tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 25 सितंबर 2038

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 09:17 तक

फिर द्वादशी · 07:39 रवि तक

व्रत

इंदिरा एकादशी

पारण समय
06:51⁠–⁠07:39 रवि
रवि 26 सितंबर
व्रत आरंभ
06:50

इंदिरा एकादशी शनि 25 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 25 सितंबर क्यों?

इंदिरा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:14 06:50 18:52अगला सूर्योदय 06:51 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:50–08:20कालअशुभ
  • 08:20–09:50शुभ
  • 09:50–11:21रोगअशुभ
  • 11:21–12:51उद्वेगअशुभ
  • 12:51–14:21चरसामान्य
  • 14:21–15:51लाभयमगण्ड में
  • 15:51–17:22अमृतशुभ
  • 17:22–18:52कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:52–20:22लाभशुभ
  • 20:22–21:52उद्वेगअशुभ
  • 21:52–23:21शुभ
  • 23:21–00:51 रविअमृतशुभ
  • 00:51–02:21 रविचरसामान्य
  • 02:21–03:51 रविरोगअशुभ
  • 03:51–05:21 रविकालअशुभ
  • 05:21–06:51 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 25 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:02, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:50–08:20
  • शुभ, 08:20–09:50
  • रोग, अशुभ, 09:50–11:21
  • उद्वेग, अशुभ, 11:21–12:51
  • चर, सामान्य, 12:51–14:21
  • लाभ, शुभ, 14:21–15:51
  • अमृत, शुभ, 15:51–17:22
  • काल, अशुभ, 17:22–18:52
  • लाभ, शुभ, 18:52–20:22
  • उद्वेग, अशुभ, 20:22–21:52
  • शुभ, 21:52–23:21
  • अमृत, शुभ, 23:21–00:51 रवि
  • चर, सामान्य, 00:51–02:21 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:21–03:51 रवि
  • काल, अशुभ, 03:51–05:21 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:21–06:51 रवि
  • गुलिक काल, 06:50–08:20, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:50–07:38, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:38–08:26, अशुभ
  • राहु काल, 09:50–11:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:15, शुभ
  • यमगण्ड, 14:21–15:51, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:03 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में इंदिरा एकादशी शनि 25 सितंबर को क्यों है?

इंदिरा एकादशी शनि 25 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी 06:49 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 24 सितंबर अरुणोदय 05:13–06:49
दशमी 06:49 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 24 सितंबर अरुणोदय 05:13–06:49
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 25 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:50: शनि 25 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 10:06 शुक्र पर, उससे (05:14–06:50) पहले, समाप्त हुई।

इंदिरा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

शनि 25 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 310.7° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 310.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 310.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:50। दशमी उससे पहले 10:06 शुक्र पर समाप्त हुई। एकादशी 09:17 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 13 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 25 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:14–06:02

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:14–06:02।

सूर्यास्त 18:54 शुक्र सूर्योदय 06:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 24 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:54 शुक्र सूर्योदय 06:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 24 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 24 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:54 शुक्र से सूर्योदय 06:50 तक थी, 11 घं 56 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 25 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:15

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:15।

शनि 25 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:50–07:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:50–07:38 और 07:38–08:26।

शनि 25 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:38–08:26

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:50–07:38 और 07:38–08:26।

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:50 से 18:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:50–07:38 और 07:38–08:26।

शनि 25 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:50–08:20 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:50 से 18:52, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:52 से 06:51 रवि, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 25 सितंबर को राहुकाल कब है? 09:50–11:21

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:50–11:21।

शनि 25 सितंबर को यमगंड कब है? 14:21–15:51

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:21–15:51।

शनि 25 सितंबर को गुलिक काल कब है? 06:50–08:20

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:50–08:20।

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:50 से 18:52 तक है, 12 घं 2 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 25 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 18:52, 12 घं 2 मि का दिन।

शनि 25 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:52

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 18:52, 12 घं 2 मि का दिन।

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:16 चंद्रोदय 03:35 रवि
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:16 चंद्रोदय 03:35 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 25 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 108.5° पर था: अश्लेशा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 108.5° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 108.5° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 106°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:54 रवि को निकलेगा, मघा में।

शनि 25 सितंबर को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 266.3° थे: शिव।

सूर्य 157.8° + चंद्रमा 108.5° = 266.3° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 157.8° + चंद्रमा 108.5° = 266.3° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 157.8° + 108.5° = 266.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 07:33 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

शनि 25 सितंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 310.7° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 310.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 310.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:48 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 09:17 तक है।

शनि 25 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:50, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:50 से 06:51 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 25 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 30 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 28 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

शनि 25 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 25 सितंबर अमावस्या 30 अग॰ पूर्णिमा 13 सित॰ अमावस्या 28 सित॰ पूर्णिमा 13 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 25 सितंबर अमावस्या 30 अग॰ पूर्णिमा 13 सित॰ अमावस्या 28 सित॰ पूर्णिमा 13 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

शनि 25 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2095 · शक 1960

विक्रम संवत 2095 4 अप्रैल 2038 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 4 अप्रैल 2038 20:43 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 25 सितंबर सूर्य 157.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 4 अप्रैल 2038 20:43 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 25 सितंबर सूर्य 157.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 2038, 20:43 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 167.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2095 गिनता है; शक संवत 1960।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 25 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:35 रवि

चंद्रमा यहाँ 03:35 रवि पर उदय होता है।

शनि 25 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:16

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:16 चंद्रोदय 03:35 रवि
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:52 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:16 चंद्रोदय 03:35 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:16 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:35 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:16 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:35 रवि पर उदय होगा।