tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 5 दिसंबर 2037

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 08:22 तक

फिर चतुर्दशी · 05:50 रवि तक

यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं कारण जानें

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:21⁠–⁠01:20 रवि
निशीथ काल 00:21⁠–⁠01:20 रवि

मासिक शिवरात्रि शनि 5 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 5 दिसंबर क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:11 08:07 17:33अगला सूर्योदय 08:08 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:07–09:18कालअशुभ
  • 09:18–10:29शुभ
  • 10:29–11:39रोगअशुभ
  • 11:39–12:50उद्वेगअशुभ
  • 12:50–14:01चरसामान्य
  • 14:01–15:11लाभयमगण्ड में
  • 15:11–16:22अमृतशुभ
  • 16:22–17:33कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:33–19:22लाभशुभ
  • 19:22–21:12उद्वेगअशुभ
  • 21:12–23:01शुभ
  • 23:01–00:51 रविअमृतशुभ
  • 00:51–02:40 रविचरसामान्य
  • 02:40–04:29 रविरोगअशुभ
  • 04:29–06:19 रविकालअशुभ
  • 06:19–08:08 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 5 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:11–07:09, शुभ
  • काल, अशुभ, 08:07–09:18
  • शुभ, 09:18–10:29
  • रोग, अशुभ, 10:29–11:39
  • उद्वेग, अशुभ, 11:39–12:50
  • चर, सामान्य, 12:50–14:01
  • लाभ, शुभ, 14:01–15:11
  • अमृत, शुभ, 15:11–16:22
  • काल, अशुभ, 16:22–17:33
  • लाभ, शुभ, 17:33–19:22
  • उद्वेग, अशुभ, 19:22–21:12
  • शुभ, 21:12–23:01
  • अमृत, शुभ, 23:01–00:51 रवि
  • चर, सामान्य, 00:51–02:40 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:40–04:29 रवि
  • काल, अशुभ, 04:29–06:19 रवि
  • लाभ, शुभ, 06:19–08:08 रवि
  • गुलिक काल, 08:07–09:18, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:07–08:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:45–09:23, अशुभ
  • राहु काल, 10:29–11:39, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:31–13:09, शुभ
  • यमगण्ड, 14:01–15:11, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:12–07:10 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में मासिक शिवरात्रि शनि 5 दिसंबर को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि शनि 5 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 23:00 00:00 01:00 02:00 03:00 शुक्र 4 दिसंबर निशीथ काल 00:21–01:19 शनि
त्रयोदशी 23:00 00:00 01:00 02:00 03:00 शुक्र 4 दिसंबर निशीथ काल 00:21–01:19 शनि
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 5 दिसंबर को 08:22 से रवि 6 दिसंबर को 05:50 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (00:21 रवि–01:20 रवि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

शनि 5 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 335.9° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 335.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:07। द्वादशी उससे पहले 11:04 शुक्र पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 08:22 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 23 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

चतुर्दशी क्षय क्यों है?

चतुर्दशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या शनि 5 दिसंबर सुबह रवि 6 दिसंबर सुबह Sevan UTC+4 08:22 05:50 08:07 त्रयोदशी 08:08 अमावस्या चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या शनि 5 दिसंबर सुबह रवि 6 दिसंबर सुबह Sevan UTC+4 08:22 05:50 08:07 त्रयोदशी 08:08 अमावस्या चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 08:22 को शुरू हुई और 05:50 रवि को समाप्त, 08:07 और 08:08 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को त्रयोदशी है और रविवार को अमावस्या: चतुर्दशी यहाँ क्षय तिथि है।

शनि 5 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:11–07:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:11–07:09।

सूर्यास्त 17:33 शुक्र सूर्योदय 08:07 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 4 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:33 शुक्र सूर्योदय 08:07 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 4 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 4 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:33 शुक्र से सूर्योदय 08:07 तक थी, 14 घं 34 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 5 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:31–13:09

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:31–13:09।

शनि 5 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:07–08:45

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 08:07–08:45 और 08:45–09:23।

शनि 5 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:45–09:23

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 08:07–08:45 और 08:45–09:23।

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 08:07 से 17:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 08:07–08:45 और 08:45–09:23।

शनि 5 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:07–09:18 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:07 से 17:33, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:33 से 08:08 रवि, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 5 दिसंबर को राहुकाल कब है? 10:29–11:39

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:29–11:39।

शनि 5 दिसंबर को यमगंड कब है? 14:01–15:11

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:01–15:11।

शनि 5 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 08:07–09:18

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 08:07–09:18।

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 08:07 से 17:33 तक है, 9 घं 26 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 5 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:07, सूर्यास्त 17:33, 9 घं 26 मि का दिन।

शनि 5 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:07, सूर्यास्त 17:33, 9 घं 26 मि का दिन।

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:41 चंद्रोदय 07:07 रवि
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:41 चंद्रोदय 07:07 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 5 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 204.8° पर था: विशाखा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 204.8° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 204.8° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:14 को निकलेगा, अनुराधा में।

शनि 5 दिसंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 433.8° थे, एक चक्कर और 73.8°: अतिगण्ड।

सूर्य 229.0° + चंद्रमा 204.8° = 433.8° एक चक्कर + 73.8° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 229.0° + चंद्रमा 204.8° = 433.8° एक चक्कर + 73.8° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 229° + 204.8° = 433.8°, एक पूरा चक्कर और 73.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 17:44 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।

शनि 5 दिसंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 335.9° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 335.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:42 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 08:22 तक है।

शनि 5 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 08:07, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:07 से 08:08 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 5 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 7 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 7 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

शनि 5 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 5 दिसंबर अमावस्या 7 नव॰ पूर्णिमा 23 नव॰ अमावस्या 7 दिस॰ पूर्णिमा 22 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 5 दिसंबर अमावस्या 7 नव॰ पूर्णिमा 23 नव॰ अमावस्या 7 दिस॰ पूर्णिमा 22 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

शनि 5 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2094 · शक 1959

विक्रम संवत 2094 17 मार्च 2037 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2037 03:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 5 दिसंबर सूर्य 229.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2037 03:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 5 दिसंबर सूर्य 229.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2037, 03:36 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 256.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2094 गिनता है; शक संवत 1959।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 5 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:07 रवि

चंद्रमा यहाँ 07:07 रवि पर उदय होता है।

शनि 5 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:41

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:41 चंद्रोदय 07:07 रवि
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:41 चंद्रोदय 07:07 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:41 पर अस्त हुआ; वह फिर 07:07 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:41 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 07:07 रवि पर उदय होगा।