Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 28 अक्टूबर 2038
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
त्योहार
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा गुरु 28 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। गुरु 28 अक्टूबर क्यों?
गोवर्धन पूजा: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या गुरु 28 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। गुरु 28 अक्टूबर क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़28 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 अक्टूबर
- 05:38–06:31ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:25 से
- 07:25–08:44शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:22–13:04अभिजीत मुहूर्त
- 12:43–14:03लाभ चौघड़िया
- 14:03–15:22अमृत चौघड़ियाराहु काल में
-
15:54–16:36अमृत कालराहु काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · स्वाती में
- 16:42–18:01शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:01 के बाद
- 18:01–19:42अमृत चौघड़िया
- 00:44–02:24 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:05–05:45 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:45–07:26 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:39–06:32 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:25–08:44शुभयमगण्ड में
- 08:44–10:04रोगअशुभ
- 10:04–11:23उद्वेगअशुभ
- 11:23–12:43चरसामान्य
- 12:43–14:03लाभशुभ
- 14:03–15:22अमृतराहु काल में
- 15:22–16:42कालअशुभ
- 16:42–18:01शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:01–19:42अमृतशुभ
- 19:42–21:22चरसामान्य
- 21:22–23:03रोगअशुभ
- 23:03–00:44 शुक्रकालअशुभ
- 00:44–02:24 शुक्रलाभशुभ
- 02:24–04:05 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:05–05:45 शुक्रशुभ
- 05:45–07:26 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:38–06:31, शुभ
- शुभ, 07:25–08:44
- रोग, अशुभ, 08:44–10:04
- उद्वेग, अशुभ, 10:04–11:23
- चर, सामान्य, 11:23–12:43
- लाभ, शुभ, 12:43–14:03
- अमृत, शुभ, 14:03–15:22
- काल, अशुभ, 15:22–16:42
- शुभ, 16:42–18:01
- अमृत, शुभ, 18:01–19:42
- चर, सामान्य, 19:42–21:22
- रोग, अशुभ, 21:22–23:03
- काल, अशुभ, 23:03–00:44 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:44–02:24 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:24–04:05 शुक्र
- शुभ, 04:05–05:45 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:45–07:26 शुक्र
- यमगण्ड, 07:25–08:44, अशुभ
- गुलिक काल, 10:04–11:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:57–11:39, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:04, शुभ
- राहु काल, 14:03–15:22, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:12–15:54, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:39–06:32 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में गोवर्धन पूजा गुरु 28 अक्टूबर को क्यों है?
गोवर्धन पूजा गुरु 28 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा गुरु 28 अक्टूबर को 07:52 से शुक्र 29 अक्टूबर को 04:01 तक है, इसलिए वह केवल गुरुवार के प्रातःकाल (07:25–09:32) को छूती है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
Sevan में अमावस्या गुरु 28 अक्टूबर को क्यों है?
अमावस्या गुरु 28 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 27 अक्टूबर को 11:43 से गुरु 28 अक्टूबर को 07:52 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 28 अक्टूबर के सूर्योदय (07:25) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 28 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.7° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:25। चतुर्दशी उससे पहले 11:43 बुध पर समाप्त हुई। अमावस्या 07:52 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 13 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 07:52 को शुरू हुई और 04:01 शुक्र को समाप्त, 07:25 और 07:26 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को अमावस्या है और शुक्रवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
गुरु 28 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:38–06:31
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:38–06:31।
बुध 27 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:03 बुध से सूर्योदय 07:25 तक थी, 13 घं 22 मि। इसे 53 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 28 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:04।
गुरु 28 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:57–11:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:57–11:39 और 15:12–15:54।
गुरु 28 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:12–15:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:57–11:39 और 15:12–15:54।
यहाँ दिन, 07:25 से 18:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 42 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:57–11:39 और 15:12–15:54।
गुरु 28 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:25–08:44 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:25 से 18:01, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:01 से 07:26 शुक्र, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 28 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 14:03–15:22
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:03–15:22।
गुरु 28 अक्टूबर को यमगंड कब है? 07:25–08:44
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:25–08:44।
गुरु 28 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 10:04–11:23
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:04–11:23।
यहाँ दिन 07:25 से 18:01 तक है, 10 घं 36 मि। इसे 1 घं 19 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 28 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:25, सूर्यास्त 18:01, 10 घं 36 मि का दिन।
गुरु 28 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:25, सूर्यास्त 18:01, 10 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 190.1° पर था: स्वाती, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 190° पर उसके पद 2 में आया। वह 22:52 को निकलेगा, विशाखा में।
गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 380.5° थे, एक चक्कर और 20.5°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 190.4° + 190.1° = 380.5°, एक पूरा चक्कर और 20.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 16:25 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 359.7° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 21:49 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 07:52 तक है।
गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:25, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:25 से 07:26 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 28 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 28 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2095 · शक 1960
विक्रम संवत 2095 4 अप्रैल 2038 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 2038, 20:43 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 199.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2095 गिनता है; शक संवत 1960।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 28 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:32
चंद्रमा यहाँ 18:32 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:32 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।