Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 1 सितंबर 2054
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 1 सितंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। मंगल 1 सितंबर क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़1 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 सितंबर
- 05:00–05:43ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:27 से
- 11:21–12:59लाभ चौघड़िया
- 12:33–12:59अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:59–14:37अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:15–17:53शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:32 के बाद
- 20:54–22:16लाभ चौघड़िया
- 23:38–23:54शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:38–01:00 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
00:38–01:38 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · मघा में
- 01:00–02:22 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:00–05:44 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:27–08:05रोगअशुभ
- 08:05–09:43उद्वेगअशुभ
- 09:43–11:21चरसामान्य
- 11:21–12:59लाभशुभ
- 12:59–14:37अमृतगुलिक काल में
- 14:37–16:15कालअशुभ
- 16:15–17:53शुभराहु काल में
- 17:53–19:32रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:32–20:54कालअशुभ
- 20:54–22:16लाभशुभ
- 22:16–23:38उद्वेगअशुभ
- 23:38–01:00 बुधशुभ
- 01:00–02:22 बुधअमृतशुभ
- 02:22–03:44 बुधचरसामान्य
- 03:44–05:06 बुधरोगअशुभ
- 05:06–06:28 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:43, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:27–08:05
- उद्वेग, अशुभ, 08:05–09:43
- चर, सामान्य, 09:43–11:21
- लाभ, शुभ, 11:21–12:59
- अमृत, शुभ, 12:59–14:37
- काल, अशुभ, 14:37–16:15
- शुभ, 16:15–17:53
- रोग, अशुभ, 17:53–19:32
- काल, अशुभ, 19:32–20:54
- लाभ, शुभ, 20:54–22:16
- उद्वेग, अशुभ, 22:16–23:38
- शुभ, 23:38–01:00 बुध
- अमृत, शुभ, 01:00–02:22 बुध
- चर, सामान्य, 02:22–03:44 बुध
- रोग, अशुभ, 03:44–05:06 बुध
- काल, अशुभ, 05:06–06:28 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:04–09:56, अशुभ
- यमगण्ड, 09:43–11:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:33–13:25, शुभ
- गुलिक काल, 12:59–14:37, अशुभ
- राहु काल, 16:15–17:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:54–00:38 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:44 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में अमावस्या मंगल 1 सितंबर को क्यों है?
अमावस्या मंगल 1 सितंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 1 सितंबर को 09:01 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और बुध 2 सितंबर को 05:18 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 1 सितंबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 1 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 346.5° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:27। त्रयोदशी उससे पहले 12:39 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 09:01 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 18 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 09:01 को शुरू हुई और 05:18 बुध को समाप्त, 06:27 और 06:28 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को चतुर्दशी है और बुधवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 1 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:00–05:43
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:00–05:43।
सोम 31 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:33 सोम से सूर्योदय 06:27 तक थी, 10 घं 54 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 1 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:33–13:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:33–13:25।
मंगल 1 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:04–09:56
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:04–09:56, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:54–00:38 बुध।
मंगल 1 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:54–00:38 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:04–09:56, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:54–00:38 बुध।
यहाँ दिन, 06:27 से 19:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:04–09:56 और 23:54–00:38 बुध।
मंगल 1 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:27–08:05 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:27 से 19:32, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:32 से 06:28 बुध, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 1 सितंबर को राहुकाल कब है? 16:15–17:53
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:15–17:53।
मंगल 1 सितंबर को यमगंड कब है? 09:43–11:21
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:43–11:21।
मंगल 1 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:59–14:37
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:59–14:37।
यहाँ दिन 06:27 से 19:32 तक है, 13 घं 5 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 1 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:27
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:27, सूर्यास्त 19:32, 13 घं 5 मि का दिन।
मंगल 1 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:27, सूर्यास्त 19:32, 13 घं 5 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 1 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 120.8° पर था: मघा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 120° पर उसके पद 1 में आया। वह 02:20 बुध को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
मंगल 1 सितंबर को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 255.1° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 134.3° + 120.8° = 255.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 23:43 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
मंगल 1 सितंबर को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 346.5° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 22:52 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 09:01 तक है।
मंगल 1 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:27, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:27 से 06:28 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 1 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 3 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 2 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
मंगल 1 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
मंगल 1 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2111 · शक 1976
विक्रम संवत 2111 8 अप्रैल 2054 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2054, 08:32 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 140.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2111 गिनता है; शक संवत 1976।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 1 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:14
चंद्रमा यहाँ 19:14 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 19:14 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।