Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 21 फ़रवरी 2052
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
कृष्ण पक्ष · 09:29 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें सप्तमी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें21 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 21 फ़रवरी
- 06:01–06:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:46 से
- 07:46–09:08लाभ चौघड़िया
- 09:08–10:30अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:51–13:13शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:19–18:41लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:41 के बाद
- 20:19–21:57शुभ चौघड़िया
- 21:57–23:35अमृत चौघड़िया
-
00:50–02:39 गुरुअमृत कालविशाखा में
- 04:28–06:06 गुरुलाभ चौघड़िया
- 06:00–06:52 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:46–09:08लाभशुभ
- 09:08–10:30अमृतयमगण्ड में
- 10:30–11:51कालअशुभ
- 11:51–13:13शुभगुलिक काल में
- 13:13–14:35रोगअशुभ
- 14:35–15:57उद्वेगअशुभ
- 15:57–17:19चरसामान्य
- 17:19–18:41लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:41–20:19उद्वेगअशुभ
- 20:19–21:57शुभ
- 21:57–23:35अमृतशुभ
- 23:35–01:13 गुरुचरसामान्य
- 01:13–02:51 गुरुरोगअशुभ
- 02:51–04:28 गुरुकालअशुभ
- 04:28–06:06 गुरुलाभशुभ
- 06:06–07:44 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 21 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:01–06:53, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:46–09:08
- अमृत, शुभ, 09:08–10:30
- काल, अशुभ, 10:30–11:51
- शुभ, 11:51–13:13
- रोग, अशुभ, 13:13–14:35
- उद्वेग, अशुभ, 14:35–15:57
- चर, सामान्य, 15:57–17:19
- लाभ, शुभ, 17:19–18:41
- उद्वेग, अशुभ, 18:41–20:19
- शुभ, 20:19–21:57
- अमृत, शुभ, 21:57–23:35
- चर, सामान्य, 23:35–01:13 गुरु
- रोग, अशुभ, 01:13–02:51 गुरु
- काल, अशुभ, 02:51–04:28 गुरु
- लाभ, शुभ, 04:28–06:06 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 06:06–07:44 गुरु
- यमगण्ड, 09:08–10:30, अशुभ
- गुलिक काल, 11:51–13:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:52–13:35, अशुभ
- राहु काल, 13:13–14:35, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:00–06:52 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 21 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 252.4° आगे था: कृष्ण सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:46। षष्ठी उससे पहले 06:51 पर समाप्त हुई। सप्तमी 09:29 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 14 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सप्तमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
सप्तमी यहाँ बुध 21 और गुरु 22 फ़रवरी दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। सप्तमी 06:51 को, सूर्योदय 07:46 से पहले, शुरू हुई और 09:29 गुरु को, अगले सूर्योदय 07:44 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन सप्तमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?
नई दिल्ली में षष्ठी है, Sevan में सप्तमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:54, षष्ठी की समाप्ति 08:21 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 07:46, षष्ठी की समाप्ति 06:51 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।
बुध 21 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:01–06:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:01–06:53।
मंगल 20 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:40 मंगल से सूर्योदय 07:46 तक थी, 13 घं 6 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 21 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:52–13:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:52–13:35।
यहाँ दिन, 07:46 से 18:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:52–13:35: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 21 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:46–09:08 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:46 से 18:41, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:41 से 07:44 गुरु, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 21 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 13:13–14:35
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:13–14:35।
बुध 21 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:08–10:30
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:08–10:30।
बुध 21 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 11:51–13:13
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:51–13:13।
यहाँ दिन 07:46 से 18:41 तक है, 10 घं 55 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 21 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 18:41, 10 घं 55 मि का दिन।
बुध 21 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 18:41, 10 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 21 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 200° पर था: विशाखा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 200° पर उसके पद 1 में आया। वह 10:46 गुरु को निकलेगा, अनुराधा में।
बुध 21 फ़रवरी को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 507.6° थे, एक चक्कर और 147.6°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 307.6° + 200° = 507.6°, एक पूरा चक्कर और 147.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 06:52 गुरु को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
बुध 21 फ़रवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 252.4° थी: सप्तमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 20:10 तक है, जब बढ़त 258° होगी; बव 09:29 गुरु तक।
बुध 21 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:46, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:46 से 07:44 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 21 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 31 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 1 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
बुध 21 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
बुध 21 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2108 · शक 1973
विक्रम संवत 2108 11 अप्रैल 2051 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2051, 05:59 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 311° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2108 गिनता है; शक संवत 1973।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 21 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:15 गुरु
चंद्रमा यहाँ 01:15 गुरु पर उदय होता है।
बुध 21 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:04
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:04 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:15 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:04 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:15 गुरु पर उदय होगा।