tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 13 जुलाई 2034

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 06:29 तक

फिर त्रयोदशी · 03:33 शुक्र तक

यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
20:30⁠–⁠22:20
प्रदोष काल 20:30⁠–⁠22:20

प्रदोष व्रत गुरु 13 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 13 जुलाई क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:47⁠–⁠01:24 शुक्र
निशीथ काल 00:47⁠–⁠01:24 शुक्र

मासिक शिवरात्रि गुरु 13 जुलाई को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। गुरु 13 जुलाई क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

परमा एकादशी

पारण गुरु 13 जुलाई, 05:40⁠–⁠06:29
परमा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:27 05:40 20:30अगला सूर्योदय 05:41 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:40–07:31शुभयमगण्ड में
  • 07:31–09:23रोगअशुभ
  • 09:23–11:14उद्वेगअशुभ
  • 11:14–13:05चरसामान्य
  • 13:05–14:56लाभशुभ
  • 14:56–16:48अमृतराहु काल में
  • 16:48–18:39कालअशुभ
  • 18:39–20:30शुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:30–21:39अमृतशुभ
  • 21:39–22:48चरसामान्य
  • 22:48–23:57रोगअशुभ
  • 23:57–01:06 शुक्रकालअशुभ
  • 01:06–02:14 शुक्रलाभशुभ
  • 02:14–03:23 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:23–04:32 शुक्रशुभ
  • 04:32–05:41 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 13 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:04, शुभ
  • शुभ, 05:40–07:31
  • रोग, अशुभ, 07:31–09:23
  • उद्वेग, अशुभ, 09:23–11:14
  • चर, सामान्य, 11:14–13:05
  • लाभ, शुभ, 13:05–14:56
  • अमृत, शुभ, 14:56–16:48
  • काल, अशुभ, 16:48–18:39
  • शुभ, 18:39–20:30
  • अमृत, शुभ, 20:30–21:39
  • चर, सामान्य, 21:39–22:48
  • रोग, अशुभ, 22:48–23:57
  • काल, अशुभ, 23:57–01:06 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:06–02:14 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:14–03:23 शुक्र
  • शुभ, 03:23–04:32 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:32–05:41 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:40–07:31, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:23–11:14, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:37–11:36, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:35–13:35, शुभ
  • राहु काल, 14:56–16:48, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:33–17:32, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:04 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत गुरु 13 जुलाई को क्यों है?

प्रदोष व्रत गुरु 13 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 बुध 12 जुलाई प्रदोष काल 20:31–22:20
द्वादशी 19:00 21:00 23:00 बुध 12 जुलाई प्रदोष काल 20:31–22:20
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 13 जुलाई को 06:29 से शुक्र 14 जुलाई को 03:33 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (20:30–22:20) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

Sevan में मासिक शिवरात्रि गुरु 13 जुलाई को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि गुरु 13 जुलाई को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

त्रयोदशी 03:33 23:00 00:00 01:00 02:00 गुरु 13 जुलाई स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:47–01:24 शुक्र चतुर्दशी 03:33 शुक्र से
त्रयोदशी 03:33 23:00 01:00 गुरु 13 जुलाई स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:47–01:24 शुक्र चतुर्दशी 03:33 शुक्र से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शुक्र 14 जुलाई को 03:33 से शनि 15 जुलाई को 00:45 तक है, दोनों रात के निशीथ काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: गुरु 13 जुलाई। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

गुरु 13 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 323.5° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 323.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:40। एकादशी उससे पहले 09:24 बुध पर समाप्त हुई। द्वादशी 06:29 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 1 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

त्रयोदशी क्षय क्यों है?

त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 13 जुलाई सुबह शुक्र 14 जुलाई सुबह Sevan UTC+4 06:29 03:33 05:40 द्वादशी 05:41 चतुर्दशी त्रयोदशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 13 जुलाई सुबह शुक्र 14 जुलाई सुबह Sevan UTC+4 06:29 03:33 05:40 द्वादशी 05:41 चतुर्दशी त्रयोदशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 06:29 को शुरू हुई और 03:33 शुक्र को समाप्त, 05:40 और 05:41 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को द्वादशी है और शुक्रवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।

गुरु 13 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:27–05:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:27–05:04।

सूर्यास्त 20:31 बुध सूर्योदय 05:40 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 12 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:31 बुध सूर्योदय 05:40 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 12 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 12 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:31 बुध से सूर्योदय 05:40 तक थी, 9 घं 9 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 13 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:35–13:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:35–13:35।

गुरु 13 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:37–11:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:37–11:36 और 16:33–17:32।

गुरु 13 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:33–17:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:37–11:36 और 16:33–17:32।

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:40 से 20:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:37–11:36 और 16:33–17:32।

गुरु 13 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:40–07:31 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:40 से 20:30, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:30 से 05:41 शुक्र, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 13 जुलाई को राहुकाल कब है? 14:56–16:48

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:56–16:48।

गुरु 13 जुलाई को यमगंड कब है? 05:40–07:31

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:40–07:31।

गुरु 13 जुलाई को गुलिक काल कब है? 09:23–11:14

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:23–11:14।

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:40 से 20:30 तक है, 14 घं 50 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 13 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 20:30, 14 घं 50 मि का दिन।

गुरु 13 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 20:30, 14 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:03 चंद्रोदय 04:19 शुक्र
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:03 चंद्रोदय 04:19 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 49.9° पर था: रोहिणी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 49.9° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 49.9° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 46°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:10 को निकलेगा, मृगशिरा में।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 136.3° थे: वृद्धि।

सूर्य 86.4° + चंद्रमा 49.9° = 136.3° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 86.4° + चंद्रमा 49.9° = 136.3° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 86.4° + 49.9° = 136.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 21:28 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 323.5° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 323.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 19:57 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 06:29 तक है।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:40, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:40 से 05:41 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)

16 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 14:25 शुक्र से 15 जुलाई 22:15 शनि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 23:17 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 13 जुलाई अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 13 जुलाई अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956

विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 13 जुलाई सूर्य 86.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 13 जुलाई सूर्य 86.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 14:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 110.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 13 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:19 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 04:19 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 13 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:03

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:03 चंद्रोदय 04:19 शुक्र
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:03 चंद्रोदय 04:19 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:03 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:19 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:03 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:19 शुक्र पर उदय होगा।