tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 4 अक्टूबर 2039

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:20 06:59 18:37अगला सूर्योदय 07:00 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:59–08:26रोगअशुभ
  • 08:26–09:53उद्वेगअशुभ
  • 09:53–11:21चरसामान्य
  • 11:21–12:48लाभशुभ
  • 12:48–14:15अमृतगुलिक काल में
  • 14:15–15:43कालअशुभ
  • 15:43–17:10शुभराहु काल में
  • 17:10–18:37रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:37–20:10कालअशुभ
  • 20:10–21:43लाभशुभ
  • 21:43–23:16उद्वेगअशुभ
  • 23:16–00:48 बुधशुभ
  • 00:48–02:21 बुधअमृतशुभ
  • 02:21–03:54 बुधचरसामान्य
  • 03:54–05:27 बुधरोगअशुभ
  • 05:27–07:00 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 4 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:20–06:09, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:59–08:26
  • उद्वेग, अशुभ, 08:26–09:53
  • चर, सामान्य, 09:53–11:21
  • लाभ, शुभ, 11:21–12:48
  • अमृत, शुभ, 12:48–14:15
  • काल, अशुभ, 14:15–15:43
  • शुभ, 15:43–17:10
  • रोग, अशुभ, 17:10–18:37
  • काल, अशुभ, 18:37–20:10
  • लाभ, शुभ, 20:10–21:43
  • उद्वेग, अशुभ, 21:43–23:16
  • शुभ, 23:16–00:48 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:48–02:21 बुध
  • चर, सामान्य, 02:21–03:54 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:54–05:27 बुध
  • काल, अशुभ, 05:27–07:00 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:18–10:05, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:53–11:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:25–13:11, शुभ
  • गुलिक काल, 12:48–14:15, अशुभ
  • राहु काल, 15:43–17:10, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:34–00:24 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:21–06:10 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 4 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 201.3° आगे था: कृष्ण द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 201.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 201.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:59। प्रतिपदा उससे पहले 11:42 सोम पर समाप्त हुई। द्वितीया 12:36 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 2 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 4 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:20–06:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:20–06:09।

सूर्यास्त 18:39 सोम सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 3 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:39 सोम सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 3 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 3 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:39 सोम से सूर्योदय 06:59 तक थी, 12 घं 20 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 4 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:25–13:11

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:25–13:11।

मंगल 4 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:18–10:05

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:18–10:05, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:34–00:24 बुध।

मंगल 4 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:34–00:24 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:18–10:05, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:34–00:24 बुध।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:59 से 18:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:18–10:05 और 23:34–00:24 बुध।

मंगल 4 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:59–08:26 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:59 से 18:37, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:37 से 07:00 बुध, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 4 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:43–17:10

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:43–17:10।

मंगल 4 अक्टूबर को यमगंड कब है? 09:53–11:21

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:53–11:21।

मंगल 4 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:48–14:15

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:48–14:15।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:59 से 18:37 तक है, 11 घं 38 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 4 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 18:37, 11 घं 38 मि का दिन।

मंगल 4 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:37

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 18:37, 11 घं 38 मि का दिन।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:48 चंद्रोदय 19:56
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:48 चंद्रोदय 19:56
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 4 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 7.7° पर था: अश्विनी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 7.7° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 7.7° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 6°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:55 को निकलेगा, भरणी में।

मंगल 4 अक्टूबर को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 174.1° थे: हर्षण।

सूर्य 166.4° + चंद्रमा 7.7° = 174.1° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 166.4° + चंद्रमा 7.7° = 174.1° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 166.4° + 7.7° = 174.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 05:44 बुध को समाप्त होता है, फिर वज्र।

मंगल 4 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 201.3° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 201.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° गर 198°–204° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 201.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° गर 198°–204° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 00:04 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 12:36 तक है।

मंगल 4 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:59, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:59 से 07:00 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 4 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)

18 सितंबर और 17 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 सितंबर 12:23 रवि से 17 अक्टूबर 23:09 सोम तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 18 अक्टूबर 02:25 मंगल को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।

मंगल 4 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन (अधिक) का है।

अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 4 अक्टूबर अमावस्या 18 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰ पूर्णिमा 1 नव॰
अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 4 अक्टूबर अमावस्या 18 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰ पूर्णिमा 1 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन (अधिक) है, और अमान्त गणना में आश्विन (अधिक)।

मंगल 4 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2096 · शक 1961

विक्रम संवत 2096 24 मार्च 2039 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2039 21:59 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 4 अक्टूबर सूर्य 166.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2039 21:59 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 4 अक्टूबर सूर्य 166.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2039, 21:59 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 186.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2096 गिनता है; शक संवत 1961।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 4 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:56

चंद्रमा यहाँ 19:56 पर उदय होता है।

मंगल 4 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:48

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:48 चंद्रोदय 19:56
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 07:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:48 चंद्रोदय 19:56
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:48 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:56 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:48 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:56 पर उदय होगा।