Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 12 अगस्त 2038
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत गुरु 12 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 12 अगस्त क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़12 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 12 अगस्त
- 04:47–05:27ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:07 से
- 06:07–07:51शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:36–13:32अभिजीत मुहूर्त
- 13:04–14:49लाभ चौघड़िया
-
13:27–14:49अमृत कालराहु काल छोड़कर · पूर्वाषाढा में
- 14:49–16:33अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 18:17–20:01शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:01 के बाद
- 20:01–21:17अमृत चौघड़िया
- 01:05–02:21 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:36–04:52 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:52–06:08 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:47–05:28 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:07–07:51शुभयमगण्ड में
- 07:51–09:36रोगअशुभ
- 09:36–11:20उद्वेगअशुभ
- 11:20–13:04चरसामान्य
- 13:04–14:49लाभशुभ
- 14:49–16:33अमृतराहु काल में
- 16:33–18:17कालअशुभ
- 18:17–20:01शुभ
रात का चौघड़िया
- 20:01–21:17अमृतशुभ
- 21:17–22:33चरसामान्य
- 22:33–23:49रोगअशुभ
- 23:49–01:05 शुक्रकालअशुभ
- 01:05–02:21 शुक्रलाभशुभ
- 02:21–03:36 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:36–04:52 शुक्रशुभ
- 04:52–06:08 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 12 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:27, शुभ
- शुभ, 06:07–07:51
- रोग, अशुभ, 07:51–09:36
- उद्वेग, अशुभ, 09:36–11:20
- चर, सामान्य, 11:20–13:04
- लाभ, शुभ, 13:04–14:49
- अमृत, शुभ, 14:49–16:33
- काल, अशुभ, 16:33–18:17
- शुभ, 18:17–20:01
- अमृत, शुभ, 20:01–21:17
- चर, सामान्य, 21:17–22:33
- रोग, अशुभ, 22:33–23:49
- काल, अशुभ, 23:49–01:05 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:05–02:21 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:21–03:36 शुक्र
- शुभ, 03:36–04:52 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:52–06:08 शुक्र
- यमगण्ड, 06:07–07:51, अशुभ
- गुलिक काल, 09:36–11:20, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:45–11:41, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:36–13:32, शुभ
- राहु काल, 14:49–16:33, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:19–17:15, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:28 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत गुरु 12 अगस्त को क्यों है?
प्रदोष व्रत गुरु 12 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 12 अगस्त को 04:38 से शुक्र 13 अगस्त को 03:41 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (20:01–22:03) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 12 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 144.8° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:07। द्वादशी उससे पहले 04:38 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 03:41 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 1 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Sevan में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:48, द्वादशी की समाप्ति 06:08 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 05:11 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 06:07, द्वादशी की समाप्ति 04:38 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
गुरु 12 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:47–05:27
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:47–05:27।
बुध 11 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:03 बुध से सूर्योदय 06:07 तक थी, 10 घं 4 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 12 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:36–13:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:36–13:32।
गुरु 12 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 10:45–11:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:45–11:41 और 16:19–17:15।
गुरु 12 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:19–17:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:45–11:41 और 16:19–17:15।
यहाँ दिन, 06:07 से 20:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:45–11:41 और 16:19–17:15।
गुरु 12 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:07–07:51 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:07 से 20:01, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:01 से 06:08 शुक्र, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 12 अगस्त को राहुकाल कब है? 14:49–16:33
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:49–16:33।
गुरु 12 अगस्त को यमगंड कब है? 06:07–07:51
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:07–07:51।
गुरु 12 अगस्त को गुलिक काल कब है? 09:36–11:20
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:36–11:20।
यहाँ दिन 06:07 से 20:01 तक है, 13 घं 54 मि। इसे 1 घं 44 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 12 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 20:01, 13 घं 54 मि का दिन।
गुरु 12 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 20:01, 13 घं 54 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 12 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 259.9° पर था: पूर्वाषाढा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 256°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 18:11 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
गुरु 12 अगस्त को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 375° थे, एक चक्कर और 15°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 115.1° + 259.9° = 375°, एक पूरा चक्कर और 15°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 01:32 शुक्र को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
गुरु 12 अगस्त को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 144.8° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 16:07 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 03:41 शुक्र तक।
गुरु 12 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:07, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:07 से 06:08 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 1 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 30 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
गुरु 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
गुरु 12 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2095 · शक 1960
विक्रम संवत 2095 4 अप्रैल 2038 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 2038, 20:43 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 124.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2095 गिनता है; शक संवत 1960।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 12 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:32
चंद्रमा यहाँ 18:32 पर उदय होता है।
गुरु 12 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:06 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:32 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:06 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:32 पर उदय हुआ; वह फिर 04:06 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।