tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 25 अप्रैल 2033

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 19:47 तक

फिर द्वादशी · 16:40 मंगल तक

व्रत

वरूथिनी एकादशी

पारण समय
06:05⁠–⁠16:40 मंगल
मंगल 26 अप्रैल
व्रत आरंभ
06:06

वरूथिनी एकादशी सोम 25 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। सोम 25 अप्रैल क्यों?

वरूथिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:44 06:06 19:49अगला सूर्योदय 06:05 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:06–07:49अमृतशुभ
  • 07:49–09:32कालअशुभ
  • 09:32–11:15शुभ
  • 11:15–12:58रोगअशुभ
  • 12:58–14:41उद्वेगअशुभ
  • 14:41–16:23चरसामान्य
  • 16:23–18:06लाभशुभ
  • 18:06–19:49अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:49–21:06चरसामान्य
  • 21:06–22:23रोगअशुभ
  • 22:23–23:40कालअशुभ
  • 23:40–00:57 मंगललाभशुभ
  • 00:57–02:14 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:14–03:31 मंगलशुभ
  • 03:31–04:48 मंगलअमृतशुभ
  • 04:48–06:05 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 25 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:25, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:06–07:49
  • काल, अशुभ, 07:49–09:32
  • शुभ, 09:32–11:15
  • रोग, अशुभ, 11:15–12:58
  • उद्वेग, अशुभ, 12:58–14:41
  • चर, सामान्य, 14:41–16:23
  • लाभ, शुभ, 16:23–18:06
  • अमृत, शुभ, 18:06–19:49
  • चर, सामान्य, 19:49–21:06
  • रोग, अशुभ, 21:06–22:23
  • काल, अशुभ, 22:23–23:40
  • लाभ, शुभ, 23:40–00:57 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:57–02:14 मंगल
  • शुभ, 02:14–03:31 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:31–04:48 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:48–06:05 मंगल
  • राहु काल, 07:49–09:32, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:15–12:58, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:30–13:25, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:25–14:20, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:41–16:23, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:10–17:05, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:24 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में वरूथिनी एकादशी सोम 25 अप्रैल को क्यों है?

वरूथिनी एकादशी सोम 25 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 06:06 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 25 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:30–06:06
एकादशी 06:06 03:00 05:00 07:00 सोम 25 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:30–06:06
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 25 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 06:06: सोम 25 अप्रैल। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 22:35 रवि पर, उससे (04:30–06:06) पहले, समाप्त हुई।

वरूथिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सोम 25 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 304.2° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 304.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 304.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:06। दशमी उससे पहले 22:35 रवि पर समाप्त हुई। एकादशी 19:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 14 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 25 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:44–05:25

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:44–05:25।

सूर्यास्त 19:48 रवि सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 24 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:48 रवि सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 24 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 24 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:48 रवि से सूर्योदय 06:06 तक थी, 10 घं 18 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 25 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:30–13:25

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:30–13:25।

सोम 25 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 13:25–14:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:25–14:20 और 16:10–17:05।

सोम 25 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 16:10–17:05

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:25–14:20 और 16:10–17:05।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:06 से 19:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:25–14:20 और 16:10–17:05।

सोम 25 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:06–07:49 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:06 से 19:49, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:49 से 06:05 मंगल, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 25 अप्रैल को राहुकाल कब है? 07:49–09:32

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:49–09:32।

सोम 25 अप्रैल को यमगंड कब है? 11:15–12:58

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:15–12:58।

सोम 25 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 14:41–16:23

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:41–16:23।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:06 से 19:49 तक है, 13 घं 43 मि। इसे 1 घं 42 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 25 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:06

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 19:49, 13 घं 43 मि का दिन।

सोम 25 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 19:49, 13 घं 43 मि का दिन।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:34 चंद्रोदय 04:15 मंगल
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:34 चंद्रोदय 04:15 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 25 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा

सूर्योदय पर चंद्रमा 315.1° पर था: शतभिषा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 315.1° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 315.1° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 313°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:10 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।

सोम 25 अप्रैल को कौन सा योग है? ब्रह्म

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 326° थे: ब्रह्म।

सूर्य 10.9° + चंद्रमा 315.1° = 326.0° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 10.9° + चंद्रमा 315.1° = 326.0° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 10.9° + 315.1° = 326°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 17:26 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।

सोम 25 अप्रैल को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 304.2° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 304.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 304.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 09:14 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 19:47 तक।

सोम 25 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:06, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:06 से 06:05 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 25 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 30 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

सोम 25 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 25 अप्रैल अमावस्या 30 मार्च पूर्णिमा 14 अप्रैल अमावस्या 29 अप्रैल पूर्णिमा 14 मई
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 25 अप्रैल अमावस्या 30 मार्च पूर्णिमा 14 अप्रैल अमावस्या 29 अप्रैल पूर्णिमा 14 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

सोम 25 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955

विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 21:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 25 अप्रैल सूर्य 10.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 21:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 25 अप्रैल सूर्य 10.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 21:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 24.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 25 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:15 मंगल

चंद्रमा यहाँ 04:15 मंगल पर उदय होता है।

सोम 25 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:34

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:34 चंद्रोदय 04:15 मंगल
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:34 चंद्रोदय 04:15 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:34 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:15 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:34 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:15 मंगल पर उदय होगा।