Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 30 जून 2053
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा सोम 30 जून को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। सोम 30 जून क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़30 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 30 जून
- 04:21–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:32 से
- 05:32–07:25अमृत चौघड़िया
- 09:18–11:11शुभ चौघड़िया
- 13:03–13:33अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 17:34–18:41लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 18:41–20:34अमृत चौघड़िया
-
19:12–21:00अमृत कालमूल में
- सूर्यास्त 20:34 के बाद
- 23:56–01:03 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:11–03:18 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:18–04:26 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:21–04:57 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:32–07:25अमृतशुभ
- 07:25–09:18कालअशुभ
- 09:18–11:11शुभ
- 11:11–13:03रोगअशुभ
- 13:03–14:56उद्वेगअशुभ
- 14:56–16:49चरसामान्य
- 16:49–18:41लाभशुभ
- 18:41–20:34अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:34–21:41चरसामान्य
- 21:41–22:49रोगअशुभ
- 22:49–23:56कालअशुभ
- 23:56–01:03 मंगललाभशुभ
- 01:03–02:11 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:11–03:18 मंगलशुभ
- 03:18–04:26 मंगलअमृतशुभ
- 04:26–05:33 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 30 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–04:57, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:32–07:25
- काल, अशुभ, 07:25–09:18
- शुभ, 09:18–11:11
- रोग, अशुभ, 11:11–13:03
- उद्वेग, अशुभ, 13:03–14:56
- चर, सामान्य, 14:56–16:49
- लाभ, शुभ, 16:49–18:41
- अमृत, शुभ, 18:41–20:34
- चर, सामान्य, 20:34–21:41
- रोग, अशुभ, 21:41–22:49
- काल, अशुभ, 22:49–23:56
- लाभ, शुभ, 23:56–01:03 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:03–02:11 मंगल
- शुभ, 02:11–03:18 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:18–04:26 मंगल
- चर, सामान्य, 04:26–05:33 मंगल
- राहु काल, 07:25–09:18, अशुभ
- यमगण्ड, 11:11–13:03, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:33–13:33, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:33–14:33, अशुभ
- गुलिक काल, 14:56–16:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:34–17:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–04:57 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पूर्णिमा सोम 30 जून को क्यों है?
पूर्णिमा सोम 30 जून को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा दोनों सूर्योदयों पर है, सोम 30 जून को 05:32 और मंगल 1 जुलाई को 05:33। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: सोम 30 जून। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 30 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 168.9° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:32। चतुर्दशी उससे पहले 03:39 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 06:01 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 16 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर क्यों है?
पूर्णिमा यहाँ सोम 30 जून और मंगल 1 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 03:39 को, सूर्योदय 05:32 से पहले, शुरू हुई और 06:01 मंगल को, अगले सूर्योदय 05:33 मंगल के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पूर्णिमा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
सोम 30 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:21–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:21–04:57।
रवि 29 जून की रात सूर्यास्त 20:34 रवि से सूर्योदय 05:32 तक थी, 8 घं 58 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 30 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:33–13:33
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:33–13:33।
सोम 30 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 13:33–14:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:33–14:33 और 16:34–17:34।
सोम 30 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 16:34–17:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:33–14:33 और 16:34–17:34।
यहाँ दिन, 05:32 से 20:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:33–14:33 और 16:34–17:34।
सोम 30 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:32–07:25 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:32 से 20:34, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:34 से 05:33 मंगल, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 30 जून को राहुकाल कब है? 07:25–09:18
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:25–09:18।
सोम 30 जून को यमगंड कब है? 11:11–13:03
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:11–13:03।
सोम 30 जून को गुलिक काल कब है? 14:56–16:49
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:56–16:49।
यहाँ दिन 05:32 से 20:34 तक है, 15 घं 2 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 30 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 20:34, 15 घं 2 मि का दिन।
सोम 30 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 20:34, 15 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 30 जून को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 243° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 02:23 मंगल को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
सोम 30 जून को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 317.2° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 74.2° + 243° = 317.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 10:49 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
सोम 30 जून को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 168.9° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 16:49 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 06:01 मंगल तक।
सोम 30 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:32, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:32 से 05:33 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 30 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
16 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 14:51 सोम से 15 जुलाई 21:26 मंगल तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 20:17 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
सोम 30 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।
सोम 30 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2110 · शक 1975
विक्रम संवत 2110 20 मार्च 2053 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2053, 11:11 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 98.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2110 गिनता है; शक संवत 1975।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 30 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:49
चंद्रमा यहाँ 19:49 पर उदय होता है।
चंद्रमा 19:49 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।