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English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 30 मार्च 2034

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 16:37 तक

फिर द्वादशी · 17:41 शुक्र तक

व्रत

कामदा एकादशी

पारण समय
06:45⁠–⁠17:41 शुक्र
शुक्र 31 मार्च
व्रत आरंभ
06:47

कामदा एकादशी गुरु 30 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। गुरु 30 मार्च क्यों?

कामदा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:15 06:47 19:22अगला सूर्योदय 06:45 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:47–08:21शुभयमगण्ड में
  • 08:21–09:56रोगअशुभ
  • 09:56–11:30उद्वेगअशुभ
  • 11:30–13:04चरसामान्य
  • 13:04–14:39लाभशुभ
  • 14:39–16:13अमृतराहु काल में
  • 16:13–17:47कालअशुभ
  • 17:47–19:22शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:22–20:47अमृतशुभ
  • 20:47–22:13चरसामान्य
  • 22:13–23:38रोगअशुभ
  • 23:38–01:04 शुक्रकालअशुभ
  • 01:04–02:29 शुक्रलाभशुभ
  • 02:29–03:54 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:54–05:20 शुक्रशुभ
  • 05:20–06:45 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 30 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:01, शुभ
  • शुभ, 06:47–08:21
  • रोग, अशुभ, 08:21–09:56
  • उद्वेग, अशुभ, 09:56–11:30
  • चर, सामान्य, 11:30–13:04
  • लाभ, शुभ, 13:04–14:39
  • अमृत, शुभ, 14:39–16:13
  • काल, अशुभ, 16:13–17:47
  • शुभ, 17:47–19:22
  • अमृत, शुभ, 19:22–20:47
  • चर, सामान्य, 20:47–22:13
  • रोग, अशुभ, 22:13–23:38
  • काल, अशुभ, 23:38–01:04 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:04–02:29 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:29–03:54 शुक्र
  • शुभ, 03:54–05:20 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:20–06:45 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:47–08:21, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:56–11:30, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:58–11:49, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:39–13:29, शुभ
  • राहु काल, 14:39–16:13, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:01–16:51, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:00 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में कामदा एकादशी गुरु 30 मार्च को क्यों है?

कामदा एकादशी गुरु 30 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी 06:48 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 29 मार्च अरुणोदय 05:12–06:48
दशमी 06:48 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 29 मार्च अरुणोदय 05:12–06:48
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 30 मार्च को सूर्योदय पर है, 06:47: गुरु 30 मार्च। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 16:05 बुध पर, उससे (05:11–06:47) पहले, समाप्त हुई।

कामदा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

गुरु 30 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 127.2° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 127.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 127.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:47। दशमी उससे पहले 16:05 बुध पर समाप्त हुई। एकादशी 16:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 20 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 30 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:15–06:01

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:15–06:01।

सूर्यास्त 19:21 बुध सूर्योदय 06:47 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 29 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:21 बुध सूर्योदय 06:47 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 29 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 29 मार्च की रात सूर्यास्त 19:21 बुध से सूर्योदय 06:47 तक थी, 11 घं 26 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 30 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:39–13:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:39–13:29।

गुरु 30 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 10:58–11:49

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:58–11:49 और 16:01–16:51।

गुरु 30 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 16:01–16:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:58–11:49 और 16:01–16:51।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:47 से 19:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:58–11:49 और 16:01–16:51।

गुरु 30 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:47–08:21 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:47 से 19:22, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:22 से 06:45 शुक्र, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 30 मार्च को राहुकाल कब है? 14:39–16:13

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:39–16:13।

गुरु 30 मार्च को यमगंड कब है? 06:47–08:21

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:47–08:21।

गुरु 30 मार्च को गुलिक काल कब है? 09:56–11:30

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:56–11:30।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:47 से 19:22 तक है, 12 घं 35 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 30 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 19:22, 12 घं 35 मि का दिन।

गुरु 30 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 19:22, 12 घं 35 मि का दिन।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:55 शुक्र चंद्रोदय 15:20
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:55 शुक्र चंद्रोदय 15:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 30 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 112.4° पर था: अश्लेशा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 112.4° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 112.4° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 110° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:18 को निकलेगा, मघा में।

गुरु 30 मार्च को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 457.5° थे, एक चक्कर और 97.5°: धृति।

सूर्य 345.1° + चंद्रमा 112.4° = 457.5° एक चक्कर + 97.5° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 345.1° + चंद्रमा 112.4° = 457.5° एक चक्कर + 97.5° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 345.1° + 112.4° = 457.5°, एक पूरा चक्कर और 97.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 22:56 को समाप्त होता है, फिर शूल।

गुरु 30 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 127.2° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 127.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 127.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 04:17 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 16:37 तक है।

गुरु 30 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:47, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:47 से 06:45 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 20 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 18 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

गुरु 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल गुरु 30 मार्च पूर्णिमा 5 मार्च अमावस्या 20 मार्च पूर्णिमा 3 अप्रैल अमावस्या 18 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल गुरु 30 मार्च पूर्णिमा 5 मार्च अमावस्या 20 मार्च पूर्णिमा 3 अप्रैल अमावस्या 18 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

गुरु 30 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956

विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 30 मार्च सूर्य 345.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 30 मार्च सूर्य 345.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 14:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 9.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 30 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:20

चंद्रमा यहाँ 15:20 पर उदय होता है।

गुरु 30 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:55 शुक्र

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:55 शुक्र चंद्रोदय 15:20
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:55 शुक्र चंद्रोदय 15:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:20 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:55 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:20 पर उदय हुआ; वह फिर 04:55 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।