Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 22 जुलाई 2048
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 22 जुलाई को है: त्रयोदशी किसी भी शाम प्रदोष काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। बुध 22 जुलाई क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़व्रत का पारण
देवशयनी एकादशी
22 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 22 जुलाई
- 04:33–05:10ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:48 से
- 05:48–07:37लाभ चौघड़िया
- 07:37–09:27अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:16–13:06शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
-
15:09–16:36अमृत कालज्येष्ठा में
- 18:34–20:24लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:24 के बाद
- 21:34–22:45शुभ चौघड़िया
- 22:45–23:56अमृत चौघड़िया
- 03:28–04:38 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:34–05:11 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:48–07:37लाभशुभ
- 07:37–09:27अमृतयमगण्ड में
- 09:27–11:16कालअशुभ
- 11:16–13:06शुभगुलिक काल में
- 13:06–14:55रोगअशुभ
- 14:55–16:45उद्वेगअशुभ
- 16:45–18:34चरसामान्य
- 18:34–20:24लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:24–21:34उद्वेगअशुभ
- 21:34–22:45शुभ
- 22:45–23:56अमृतशुभ
- 23:56–01:06 गुरुचरसामान्य
- 01:06–02:17 गुरुरोगअशुभ
- 02:17–03:28 गुरुकालअशुभ
- 03:28–04:38 गुरुलाभशुभ
- 04:38–05:49 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 22 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:10, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:48–07:37
- अमृत, शुभ, 07:37–09:27
- काल, अशुभ, 09:27–11:16
- शुभ, 11:16–13:06
- रोग, अशुभ, 13:06–14:55
- उद्वेग, अशुभ, 14:55–16:45
- चर, सामान्य, 16:45–18:34
- लाभ, शुभ, 18:34–20:24
- उद्वेग, अशुभ, 20:24–21:34
- शुभ, 21:34–22:45
- अमृत, शुभ, 22:45–23:56
- चर, सामान्य, 23:56–01:06 गुरु
- रोग, अशुभ, 01:06–02:17 गुरु
- काल, अशुभ, 02:17–03:28 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:28–04:38 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:38–05:49 गुरु
- यमगण्ड, 07:37–09:27, अशुभ
- गुलिक काल, 11:16–13:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:37–13:35, अशुभ
- राहु काल, 13:06–14:55, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:34–05:11 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत बुध 22 जुलाई को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 22 जुलाई को है: त्रयोदशी किसी भी शाम प्रदोष काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 22 जुलाई को 23:19 से गुरु 23 जुलाई को 20:03 तक है, दोनों शाम के प्रदोष काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: बुध 22 जुलाई। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 22 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 133.9° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:48। एकादशी उससे पहले 02:25 पर समाप्त हुई। द्वादशी 23:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 11 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 22 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:33–05:10
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:33–05:10।
मंगल 21 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:24 मंगल से सूर्योदय 05:48 तक थी, 9 घं 24 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 22 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:37–13:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:37–13:35।
यहाँ दिन, 05:48 से 20:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:37–13:35: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 22 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:48–07:37 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:48 से 20:24, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:24 से 05:49 गुरु, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 22 जुलाई को राहुकाल कब है? 13:06–14:55
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:06–14:55।
बुध 22 जुलाई को यमगंड कब है? 07:37–09:27
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:37–09:27।
बुध 22 जुलाई को गुलिक काल कब है? 11:16–13:06
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:16–13:06।
यहाँ दिन 05:48 से 20:24 तक है, 14 घं 36 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 22 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 20:24, 14 घं 36 मि का दिन।
बुध 22 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 20:24, 14 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 22 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 229.4° पर था: ज्येष्ठा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 226°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:07 को निकलेगा, मूल में।
बुध 22 जुलाई को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 324.8° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 95.4° + 229.4° = 324.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 18:53 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
बुध 22 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 133.9° थी: द्वादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 12:53 तक है, जब बढ़त 138° होगी; बालव 23:19 तक।
बुध 22 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:48, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:48 से 05:49 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 22 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 11 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 9 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
बुध 22 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।
बुध 22 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2105 · शक 1970
विक्रम संवत 2105 14 मार्च 2048 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 14 मार्च 2048, 18:27 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 125.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2105 गिनता है; शक संवत 1970।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 22 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:46
चंद्रमा यहाँ 17:46 पर उदय होता है।
बुध 22 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:13 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:46 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:13 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:46 पर उदय हुआ; वह फिर 03:13 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।