Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 13 मार्च 2044
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
त्योहार
होलिका दहन
होलिका दहन रवि 13 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में पूर्णिमा है, और किसी शाम नहीं। रवि 13 मार्च क्यों?
होलिका दहन: Sevan में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा रवि 13 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 13 मार्च क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़13 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 13 मार्च
- 05:36–06:25ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:14 से
- 10:11–11:40लाभ चौघड़िया
- 11:40–13:09अमृत चौघड़िया
-
12:29–13:09अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · पूर्वाफाल्गुनी में
- 12:45–13:09अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:38–16:07शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:05 के बाद
- 19:05–20:36शुभ चौघड़िया
- 20:36–22:06अमृत चौघड़िया
- 02:39–04:10 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:41–07:12 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:35–06:24 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:14–08:43उद्वेगअशुभ
- 08:43–10:11चरसामान्य
- 10:11–11:40लाभशुभ
- 11:40–13:09अमृतशुभ
- 13:09–14:38कालअशुभ
- 14:38–16:07शुभ
- 16:07–17:36रोगअशुभ
- 17:36–19:05उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:05–20:36शुभ
- 20:36–22:06अमृतशुभ
- 22:06–23:37चरसामान्य
- 23:37–01:08 सोमरोगअशुभ
- 01:08–02:39 सोमकालअशुभ
- 02:39–04:10 सोमलाभशुभ
- 04:10–05:41 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:41–07:12 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 13 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:36–06:25, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 07:14–08:43
- चर, सामान्य, 08:43–10:11
- लाभ, शुभ, 10:11–11:40
- अमृत, शुभ, 11:40–13:09
- काल, अशुभ, 13:09–14:38
- शुभ, 14:38–16:07
- रोग, अशुभ, 16:07–17:36
- उद्वेग, अशुभ, 17:36–19:05
- शुभ, 19:05–20:36
- अमृत, शुभ, 20:36–22:06
- चर, सामान्य, 22:06–23:37
- रोग, अशुभ, 23:37–01:08 सोम
- काल, अशुभ, 01:08–02:39 सोम
- लाभ, शुभ, 02:39–04:10 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 04:10–05:41 सोम
- शुभ, 05:41–07:12 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:45–13:33, शुभ
- यमगण्ड, 13:09–14:38, अशुभ
- गुलिक काल, 16:07–17:36, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:30–18:17, अशुभ
- राहु काल, 17:36–19:05, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:24 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में होलिका दहन रवि 13 मार्च को क्यों है?
होलिका दहन रवि 13 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में पूर्णिमा है, और किसी शाम नहीं।
होलिका दहन प्रदोष काल में, भद्रा के बाहर, होता है: सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। पूर्णिमा रवि 13 मार्च को 00:38 से रवि 13 मार्च को 23:41 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (19:05–21:30) उसके भीतर है।
Sevan में पूर्णिमा रवि 13 मार्च को क्यों है?
पूर्णिमा रवि 13 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 13 मार्च को 00:38 से रवि 13 मार्च को 23:41 तक है, इसलिए वह केवल रवि 13 मार्च के सूर्योदय (07:14) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 13 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 171.5° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:14। चतुर्दशी उससे पहले 00:38 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 23:41 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 29 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 13 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:36–06:25
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:36–06:25।
शनि 12 मार्च की रात सूर्यास्त 19:03 शनि से सूर्योदय 07:14 तक थी, 12 घं 11 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 13 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:45–13:33
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:45–13:33।
रवि 13 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 17:30–18:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:30–18:17।
यहाँ दिन, 07:14 से 19:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:30–18:17।
रवि 13 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:14–08:43 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:14 से 19:05, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:05 से 07:12 सोम, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 13 मार्च को राहुकाल कब है? 17:36–19:05
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:36–19:05।
रवि 13 मार्च को यमगंड कब है? 13:09–14:38
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:09–14:38।
रवि 13 मार्च को गुलिक काल कब है? 16:07–17:36
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:07–17:36।
यहाँ दिन 07:14 से 19:05 तक है, 11 घं 51 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 13 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:14, सूर्यास्त 19:05, 11 घं 51 मि का दिन।
रवि 13 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:14, सूर्यास्त 19:05, 11 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 13 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 140.2° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 140° पर उसके पद 3 में आया। वह 18:47 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
रवि 13 मार्च को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 468.9° थे, एक चक्कर और 108.9°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 328.7° + 140.2° = 468.9°, एक पूरा चक्कर और 108.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 01:41 सोम को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
रवि 13 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 171.5° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 12:06 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 23:41 तक।
रवि 13 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:14, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:14 से 07:12 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 13 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 29 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 29 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
रवि 13 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
रवि 13 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2100 · शक 1965
विक्रम संवत 2100 9 अप्रैल 2043 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2043, 23:06 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 333.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2100 गिनता है; शक संवत 1965।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 13 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:48
चंद्रमा यहाँ 18:48 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:48 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।