Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 20 मार्च 2067
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
शुक्ल पक्ष · 07:46 सोम तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें षष्ठी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें20 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 20 मार्च
- 05:28–06:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:03 से
- 10:05–11:36लाभ चौघड़िया
- 11:36–13:07अमृत चौघड़िया
- 12:43–13:07अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:38–16:09शुभ चौघड़िया
-
14:38–15:46अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · कृत्तिका में
- सूर्यास्त 19:11 के बाद
- 19:11–20:40शुभ चौघड़िया
- 20:40–22:09अमृत चौघड़िया
- 02:35–04:04 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:33–07:02 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:27–06:14 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:03–08:34उद्वेगअशुभ
- 08:34–10:05चरसामान्य
- 10:05–11:36लाभशुभ
- 11:36–13:07अमृतशुभ
- 13:07–14:38कालअशुभ
- 14:38–16:09शुभ
- 16:09–17:40रोगअशुभ
- 17:40–19:11उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:11–20:40शुभ
- 20:40–22:09अमृतशुभ
- 22:09–23:38चरसामान्य
- 23:38–01:06 सोमरोगअशुभ
- 01:06–02:35 सोमकालअशुभ
- 02:35–04:04 सोमलाभशुभ
- 04:04–05:33 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:33–07:02 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 20 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:28–06:16, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 07:03–08:34
- चर, सामान्य, 08:34–10:05
- लाभ, शुभ, 10:05–11:36
- अमृत, शुभ, 11:36–13:07
- काल, अशुभ, 13:07–14:38
- शुभ, 14:38–16:09
- रोग, अशुभ, 16:09–17:40
- उद्वेग, अशुभ, 17:40–19:11
- शुभ, 19:11–20:40
- अमृत, शुभ, 20:40–22:09
- चर, सामान्य, 22:09–23:38
- रोग, अशुभ, 23:38–01:06 सोम
- काल, अशुभ, 01:06–02:35 सोम
- लाभ, शुभ, 02:35–04:04 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 04:04–05:33 सोम
- शुभ, 05:33–07:02 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:43–13:32, शुभ
- यमगण्ड, 13:07–14:38, अशुभ
- गुलिक काल, 16:09–17:40, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:34–18:23, अशुभ
- राहु काल, 17:40–19:11, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:27–06:14 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 20 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 60.2° आगे था: शुक्ल षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 60°–72° छठी है, शुक्ल षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:03। पञ्चमी उससे पहले 06:37 पर समाप्त हुई। षष्ठी 07:46 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 72° होगी। बढ़त 15 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
षष्ठी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
षष्ठी यहाँ रवि 20 और सोम 21 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। षष्ठी 06:37 को, सूर्योदय 07:03 से पहले, शुरू हुई और 07:46 सोम को, अगले सूर्योदय 07:02 सोम के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन षष्ठी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में पञ्चमी क्यों है?
नई दिल्ली में पञ्चमी है, Sevan में षष्ठी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:25, पञ्चमी की समाप्ति 08:07 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 07:03, पञ्चमी की समाप्ति 06:37 के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।
रवि 20 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:28–06:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:28–06:16।
शनि 19 मार्च की रात सूर्यास्त 19:10 शनि से सूर्योदय 07:03 तक थी, 11 घं 53 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 20 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:43–13:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:43–13:32।
रवि 20 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 17:34–18:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:34–18:23।
यहाँ दिन, 07:03 से 19:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:34–18:23।
रवि 20 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:03–08:34 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:03 से 19:11, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:11 से 07:02 सोम, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 20 मार्च को राहुकाल कब है? 17:40–19:11
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:40–19:11।
रवि 20 मार्च को यमगंड कब है? 13:07–14:38
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:07–14:38।
रवि 20 मार्च को गुलिक काल कब है? 16:09–17:40
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:09–17:40।
यहाँ दिन 07:03 से 19:11 तक है, 12 घं 8 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 20 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:03, सूर्यास्त 19:11, 12 घं 8 मि का दिन।
रवि 20 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:03, सूर्यास्त 19:11, 12 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 20 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 35° पर था: कृत्तिका, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 33°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:37 को निकलेगा, रोहिणी में।
रवि 20 मार्च को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 369.8° थे, एक चक्कर और 9.8°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 334.8° + 35° = 369.8°, एक पूरा चक्कर और 9.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 13:19 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
रवि 20 मार्च को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 60.2° थी: षष्ठी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 19:06 तक है, जब बढ़त 66° होगी; तैतिल 07:46 सोम तक।
रवि 20 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:03, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:03 से 07:02 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 20 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)
15 मार्च और 13 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मार्च 12:29 मंगल से 13 अप्रैल 23:24 बुध तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 14 अप्रैल 20:01 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।
रवि 20 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र (अधिक) है।
रवि 20 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2124 · शक 1989
विक्रम संवत 2124 15 मार्च 2067 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2067, 12:29 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 4.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2124 गिनता है; शक संवत 1989।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 20 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:41
चंद्रमा यहाँ 09:41 पर उदय होता है।
रवि 20 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:59 सोम
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:59 सोम पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:41 पर उदय हुआ; वह फिर 00:59 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।