ
- 16:32–18:20शुभराहु काल में
- 18:20–20:08रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:08–21:20कालअशुभ
- 21:20–22:32लाभशुभ
- 22:32–23:44उद्वेगअशुभ
- 23:44–00:56 बुधशुभ
- 00:56–02:08 बुधअमृतशुभ
- 02:08–03:19 बुधचरसामान्य
- 03:19–04:31 बुधरोगअशुभ
- 04:31–05:43 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 14 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:06, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:44–07:32
- उद्वेग, अशुभ, 07:32–09:20
- चर, सामान्य, 09:20–11:08
- लाभ, शुभ, 11:08–12:56
- अमृत, शुभ, 12:56–14:44
- काल, अशुभ, 14:44–16:32
- शुभ, 16:32–18:20
- रोग, अशुभ, 18:20–20:08
- काल, अशुभ, 20:08–21:20
- लाभ, शुभ, 21:20–22:32
- उद्वेग, अशुभ, 22:32–23:44
- शुभ, 23:44–00:56 बुध
- अमृत, शुभ, 00:56–02:08 बुध
- चर, सामान्य, 02:08–03:19 बुध
- रोग, अशुभ, 03:19–04:31 बुध
- काल, अशुभ, 04:31–05:43 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:37–09:35, अशुभ
- यमगण्ड, 09:20–11:08, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:25, शुभ
- गुलिक काल, 12:56–14:44, अशुभ
- राहु काल, 16:32–18:20, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:58–00:37 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:05 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में अमावस्या मंगल 14 मई को क्यों है?
अमावस्या मंगल 14 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 14 मई को 01:48 से बुध 15 मई को 03:23 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 14 मई के सूर्योदय (05:44) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 14 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 349.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:44। चतुर्दशी उससे पहले 01:48 पर समाप्त हुई। अमावस्या 03:23 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 30 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 14 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:27–05:06
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:27–05:06।
सोम 13 मई की रात सूर्यास्त 20:07 सोम से सूर्योदय 05:44 तक थी, 9 घं 37 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 14 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:25।
मंगल 14 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:37–09:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:37–09:35, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:58–00:37 बुध।
मंगल 14 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:58–00:37 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:37–09:35, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:58–00:37 बुध।
यहाँ दिन, 05:44 से 20:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:37–09:35 और 23:58–00:37 बुध।
मंगल 14 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:44–07:32 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:44 से 20:08, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:08 से 05:43 बुध, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 14 मई को राहुकाल कब है? 16:32–18:20
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:32–18:20।
मंगल 14 मई को यमगंड कब है? 09:20–11:08
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:20–11:08।
मंगल 14 मई को गुलिक काल कब है? 12:56–14:44
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:56–14:44।
यहाँ दिन 05:44 से 20:08 तक है, 14 घं 24 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 14 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 20:08, 14 घं 24 मि का दिन।
मंगल 14 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 20:08, 14 घं 24 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 14 मई को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 18.4° पर था: भरणी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 16°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:58 को निकलेगा, कृत्तिका में।
मंगल 14 मई को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 46.9° थे: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 28.5° + 18.4° = 46.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 17:22 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
मंगल 14 मई को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 349.9° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 14:32 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 03:23 बुध तक।
मंगल 14 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:44, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:44 से 05:43 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 14 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)
15 अप्रैल और 15 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 अप्रैल 12:56 सोम से 15 मई 03:23 बुध तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 15 मई 18:09 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।
मंगल 14 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख (अधिक) है, और अमान्त गणना में वैशाख (अधिक)।
मंगल 14 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2132 · शक 1997
विक्रम संवत 2132 16 मार्च 2075 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2075, 23:26 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 57.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2132 गिनता है; शक संवत 1997।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 14 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:33
चंद्रमा यहाँ 19:33 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 19:33 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।