tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 31 जुलाई 2034

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

पूर्णिमा

शुक्ल पक्ष · 09:54 तक

फिर प्रतिपदा · 09:23 मंगल तक

त्योहार

गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा सोम 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। सोम 31 जुलाई क्यों?

गुरु पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा सोम 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। सोम 31 जुलाई क्यों?

पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:38 05:56 20:16अगला सूर्योदय 05:57 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:56–07:43अमृतशुभ
  • 07:43–09:31कालअशुभ
  • 09:31–11:18शुभ
  • 11:18–13:06रोगअशुभ
  • 13:06–14:53उद्वेगअशुभ
  • 14:53–16:41चरसामान्य
  • 16:41–18:28लाभशुभ
  • 18:28–20:16अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:16–21:28चरसामान्य
  • 21:28–22:41रोगअशुभ
  • 22:41–23:54कालअशुभ
  • 23:54–01:06 मंगललाभशुभ
  • 01:06–02:19 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:19–03:31 मंगलशुभ
  • 03:31–04:44 मंगलअमृतशुभ
  • 04:44–05:57 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 31 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:17, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:56–07:43
  • काल, अशुभ, 07:43–09:31
  • शुभ, 09:31–11:18
  • रोग, अशुभ, 11:18–13:06
  • उद्वेग, अशुभ, 13:06–14:53
  • चर, सामान्य, 14:53–16:41
  • लाभ, शुभ, 16:41–18:28
  • अमृत, शुभ, 18:28–20:16
  • चर, सामान्य, 20:16–21:28
  • रोग, अशुभ, 21:28–22:41
  • काल, अशुभ, 22:41–23:54
  • लाभ, शुभ, 23:54–01:06 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 01:06–02:19 मंगल
  • शुभ, 02:19–03:31 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:31–04:44 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:44–05:57 मंगल
  • राहु काल, 07:43–09:31, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:18–13:06, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:37–13:34, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:34–14:32, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:53–16:41, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:26–17:24, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:18 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में गुरु पूर्णिमा सोम 31 जुलाई को क्यों है?

गुरु पूर्णिमा सोम 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 रवि 30 जुलाई सूर्योदय 05:55
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 रवि 30 जुलाई सूर्योदय 05:55
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

गुरु पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 30 जुलाई को 09:58 से सोम 31 जुलाई को 09:54 तक है, इसलिए वह केवल सोम 31 जुलाई के सूर्योदय (05:56) पर है। गुरु पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

गुरु पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़

Sevan में पूर्णिमा सोम 31 जुलाई को क्यों है?

पूर्णिमा सोम 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 रवि 30 जुलाई सूर्योदय 05:55
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 रवि 30 जुलाई सूर्योदय 05:55
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 30 जुलाई को 09:58 से सोम 31 जुलाई को 09:54 तक है, इसलिए वह केवल सोम 31 जुलाई के सूर्योदय (05:56) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़

सोम 31 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 178° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 178.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 178.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:56। चतुर्दशी उससे पहले 09:58 रवि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 09:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 15 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

सोम 31 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:38–05:17

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:38–05:17।

सूर्यास्त 20:17 रवि सूर्योदय 05:56 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 30 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:17 रवि सूर्योदय 05:56 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 30 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 30 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:17 रवि से सूर्योदय 05:56 तक थी, 9 घं 39 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 31 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:37–13:34

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:37–13:34।

सोम 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:34–14:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:34–14:32 और 16:26–17:24।

सोम 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:26–17:24

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:34–14:32 और 16:26–17:24।

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:56 से 20:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:34–14:32 और 16:26–17:24।

सोम 31 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:56–07:43 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:56 से 20:16, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:16 से 05:57 मंगल, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 31 जुलाई को राहुकाल कब है? 07:43–09:31

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:43–09:31।

सोम 31 जुलाई को यमगंड कब है? 11:18–13:06

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:18–13:06।

सोम 31 जुलाई को गुलिक काल कब है? 14:53–16:41

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:53–16:41।

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:56 से 20:16 तक है, 14 घं 20 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 31 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:56

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 20:16, 14 घं 20 मि का दिन।

सोम 31 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:16

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 20:16, 14 घं 20 मि का दिन।

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:00 चंद्रोदय 20:11
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:00 चंद्रोदय 20:11
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 31 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 281.6° पर था: श्रवण, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 281.6° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 281.6° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 280° पर उसके पद 1 में आया। वह 03:16 मंगल को निकलेगा, धनिष्ठा में।

सोम 31 जुलाई को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 385.2° थे, एक चक्कर और 25.2°: प्रीति।

सूर्य 103.6° + चंद्रमा 281.6° = 385.2° एक चक्कर + 25.2° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 103.6° + चंद्रमा 281.6° = 385.2° एक चक्कर + 25.2° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 103.6° + 281.6° = 385.2°, एक पूरा चक्कर और 25.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 08:20 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

सोम 31 जुलाई को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 178° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 178.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° बव 174°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 178.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° बव 174°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 21:59 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 09:54 तक है।

सोम 31 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:56, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:56 से 05:57 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 15 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 14 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

सोम 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल सोम 31 जुलाई पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 14 अग॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल सोम 31 जुलाई पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 14 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

सोम 31 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956

विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 31 जुलाई सूर्य 103.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 31 जुलाई सूर्य 103.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 14:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 128.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 31 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:11

चंद्रमा यहाँ 20:11 पर उदय होता है।

सोम 31 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:00

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:00 चंद्रोदय 20:11
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:00 चंद्रोदय 20:11
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:00 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:11 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय दिन में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:00 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:11 पर उदय होगा।