tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 23 अगस्त 2035

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:54 06:18 19:46अगला सूर्योदय 06:19 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:18–07:59शुभयमगण्ड में
  • 07:59–09:40रोगअशुभ
  • 09:40–11:21उद्वेगअशुभ
  • 11:21–13:02चरसामान्य
  • 13:02–14:43लाभशुभ
  • 14:43–16:24अमृतराहु काल में
  • 16:24–18:05कालअशुभ
  • 18:05–19:46शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:46–21:05अमृतशुभ
  • 21:05–22:24चरसामान्य
  • 22:24–23:43रोगअशुभ
  • 23:43–01:02 शुक्रकालअशुभ
  • 01:02–02:21 शुक्रलाभशुभ
  • 02:21–03:40 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:40–05:00 शुक्रशुभ
  • 05:00–06:19 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 23 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:36, शुभ
  • शुभ, 06:18–07:59
  • रोग, अशुभ, 07:59–09:40
  • उद्वेग, अशुभ, 09:40–11:21
  • चर, सामान्य, 11:21–13:02
  • लाभ, शुभ, 13:02–14:43
  • अमृत, शुभ, 14:43–16:24
  • काल, अशुभ, 16:24–18:05
  • शुभ, 18:05–19:46
  • अमृत, शुभ, 19:46–21:05
  • चर, सामान्य, 21:05–22:24
  • रोग, अशुभ, 22:24–23:43
  • काल, अशुभ, 23:43–01:02 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:02–02:21 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:21–03:40 शुक्र
  • शुभ, 03:40–05:00 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:00–06:19 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:18–07:59, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:40–11:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:47–11:41, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:35–13:29, शुभ
  • राहु काल, 14:43–16:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:11–17:04, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:36 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 23 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 228.2° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 228.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 228.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। चतुर्थी उससे पहले 05:57 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 05:04 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 19 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्थी है, Sevan में पञ्चमी।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी गुरु 23 अगस्त सुबह शुक्र 24 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:27 05:57 06:34 05:04 05:54 चतुर्थी 05:55 पञ्चमी 06:18 पञ्चमी 06:19 षष्ठी
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी गुरु 23 अगस्त सुबह शुक्र 24 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:27 05:57 06:34 05:04 05:54 चतुर्थी 05:55 पञ्चमी 06:18 पञ्चमी 06:19 षष्ठी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:54, चतुर्थी की समाप्ति 07:27 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 06:18, चतुर्थी की समाप्ति 05:57 के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।

गुरु 23 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:54–05:36

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:54–05:36।

सूर्यास्त 19:48 बुध सूर्योदय 06:18 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 22 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:48 बुध सूर्योदय 06:18 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 22 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 22 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:48 बुध से सूर्योदय 06:18 तक थी, 10 घं 30 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 23 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:35–13:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:35–13:29।

गुरु 23 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 10:47–11:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:47–11:41 और 16:11–17:04।

गुरु 23 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:11–17:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:47–11:41 और 16:11–17:04।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:18 से 19:46, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:47–11:41 और 16:11–17:04।

गुरु 23 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:18–07:59 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:18 से 19:46, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:46 से 06:19 शुक्र, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 23 अगस्त को राहुकाल कब है? 14:43–16:24

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:43–16:24।

गुरु 23 अगस्त को यमगंड कब है? 06:18–07:59

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:18–07:59।

गुरु 23 अगस्त को गुलिक काल कब है? 09:40–11:21

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:40–11:21।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:18 से 19:46 तक है, 13 घं 28 मि। इसे 1 घं 41 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 23 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 19:46, 13 घं 28 मि का दिन।

गुरु 23 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 19:46, 13 घं 28 मि का दिन।

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:29 चंद्रोदय 22:16
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:29 चंद्रोदय 22:16
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 353.6° पर था: रेवती, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 353.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 353.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 353°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:42 को निकलेगा, अश्विनी में।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 479.1° थे, एक चक्कर और 119.1°: शूल।

सूर्य 125.5° + चंद्रमा 353.6° = 479.1° एक चक्कर + 119.1° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 125.5° + चंद्रमा 353.6° = 479.1° एक चक्कर + 119.1° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 125.5° + 353.6° = 479.1°, एक पूरा चक्कर और 119.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 07:47 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 228.2° थी: पञ्चमी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 228.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° कौलव 228°–234° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 228.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° कौलव 228°–234° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 17:34 तक है, जब बढ़त 234° होगी; तैतिल 05:04 शुक्र तक।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:19 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 3 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 2 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 23 अगस्त अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 19 अग॰ अमावस्या 2 सित॰ पूर्णिमा 17 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 23 अगस्त अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 19 अग॰ अमावस्या 2 सित॰ पूर्णिमा 17 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

गुरु 23 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2092 · शक 1957

विक्रम संवत 2092 8 अप्रैल 2035 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 14:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 23 अगस्त सूर्य 125.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 14:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 23 अगस्त सूर्य 125.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2035, 14:57 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 131.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2092 गिनता है; शक संवत 1957।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 23 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:16

चंद्रमा यहाँ 22:16 पर उदय होता है।

गुरु 23 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:29

सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:29 चंद्रोदय 22:16
सूर्योदय 06:18 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:19 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:29 चंद्रोदय 22:16
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:29 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:16 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:29 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:16 पर उदय होगा।