tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 12 नवंबर 2031

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 04:06 गुरु तक

फिर चतुर्दशी · 02:54 शुक्र तक

त्योहार

धनतेरस

धनतेरस पूजा मुहूर्त
17:53⁠–⁠19:42
प्रदोष काल 17:45⁠–⁠20:33

धनतेरस बुध 12 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 12 नवंबर क्यों?

धनतेरस: Sevan में हर तारीख़

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
17:45⁠–⁠20:33
प्रदोष काल 17:45⁠–⁠20:33

प्रदोष व्रत बुध 12 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 12 नवंबर क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:50 07:42 17:45अगला सूर्योदय 07:43 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:42–08:57लाभशुभ
  • 08:57–10:13अमृतयमगण्ड में
  • 10:13–11:28कालअशुभ
  • 11:28–12:43शुभगुलिक काल में
  • 12:43–13:59रोगअशुभ
  • 13:59–15:14उद्वेगअशुभ
  • 15:14–16:30चरसामान्य
  • 16:30–17:45लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:45–19:30उद्वेगअशुभ
  • 19:30–21:14शुभ
  • 21:14–22:59अमृतशुभ
  • 22:59–00:44 गुरुचरसामान्य
  • 00:44–02:29 गुरुरोगअशुभ
  • 02:29–04:13 गुरुकालअशुभ
  • 04:13–05:58 गुरुलाभशुभ
  • 05:58–07:43 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 12 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:50–06:46, शुभ
  • लाभ, शुभ, 07:42–08:57
  • अमृत, शुभ, 08:57–10:13
  • काल, अशुभ, 10:13–11:28
  • शुभ, 11:28–12:43
  • रोग, अशुभ, 12:43–13:59
  • उद्वेग, अशुभ, 13:59–15:14
  • चर, सामान्य, 15:14–16:30
  • लाभ, शुभ, 16:30–17:45
  • उद्वेग, अशुभ, 17:45–19:30
  • शुभ, 19:30–21:14
  • अमृत, शुभ, 21:14–22:59
  • चर, सामान्य, 22:59–00:44 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:44–02:29 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:29–04:13 गुरु
  • लाभ, शुभ, 04:13–05:58 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:58–07:43 गुरु
  • यमगण्ड, 08:57–10:13, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:28–12:43, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:23–13:03, अशुभ
  • राहु काल, 12:43–13:59, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:51–06:47 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में धनतेरस बुध 12 नवंबर को क्यों है?

धनतेरस बुध 12 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 16:00 18:00 20:00 22:00 मंगल 11 नवंबर प्रदोष काल 17:46–20:33
द्वादशी 16:00 18:00 20:00 22:00 मंगल 11 नवंबर प्रदोष काल 17:46–20:33
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 12 नवंबर को 04:40 से गुरु 13 नवंबर को 04:06 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (17:45–20:33) उसके भीतर है। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:45–20:33। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 17:53 से 19:42 तक उदित रहता है।

धनतेरस: Sevan में हर तारीख़

Sevan में प्रदोष व्रत बुध 12 नवंबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत बुध 12 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 16:00 18:00 20:00 22:00 मंगल 11 नवंबर प्रदोष काल 17:46–20:33
द्वादशी 16:00 18:00 20:00 22:00 मंगल 11 नवंबर प्रदोष काल 17:46–20:33
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 12 नवंबर को 04:40 से गुरु 13 नवंबर को 04:06 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (17:45–20:33) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

बुध 12 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 325.5° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 325.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 325.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:42। द्वादशी उससे पहले 04:40 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 04:06 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 30 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 12 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:50–06:46

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:50–06:46।

सूर्यास्त 17:46 मंगल सूर्योदय 07:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 11 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:46 मंगल सूर्योदय 07:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 11 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 11 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:46 मंगल से सूर्योदय 07:42 तक थी, 13 घं 56 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 12 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:23–13:03

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:23–13:03।

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:42 से 17:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:23–13:03: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 12 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:42–08:57 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:42 से 17:45, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:45 से 07:43 गुरु, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 12 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:43–13:59

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:43–13:59।

बुध 12 नवंबर को यमगंड कब है? 08:57–10:13

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:57–10:13।

बुध 12 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:28–12:43

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:28–12:43।

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 07:42 से 17:45 तक है, 10 घं 3 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 12 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:42

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:42, सूर्यास्त 17:45, 10 घं 3 मि का दिन।

बुध 12 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:42, सूर्यास्त 17:45, 10 घं 3 मि का दिन।

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:07 चंद्रोदय 05:54 गुरु
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:07 चंद्रोदय 05:54 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 12 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 170.8° पर था: हस्त, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 170.8° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 170.8° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 170° पर उसके पद 4 में आया। वह 12:21 को निकलेगा, चित्रा में।

बुध 12 नवंबर को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 376° थे, एक चक्कर और 16°: प्रीति।

सूर्य 205.2° + चंद्रमा 170.8° = 376.0° एक चक्कर + 16.0° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 205.2° + चंद्रमा 170.8° = 376.0° एक चक्कर + 16.0° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 205.2° + 170.8° = 376°, एक पूरा चक्कर और 16°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 01:34 गुरु को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

बुध 12 नवंबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 325.5° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 325.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 325.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 16:28 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 04:06 गुरु तक।

बुध 12 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:42, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:42 से 07:43 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 12 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 16 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 18 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 15 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

बुध 12 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 12 नवंबर अमावस्या 16 अक्टू॰ पूर्णिमा 30 अक्टू॰ अमावस्या 15 नव॰ पूर्णिमा 29 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 12 नवंबर अमावस्या 16 अक्टू॰ पूर्णिमा 30 अक्टू॰ अमावस्या 15 नव॰ पूर्णिमा 29 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

बुध 12 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953

विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 07:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 12 नवंबर सूर्य 205.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 07:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 12 नवंबर सूर्य 205.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 07:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 227.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 12 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:54 गुरु

चंद्रमा यहाँ 05:54 गुरु पर उदय होता है।

बुध 12 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:07

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:07 चंद्रोदय 05:54 गुरु
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 07:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:07 चंद्रोदय 05:54 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:07 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:54 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:07 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:54 गुरु पर उदय होगा।