Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 10 नवंबर 2072
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
त्योहार
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा गुरु 10 नवंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। गुरु 10 नवंबर क्यों?
गोवर्धन पूजा: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या गुरु 10 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। गुरु 10 नवंबर क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़10 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 10 नवंबर
- 05:49–06:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:41 से
- 07:41–08:56शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:23–13:03अभिजीत मुहूर्त
- 12:43–13:59लाभ चौघड़िया
- 13:59–15:15अमृत चौघड़ियाराहु काल में
-
16:16–17:45अमृत कालविशाखा में
- 16:30–17:46शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:46 के बाद
- 17:46–19:30अमृत चौघड़िया
- 00:44–02:28 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:13–05:57 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:57–07:42 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:50–06:46 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:41–08:56शुभयमगण्ड में
- 08:56–10:12रोगअशुभ
- 10:12–11:28उद्वेगअशुभ
- 11:28–12:43चरसामान्य
- 12:43–13:59लाभशुभ
- 13:59–15:15अमृतराहु काल में
- 15:15–16:30कालअशुभ
- 16:30–17:46शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:46–19:30अमृतशुभ
- 19:30–21:15चरसामान्य
- 21:15–22:59रोगअशुभ
- 22:59–00:44 शुक्रकालअशुभ
- 00:44–02:28 शुक्रलाभशुभ
- 02:28–04:13 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:13–05:57 शुक्रशुभ
- 05:57–07:42 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 10 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:49–06:45, शुभ
- शुभ, 07:41–08:56
- रोग, अशुभ, 08:56–10:12
- उद्वेग, अशुभ, 10:12–11:28
- चर, सामान्य, 11:28–12:43
- लाभ, शुभ, 12:43–13:59
- अमृत, शुभ, 13:59–15:15
- काल, अशुभ, 15:15–16:30
- शुभ, 16:30–17:46
- अमृत, शुभ, 17:46–19:30
- चर, सामान्य, 19:30–21:15
- रोग, अशुभ, 21:15–22:59
- काल, अशुभ, 22:59–00:44 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:44–02:28 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:28–04:13 शुक्र
- शुभ, 04:13–05:57 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:57–07:42 शुक्र
- यमगण्ड, 07:41–08:56, अशुभ
- गुलिक काल, 10:12–11:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:02–11:43, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:23–13:03, शुभ
- राहु काल, 13:59–15:15, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:04–15:45, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:50–06:46 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में गोवर्धन पूजा गुरु 10 नवंबर को क्यों है?
गोवर्धन पूजा गुरु 10 नवंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा गुरु 10 नवंबर को 08:22 से शुक्र 11 नवंबर को 06:07 तक है, इसलिए वह केवल गुरुवार के प्रातःकाल (07:41–09:42) को छूती है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
Sevan में अमावस्या गुरु 10 नवंबर को क्यों है?
अमावस्या गुरु 10 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 9 नवंबर को 10:58 से गुरु 10 नवंबर को 08:22 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 10 नवंबर के सूर्योदय (07:41) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 10 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.6° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:41। चतुर्दशी उससे पहले 10:58 बुध पर समाप्त हुई। अमावस्या 08:22 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 27 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 08:22 को शुरू हुई और 06:07 शुक्र को समाप्त, 07:41 और 07:42 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को अमावस्या है और शुक्रवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
गुरु 10 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:49–06:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:49–06:45।
बुध 9 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:47 बुध से सूर्योदय 07:41 तक थी, 13 घं 54 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 10 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:23–13:03
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:23–13:03।
गुरु 10 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:02–11:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:02–11:43 और 15:04–15:45।
गुरु 10 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:04–15:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:02–11:43 और 15:04–15:45।
यहाँ दिन, 07:41 से 17:46, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:02–11:43 और 15:04–15:45।
गुरु 10 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:41–08:56 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:41 से 17:46, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:46 से 07:42 शुक्र, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 10 नवंबर को राहुकाल कब है? 13:59–15:15
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:59–15:15।
गुरु 10 नवंबर को यमगंड कब है? 07:41–08:56
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:41–08:56।
गुरु 10 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:12–11:28
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:12–11:28।
यहाँ दिन 07:41 से 17:46 तक है, 10 घं 5 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 10 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:41, सूर्यास्त 17:46, 10 घं 5 मि का दिन।
गुरु 10 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:41, सूर्यास्त 17:46, 10 घं 5 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 10 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 203.4° पर था: विशाखा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 00:28 शुक्र को निकलेगा, अनुराधा में।
गुरु 10 नवंबर को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 407.1° थे, एक चक्कर और 47.1°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 203.7° + 203.4° = 407.1°, एक पूरा चक्कर और 47.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 17:29 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
गुरु 10 नवंबर को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 359.6° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 21:38 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 08:22 तक है।
गुरु 10 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:41, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:41 से 07:42 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 10 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 11 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 10 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
गुरु 10 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
गुरु 10 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2129 · शक 1994
विक्रम संवत 2129 20 मार्च 2072 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2072, 00:22 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 228.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2129 गिनता है; शक संवत 1994।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 10 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:20
चंद्रमा यहाँ 18:20 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:20 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।