Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 8 अक्टूबर 2056
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
त्योहार
सर्व पितृ अमावस्या
सर्व पितृ अमावस्या रवि 8 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं। रवि 8 अक्टूबर क्यों?
सर्व पितृ अमावस्या: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या रवि 8 अक्टूबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। रवि 8 अक्टूबर क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़8 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 8 अक्टूबर
- 05:23–06:13ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:04 से
- 09:55–11:21लाभ चौघड़िया
- 11:21–12:47अमृत चौघड़िया
- 12:24–12:47अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:12–15:38शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:30 के बाद
- 18:30–20:04शुभ चौघड़िया
- 20:04–21:38अमृत चौघड़िया
- 02:21–03:56 सोमलाभ चौघड़िया
-
03:55–05:21 सोमअमृत कालहस्त में
- 05:30–07:05 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:24–06:14 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:04–08:29उद्वेगअशुभ
- 08:29–09:55चरसामान्य
- 09:55–11:21लाभशुभ
- 11:21–12:47अमृतशुभ
- 12:47–14:12कालअशुभ
- 14:12–15:38शुभ
- 15:38–17:04रोगअशुभ
- 17:04–18:30उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:30–20:04शुभ
- 20:04–21:38अमृतशुभ
- 21:38–23:13चरसामान्य
- 23:13–00:47 सोमरोगअशुभ
- 00:47–02:21 सोमकालअशुभ
- 02:21–03:56 सोमलाभशुभ
- 03:56–05:30 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:30–07:05 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 8 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:13, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 07:04–08:29
- चर, सामान्य, 08:29–09:55
- लाभ, शुभ, 09:55–11:21
- अमृत, शुभ, 11:21–12:47
- काल, अशुभ, 12:47–14:12
- शुभ, 14:12–15:38
- रोग, अशुभ, 15:38–17:04
- उद्वेग, अशुभ, 17:04–18:30
- शुभ, 18:30–20:04
- अमृत, शुभ, 20:04–21:38
- चर, सामान्य, 21:38–23:13
- रोग, अशुभ, 23:13–00:47 सोम
- काल, अशुभ, 00:47–02:21 सोम
- लाभ, शुभ, 02:21–03:56 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:56–05:30 सोम
- शुभ, 05:30–07:05 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:24–13:09, शुभ
- यमगण्ड, 12:47–14:12, अशुभ
- गुलिक काल, 15:38–17:04, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:58–17:44, अशुभ
- राहु काल, 17:04–18:30, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:24–06:14 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में सर्व पितृ अमावस्या रवि 8 अक्टूबर को क्यों है?
सर्व पितृ अमावस्या रवि 8 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं।
सब पितरों का श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। अमावस्या रवि 8 अक्टूबर को 10:17 से सोम 9 अक्टूबर को 07:00 तक है, इसलिए केवल रविवार का अपराह्न (13:55–16:12) उसके भीतर है। सर्व पितृ अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Sevan में अमावस्या रवि 8 अक्टूबर को क्यों है?
अमावस्या रवि 8 अक्टूबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 8 अक्टूबर को 10:17 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और सोम 9 अक्टूबर को 07:00 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: रवि 8 अक्टूबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 8 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 346.2° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:04। त्रयोदशी उससे पहले 13:08 शनि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 10:17 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 23 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 10:17 को शुरू हुई और 07:00 सोम को समाप्त, 07:04 और 07:05 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को चतुर्दशी है और सोमवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
रवि 8 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:23–06:13
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:23–06:13।
शनि 7 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:31 शनि से सूर्योदय 07:04 तक थी, 12 घं 33 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 8 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:24–13:09
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:24–13:09।
रवि 8 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:58–17:44
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:58–17:44।
यहाँ दिन, 07:04 से 18:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:58–17:44।
रवि 8 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:04–08:29 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:04 से 18:30, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:30 से 07:05 सोम, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 8 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 17:04–18:30
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:04–18:30।
रवि 8 अक्टूबर को यमगंड कब है? 12:47–14:12
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:47–14:12।
रवि 8 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 15:38–17:04
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:38–17:04।
यहाँ दिन 07:04 से 18:30 तक है, 11 घं 26 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 8 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 18:30, 11 घं 26 मि का दिन।
रवि 8 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 18:30, 11 घं 26 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 8 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 157.1° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 156°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:48 को निकलेगा, हस्त में।
रवि 8 अक्टूबर को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 328° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 170.9° + 157.1° = 328°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 15:10 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
रवि 8 अक्टूबर को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 346.2° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 23:46 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 10:17 तक है।
रवि 8 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:04, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:04 से 07:05 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 8 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 9 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 9 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
रवि 8 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
रवि 8 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2113 · शक 1978
विक्रम संवत 2113 16 मार्च 2056 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2056, 10:52 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 199.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2113 गिनता है; शक संवत 1978।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 8 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:02 सोम
चंद्रमा यहाँ 07:02 सोम पर उदय होता है।
रवि 8 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:31
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:31 पर अस्त हुआ; वह फिर 07:02 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:31 पर, रात में, अस्त होता है; वह फिर 07:02 सोम पर उदय होगा।