Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 22 अक्टूबर 2033
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
कृष्ण पक्ष · 08:48 तक
फिर अमावस्या · 11:28 रवि तक
चतुर्दशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
दीवाली · लक्ष्मी पूजा
दीवाली · लक्ष्मी पूजा शनि 22 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं। शनि 22 अक्टूबर क्यों?
दीवाली: Sevan में हर तारीख़त्योहार
नरक चतुर्दशी
नरक चतुर्दशी शनि 22 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है। शनि 22 अक्टूबर क्यों?
नरक चतुर्दशी: Sevan में हर तारीख़22 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 22 अक्टूबर
- 05:33–06:26ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:18 से
- 08:45–10:01शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:22–13:05अभिजीत मुहूर्त
- 14:05–15:26लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:26–16:48अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:09 के बाद
- 18:09–19:48लाभ चौघड़िया
- 21:27–23:05शुभ चौघड़िया
- 23:05–00:44 रविअमृत चौघड़िया
- 05:41–07:19 रविलाभ चौघड़िया
-
05:50–07:39 रविअमृत कालचित्रा में
- 05:34–06:27 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:18–08:40कालअशुभ
- 08:40–10:01शुभ
- 10:01–11:22रोगअशुभ
- 11:22–12:44उद्वेगअशुभ
- 12:44–14:05चरसामान्य
- 14:05–15:26लाभयमगण्ड में
- 15:26–16:48अमृतशुभ
- 16:48–18:09कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:09–19:48लाभशुभ
- 19:48–21:27उद्वेगअशुभ
- 21:27–23:05शुभ
- 23:05–00:44 रविअमृतशुभ
- 00:44–02:23 रविचरसामान्य
- 02:23–04:02 रविरोगअशुभ
- 04:02–05:41 रविकालअशुभ
- 05:41–07:19 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 22 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:26, शुभ
- काल, अशुभ, 07:18–08:40
- शुभ, 08:40–10:01
- रोग, अशुभ, 10:01–11:22
- उद्वेग, अशुभ, 11:22–12:44
- चर, सामान्य, 12:44–14:05
- लाभ, शुभ, 14:05–15:26
- अमृत, शुभ, 15:26–16:48
- काल, अशुभ, 16:48–18:09
- लाभ, शुभ, 18:09–19:48
- उद्वेग, अशुभ, 19:48–21:27
- शुभ, 21:27–23:05
- अमृत, शुभ, 23:05–00:44 रवि
- चर, सामान्य, 00:44–02:23 रवि
- रोग, अशुभ, 02:23–04:02 रवि
- काल, अशुभ, 04:02–05:41 रवि
- लाभ, शुभ, 05:41–07:19 रवि
- गुलिक काल, 07:18–08:40, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:18–08:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:02–08:45, अशुभ
- राहु काल, 10:01–11:22, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:05, शुभ
- यमगण्ड, 14:05–15:26, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:27 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में दीवाली शनि 22 अक्टूबर को क्यों है?
दीवाली · लक्ष्मी पूजा शनि 22 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं।
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या शनि 22 अक्टूबर को 08:48 से रवि 23 अक्टूबर को 11:28 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रदोष काल (18:09–20:47) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:09–20:47। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 19:14 से 20:47 तक उदित रहता है।
Sevan में नरक चतुर्दशी शनि 22 अक्टूबर को क्यों है?
नरक चतुर्दशी शनि 22 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है।
अभ्यंग स्नान अरुणोदय में होता है, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। चतुर्दशी शुक्र 21 अक्टूबर को 06:06 से शनि 22 अक्टूबर को 08:48 तक है, और दोनों सुबह अरुणोदय को छूती है। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसका अरुणोदय उसमें अधिक है: शनि 22 अक्टूबर। नरक चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अरुणोदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 22 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.3° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:18। त्रयोदशी उससे पहले 06:06 शुक्र पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 08:48 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 8 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
चतुर्दशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्दशी यहाँ शुक्र 21 और शनि 22 अक्टूबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 06:06 शुक्र को, सूर्योदय 07:17 शुक्र से पहले, शुरू हुई और 08:48 को, अगले सूर्योदय 07:18 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्दशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
शनि 22 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:33–06:26
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:33–06:26।
शुक्र 21 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:11 शुक्र से सूर्योदय 07:18 तक थी, 13 घं 7 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 22 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:05।
शनि 22 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:18–08:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:18–08:02 और 08:02–08:45।
शनि 22 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:02–08:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:18–08:02 और 08:02–08:45।
यहाँ दिन, 07:18 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:18–08:02 और 08:02–08:45।
शनि 22 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:18–08:40 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:18 से 18:09, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:09 से 07:19 रवि, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 22 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 10:01–11:22
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:01–11:22।
शनि 22 अक्टूबर को यमगंड कब है? 14:05–15:26
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:05–15:26।
शनि 22 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 07:18–08:40
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:18–08:40।
यहाँ दिन 07:18 से 18:09 तक है, 10 घं 51 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 22 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:18, सूर्यास्त 18:09, 10 घं 51 मि का दिन।
शनि 22 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:18, सूर्यास्त 18:09, 10 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 22 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 172° पर था: हस्त, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 170° पर उसके पद 4 में आया। वह 09:57 को निकलेगा, चित्रा में।
शनि 22 अक्टूबर को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 356.7° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 184.7° + 172° = 356.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 13:25 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
शनि 22 अक्टूबर को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 347.3° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 19:27 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 08:48 तक है।
शनि 22 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:18, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:18 से 07:19 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 22 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 23 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 23 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
शनि 22 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
शनि 22 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 21:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 198.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 22 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:12 रवि
चंद्रमा यहाँ 07:12 रवि पर उदय होता है।
शनि 22 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:48
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:48 पर अस्त हुआ; वह फिर 07:12 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:48 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 07:12 रवि पर उदय होगा।