tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 12 अक्टूबर 2071

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 07:33 तक

फिर चतुर्थी · 06:10 मंगल तक

यहाँ कोई दिन चतुर्थी नहीं कारण जानें

त्योहार

करवा चौथ

चंद्रोदय
20:43
सरगी
05:26⁠–⁠07:07
व्रत
07:07⁠–⁠20:43
करवा चौथ पूजा मुहूर्त
18:24⁠–⁠20:43

करवा चौथ सोम 12 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 12 अक्टूबर क्यों?

करवा चौथ: Sevan में हर तारीख़

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:43

संकष्टी चतुर्थी सोम 12 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 12 अक्टूबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:26 07:07 18:24अगला सूर्योदय 07:08 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:07–08:32अमृतशुभ
  • 08:32–09:56कालअशुभ
  • 09:56–11:21शुभ
  • 11:21–12:46रोगअशुभ
  • 12:46–14:10उद्वेगअशुभ
  • 14:10–15:35चरसामान्य
  • 15:35–17:00लाभशुभ
  • 17:00–18:24अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:24–20:00चरसामान्य
  • 20:00–21:35रोगअशुभ
  • 21:35–23:11कालअशुभ
  • 23:11–00:46 मंगललाभशुभ
  • 00:46–02:22 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:22–03:57 मंगलशुभ
  • 03:57–05:33 मंगलअमृतशुभ
  • 05:33–07:08 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 12 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:16, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:07–08:32
  • काल, अशुभ, 08:32–09:56
  • शुभ, 09:56–11:21
  • रोग, अशुभ, 11:21–12:46
  • उद्वेग, अशुभ, 12:46–14:10
  • चर, सामान्य, 14:10–15:35
  • लाभ, शुभ, 15:35–17:00
  • अमृत, शुभ, 17:00–18:24
  • चर, सामान्य, 18:24–20:00
  • रोग, अशुभ, 20:00–21:35
  • काल, अशुभ, 21:35–23:11
  • लाभ, शुभ, 23:11–00:46 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:46–02:22 मंगल
  • शुभ, 02:22–03:57 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:57–05:33 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:33–07:08 मंगल
  • राहु काल, 08:32–09:56, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:21–12:46, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:23–13:08, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:08–13:53, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:10–15:35, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:24–16:09, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:17 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में करवा चौथ सोम 12 अक्टूबर को क्यों है?

करवा चौथ सोम 12 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 रवि 11 अक्टूबर चंद्रोदय 20:00
तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 रवि 11 अक्टूबर चंद्रोदय 20:00
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

करवा चौथ का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 12 अक्टूबर को 07:33 से मंगल 13 अक्टूबर को 06:10 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 12 अक्टूबर को है, 20:43 पर।

करवा चौथ: Sevan में हर तारीख़

Sevan में संकष्टी चतुर्थी सोम 12 अक्टूबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी सोम 12 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 रवि 11 अक्टूबर चंद्रोदय 20:00
तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 रवि 11 अक्टूबर चंद्रोदय 20:00
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 12 अक्टूबर को 07:33 से मंगल 13 अक्टूबर को 06:10 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 12 अक्टूबर को है, 20:43 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Sevan में हर तारीख़

सोम 12 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 215.8° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 215.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:07। द्वितीया उससे पहले 08:36 रवि पर समाप्त हुई। तृतीया 07:33 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 9 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

चतुर्थी क्षय क्यों है?

चतुर्थी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्थी नहीं होता।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी सोम 12 अक्टूबर सुबह मंगल 13 अक्टूबर सुबह Sevan UTC+4 07:33 06:10 07:07 तृतीया 07:08 पञ्चमी चतुर्थी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी सोम 12 अक्टूबर सुबह मंगल 13 अक्टूबर सुबह Sevan UTC+4 07:33 06:10 07:07 तृतीया 07:08 पञ्चमी चतुर्थी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 07:33 को शुरू हुई और 06:10 मंगल को समाप्त, 07:07 और 07:08 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को तृतीया है और मंगलवार को पञ्चमी: चतुर्थी यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 12 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:26–06:16

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:26–06:16।

सूर्यास्त 18:26 रवि सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 11 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:26 रवि सूर्योदय 07:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 11 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 11 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:26 रवि से सूर्योदय 07:07 तक थी, 12 घं 41 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 12 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:23–13:08

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:23–13:08।

सोम 12 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:08–13:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:08–13:53 और 15:24–16:09।

सोम 12 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:24–16:09

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:08–13:53 और 15:24–16:09।

सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:07 से 18:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:08–13:53 और 15:24–16:09।

सोम 12 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:07–08:32 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:07 से 18:24, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:24 से 07:08 मंगल, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 12 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 08:32–09:56

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:32–09:56।

सोम 12 अक्टूबर को यमगंड कब है? 11:21–12:46

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:21–12:46।

सोम 12 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 14:10–15:35

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:10–15:35।

सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:07 से 18:24 तक है, 11 घं 17 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 12 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:07, सूर्यास्त 18:24, 11 घं 17 मि का दिन।

सोम 12 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:07, सूर्यास्त 18:24, 11 घं 17 मि का दिन।

सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:09 चंद्रोदय 20:43
सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:09 चंद्रोदय 20:43
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 12 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 29.8° पर था: कृत्तिका, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 29.8° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 29.8° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 26°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:57 मंगल को निकलेगा, रोहिणी में।

सोम 12 अक्टूबर को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 203.8° थे: सिद्धि।

सूर्य 174.0° + चंद्रमा 29.8° = 203.8° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 174.0° + चंद्रमा 29.8° = 203.8° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 174° + 29.8° = 203.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 22:35 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

सोम 12 अक्टूबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 215.8° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 215.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:08 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 07:33 तक है।

सोम 12 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:07, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:07 से 07:08 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 12 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 23 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 18 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 23 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

सोम 12 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 12 अक्टूबर अमावस्या 23 सित॰ पूर्णिमा 9 अक्टू॰ अमावस्या 23 अक्टू॰ पूर्णिमा 7 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 12 अक्टूबर अमावस्या 23 सित॰ पूर्णिमा 9 अक्टू॰ अमावस्या 23 अक्टू॰ पूर्णिमा 7 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

सोम 12 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2128 · शक 1993

विक्रम संवत 2128 31 मार्च 2071 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 31 मार्च 2071 19:04 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 12 अक्टूबर सूर्य 174.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 31 मार्च 2071 19:04 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 12 अक्टूबर सूर्य 174.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 31 मार्च 2071, 19:04 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 187.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2128 गिनता है; शक संवत 1993।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 12 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:43

चंद्रमा यहाँ 20:43 पर उदय होता है।

सोम 12 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:09

सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:09 चंद्रोदय 20:43
सूर्योदय 07:07 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 07:08 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:09 चंद्रोदय 20:43
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:09 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:43 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:09 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:43 पर उदय होगा।