Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 3 सितंबर 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
3 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 3 सितंबर
- 05:01–05:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:28 से
- 06:28–08:06लाभ चौघड़िया
- 08:06–09:43अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:21–12:59शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
-
14:38–16:08अमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 17:51–19:29लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:29 के बाद
- 20:52–22:14शुभ चौघड़िया
- 22:14–23:37अमृत चौघड़िया
- 03:44–05:07 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:01–05:45 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:28–08:06लाभशुभ
- 08:06–09:43अमृतयमगण्ड में
- 09:43–11:21कालअशुभ
- 11:21–12:59शुभगुलिक काल में
- 12:59–14:36रोगअशुभ
- 14:36–16:14उद्वेगअशुभ
- 16:14–17:51चरसामान्य
- 17:51–19:29लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:29–20:52उद्वेगअशुभ
- 20:52–22:14शुभ
- 22:14–23:37अमृतशुभ
- 23:37–00:59 गुरुचरसामान्य
- 00:59–02:22 गुरुरोगअशुभ
- 02:22–03:44 गुरुकालअशुभ
- 03:44–05:07 गुरुलाभशुभ
- 05:07–06:29 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 3 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:44, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:28–08:06
- अमृत, शुभ, 08:06–09:43
- काल, अशुभ, 09:43–11:21
- शुभ, 11:21–12:59
- रोग, अशुभ, 12:59–14:36
- उद्वेग, अशुभ, 14:36–16:14
- चर, सामान्य, 16:14–17:51
- लाभ, शुभ, 17:51–19:29
- उद्वेग, अशुभ, 19:29–20:52
- शुभ, 20:52–22:14
- अमृत, शुभ, 22:14–23:37
- चर, सामान्य, 23:37–00:59 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:59–02:22 गुरु
- काल, अशुभ, 02:22–03:44 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:44–05:07 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:07–06:29 गुरु
- यमगण्ड, 08:06–09:43, अशुभ
- गुलिक काल, 11:21–12:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:33–13:25, अशुभ
- राहु काल, 12:59–14:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:45 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 3 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 203.1° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:28। प्रतिपदा उससे पहले 10:27 मंगल पर समाप्त हुई। द्वितीया 08:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 1 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
तृतीया क्षय क्यों है?
तृतीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 08:03 को शुरू हुई और 06:19 गुरु को समाप्त, 06:28 और 06:29 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को द्वितीया है और गुरुवार को चतुर्थी: तृतीया यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 3 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–05:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–05:44।
मंगल 2 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:31 मंगल से सूर्योदय 06:28 तक थी, 10 घं 57 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 3 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:33–13:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:33–13:25।
यहाँ दिन, 06:28 से 19:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:33–13:25: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 3 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:28–08:06 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:28 से 19:29, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:29 से 06:29 गुरु, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 3 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:59–14:36
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:59–14:36।
बुध 3 सितंबर को यमगंड कब है? 08:06–09:43
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:06–09:43।
बुध 3 सितंबर को गुलिक काल कब है? 11:21–12:59
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:21–12:59।
यहाँ दिन 06:28 से 19:29 तक है, 13 घं 1 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 3 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 19:29, 13 घं 1 मि का दिन।
बुध 3 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 19:29, 13 घं 1 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 3 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 339.3° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 336°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:10 को निकलेगा, रेवती में।
बुध 3 सितंबर को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 475.4° थे, एक चक्कर और 115.4°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 136.1° + 339.3° = 475.4°, एक पूरा चक्कर और 115.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 13:51 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
बुध 3 सितंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 203.1° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 21:11 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 08:03 तक है।
बुध 3 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:28, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:28 से 06:29 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 3 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)
18 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 अगस्त 08:32 सोम से 16 सितंबर 22:46 मंगल तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 17 सितंबर 13:19 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।
बुध 3 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद (अधिक) है, और अमान्त गणना में भाद्रपद (अधिक)।
बुध 3 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953
विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 07:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 158.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 3 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:21
चंद्रमा यहाँ 20:21 पर उदय होता है।
बुध 3 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:40
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:40 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:21 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:40 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:21 पर उदय होगा।