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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 12 जून 2034

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

दशमी

कृष्ण पक्ष · 06:49 तक

फिर एकादशी · 03:59 मंगल तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

योगिनी एकादशी

पारण समय
09:11⁠–⁠20:31 मंगल
मंगल 13 जून
व्रत आरंभ
05:29

स्मार्त परंपरा में योगिनी एकादशी सोम 12 जून को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव मंगल 13 जून को व्रत रखते हैं। सोम 12 जून क्यों?

योगिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:17 05:29 20:30अगला सूर्योदय 05:29 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:29–07:21अमृतशुभ
  • 07:21–09:14कालअशुभ
  • 09:14–11:07शुभ
  • 11:07–12:59रोगअशुभ
  • 12:59–14:52उद्वेगअशुभ
  • 14:52–16:45चरसामान्य
  • 16:45–18:38लाभशुभ
  • 18:38–20:30अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:30–21:38चरसामान्य
  • 21:38–22:45रोगअशुभ
  • 22:45–23:52कालअशुभ
  • 23:52–00:59 मंगललाभशुभ
  • 00:59–02:07 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:07–03:14 मंगलशुभ
  • 03:14–04:21 मंगलअमृतशुभ
  • 04:21–05:29 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 12 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:17–04:53, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:29–07:21
  • काल, अशुभ, 07:21–09:14
  • शुभ, 09:14–11:07
  • रोग, अशुभ, 11:07–12:59
  • उद्वेग, अशुभ, 12:59–14:52
  • चर, सामान्य, 14:52–16:45
  • लाभ, शुभ, 16:45–18:38
  • अमृत, शुभ, 18:38–20:30
  • चर, सामान्य, 20:30–21:38
  • रोग, अशुभ, 21:38–22:45
  • काल, अशुभ, 22:45–23:52
  • लाभ, शुभ, 23:52–00:59 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:59–02:07 मंगल
  • शुभ, 02:07–03:14 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:14–04:21 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:21–05:29 मंगल
  • राहु काल, 07:21–09:14, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:07–12:59, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:29–13:30, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:30–14:30, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:52–16:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:30–17:30, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:17–04:53 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में योगिनी एकादशी सोम 12 जून को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में योगिनी एकादशी सोम 12 जून को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव मंगल 13 जून को व्रत रखते हैं।

दशमी 05:29 06:49 02:00 03:00 04:00 05:00 06:00 सोम 12 जून स्मार्त अरुणोदय 03:53–05:29 एकादशी 06:49 से
दशमी 05:29 06:49 02:00 04:00 सोम 12 जून स्मार्त अरुणोदय 03:53–05:29 एकादशी 06:49 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह सोम 12 जून को 06:49 पर, उस सूर्योदय (05:29) के बाद, लगती है और मंगल 13 जून को 03:59 पर, अगले सूर्योदय (05:29 मंगल) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: सोम 12 जून।

योगिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सोम 12 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 299.2° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 299.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:29। नवमी उससे पहले 09:11 रवि पर समाप्त हुई। दशमी 06:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 2 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 12 जून सुबह मंगल 13 जून सुबह Sevan UTC+4 06:49 03:59 05:29 दशमी 05:29 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 12 जून सुबह मंगल 13 जून सुबह Sevan UTC+4 06:49 03:59 05:29 दशमी 05:29 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 06:49 को शुरू हुई और 03:59 मंगल को समाप्त, 05:29 और 05:29 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को दशमी है और मंगलवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 12 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:17–04:53

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:17–04:53।

सूर्यास्त 20:30 रवि सूर्योदय 05:29 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 11 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:30 रवि सूर्योदय 05:29 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 11 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 11 जून की रात सूर्यास्त 20:30 रवि से सूर्योदय 05:29 तक थी, 8 घं 59 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 12 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:29–13:30

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:29–13:30।

सोम 12 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 13:30–14:30

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:30–14:30 और 16:30–17:30।

सोम 12 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 16:30–17:30

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:30–14:30 और 16:30–17:30।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:29 से 20:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:30–14:30 और 16:30–17:30।

सोम 12 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:29–07:21 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:29 से 20:30, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:30 से 05:29 मंगल, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 12 जून को राहुकाल कब है? 07:21–09:14

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:21–09:14।

सोम 12 जून को यमगंड कब है? 11:07–12:59

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:07–12:59।

सोम 12 जून को गुलिक काल कब है? 14:52–16:45

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:52–16:45।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:29 से 20:30 तक है, 15 घं 1 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 12 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 20:30, 15 घं 1 मि का दिन।

सोम 12 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 20:30, 15 घं 1 मि का दिन।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:45 चंद्रोदय 03:10 मंगल
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:45 चंद्रोदय 03:10 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 12 जून को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 356.1° पर था: रेवती, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 356.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 356.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 353°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:57 को निकलेगा, अश्विनी में।

सोम 12 जून को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 413° थे, एक चक्कर और 53°: सौभाग्य।

सूर्य 56.9° + चंद्रमा 356.1° = 413.0° एक चक्कर + 53.0° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 56.9° + चंद्रमा 356.1° = 413.0° एक चक्कर + 53.0° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 56.9° + 356.1° = 413°, एक पूरा चक्कर और 53°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 06:04 को समाप्त होता है, फिर शोभन।

सोम 12 जून को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 299.2° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 299.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:04 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 06:49 तक है।

सोम 12 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:29, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:29 से 05:29 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 12 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 18 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 16 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

सोम 12 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल सोम 12 जून अमावस्या 18 मई पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल सोम 12 जून अमावस्या 18 मई पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

सोम 12 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956

विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 12 जून सूर्य 56.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 12 जून सूर्य 56.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 14:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 81.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 12 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:10 मंगल

चंद्रमा यहाँ 03:10 मंगल पर उदय होता है।

सोम 12 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:45

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:45 चंद्रोदय 03:10 मंगल
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 20:30 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:45 चंद्रोदय 03:10 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:45 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:10 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:45 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:10 मंगल पर उदय होगा।