tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 28 अप्रैल 2056

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष · 06:18 तक

फिर चतुर्दशी · 02:29 शनि तक

यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:41 06:02 19:53अगला सूर्योदय 06:01 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:02–07:46चरसामान्य
  • 07:46–09:30लाभगुलिक काल में
  • 09:30–11:13अमृतशुभ
  • 11:13–12:57कालअशुभ
  • 12:57–14:41शुभ
  • 14:41–16:25रोगअशुभ
  • 16:25–18:09उद्वेगअशुभ
  • 18:09–19:53चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 19:53–21:09रोगअशुभ
  • 21:09–22:25कालअशुभ
  • 22:25–23:41लाभशुभ
  • 23:41–00:57 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:57–02:13 शनिशुभ
  • 02:13–03:29 शनिअमृतशुभ
  • 03:29–04:45 शनिचरसामान्य
  • 04:45–06:01 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 28 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:21, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:02–07:46
  • लाभ, शुभ, 07:46–09:30
  • अमृत, शुभ, 09:30–11:13
  • काल, अशुभ, 11:13–12:57
  • शुभ, 12:57–14:41
  • रोग, अशुभ, 14:41–16:25
  • उद्वेग, अशुभ, 16:25–18:09
  • चर, सामान्य, 18:09–19:53
  • रोग, अशुभ, 19:53–21:09
  • काल, अशुभ, 21:09–22:25
  • लाभ, शुभ, 22:25–23:41
  • उद्वेग, अशुभ, 23:41–00:57 शनि
  • शुभ, 00:57–02:13 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:13–03:29 शनि
  • चर, सामान्य, 03:29–04:45 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:45–06:01 शनि
  • गुलिक काल, 07:46–09:30, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:48–09:43, अशुभ
  • राहु काल, 11:13–12:57, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:30–13:25, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:25–14:20, अशुभ
  • यमगण्ड, 16:25–18:09, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:20 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 28 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 155.8° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 155.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 155.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:02। द्वादशी उससे पहले 09:48 गुरु पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 06:18 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 15 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

चतुर्दशी क्षय क्यों है?

चतुर्दशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा शुक्र 28 अप्रैल सुबह शनि 29 अप्रैल सुबह Sevan UTC+4 06:18 02:29 06:02 त्रयोदशी 06:01 पूर्णिमा चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा शुक्र 28 अप्रैल सुबह शनि 29 अप्रैल सुबह Sevan UTC+4 06:18 02:29 06:02 त्रयोदशी 06:01 पूर्णिमा चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 06:18 को शुरू हुई और 02:29 शनि को समाप्त, 06:02 और 06:01 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को त्रयोदशी है और शनिवार को पूर्णिमा: चतुर्दशी यहाँ क्षय तिथि है।

शुक्र 28 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:21

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:21।

सूर्यास्त 19:52 गुरु सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 27 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:52 गुरु सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 27 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 27 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:52 गुरु से सूर्योदय 06:02 तक थी, 10 घं 10 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 28 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:30–13:25

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:30–13:25।

शुक्र 28 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 08:48–09:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:48–09:43 और 13:25–14:20।

शुक्र 28 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 13:25–14:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:48–09:43 और 13:25–14:20।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:02 से 19:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:48–09:43 और 13:25–14:20।

शुक्र 28 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:02–07:46 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:02 से 19:53, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:53 से 06:01 शनि, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 28 अप्रैल को राहुकाल कब है? 11:13–12:57

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:13–12:57।

शुक्र 28 अप्रैल को यमगंड कब है? 16:25–18:09

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:25–18:09।

शुक्र 28 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 07:46–09:30

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:46–09:30।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:02 से 19:53 तक है, 13 घं 51 मि। इसे 1 घं 43 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 28 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 19:53, 13 घं 51 मि का दिन।

शुक्र 28 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:53

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 19:53, 13 घं 51 मि का दिन।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:14
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:14
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 28 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 169.7° पर था: हस्त, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 169.7° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 169.7° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:43 को निकलेगा, चित्रा में।

शुक्र 28 अप्रैल को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 183.6° थे: हर्षण।

सूर्य 13.9° + चंद्रमा 169.7° = 183.6° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 13.9° + चंद्रमा 169.7° = 183.6° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 13.9° + 169.7° = 183.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 10:33 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

शुक्र 28 अप्रैल को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 155.8° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 155.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 155.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 20:06 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 150° हुई; तैतिल 06:18 तक है।

शुक्र 28 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:02, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:02 से 06:01 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 28 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)

15 अप्रैल और 14 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 अप्रैल 03:50 शनि से 14 मई 20:06 रवि तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 14 मई 21:13 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।

शुक्र 28 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख (अधिक) का है।

अमान्त वैशाख (अधिक) पूर्णिमान्त वैशाख (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 28 अप्रैल पूर्णिमा 31 मार्च अमावस्या 15 अप्रैल पूर्णिमा 29 अप्रैल अमावस्या 14 मई
अमान्त वैशाख (अधिक) पूर्णिमान्त वैशाख (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 28 अप्रैल पूर्णिमा 31 मार्च अमावस्या 15 अप्रैल पूर्णिमा 29 अप्रैल अमावस्या 14 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख (अधिक) है।

शुक्र 28 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2113 · शक 1978

विक्रम संवत 2113 16 मार्च 2056 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 2056 10:52 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 28 अप्रैल सूर्य 13.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 2056 10:52 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 28 अप्रैल सूर्य 13.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2056, 10:52 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 42.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2113 गिनता है; शक संवत 1978।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 28 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:14

चंद्रमा यहाँ 18:14 पर उदय होता है।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:14
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:14
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 18:14 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।