tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 25 नवंबर 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 10:46 तक

फिर प्रतिपदा · 07:06 मंगल तक

यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं कारण जानें

व्रत

अमावस्या

अमावस्या सोम 25 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 25 नवंबर क्यों?

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:02 07:57 17:36अगला सूर्योदय 07:58 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:57–09:09अमृतशुभ
  • 09:09–10:22कालअशुभ
  • 10:22–11:34शुभ
  • 11:34–12:46रोगअशुभ
  • 12:46–13:59उद्वेगअशुभ
  • 13:59–15:11चरसामान्य
  • 15:11–16:23लाभशुभ
  • 16:23–17:36अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:36–19:23चरसामान्य
  • 19:23–21:11रोगअशुभ
  • 21:11–22:59कालअशुभ
  • 22:59–00:47 मंगललाभशुभ
  • 00:47–02:35 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:35–04:22 मंगलशुभ
  • 04:22–06:10 मंगलअमृतशुभ
  • 06:10–07:58 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 25 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:02–07:00, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:57–09:09
  • काल, अशुभ, 09:09–10:22
  • शुभ, 10:22–11:34
  • रोग, अशुभ, 11:34–12:46
  • उद्वेग, अशुभ, 12:46–13:59
  • चर, सामान्य, 13:59–15:11
  • लाभ, शुभ, 15:11–16:23
  • अमृत, शुभ, 16:23–17:36
  • चर, सामान्य, 17:36–19:23
  • रोग, अशुभ, 19:23–21:11
  • काल, अशुभ, 21:11–22:59
  • लाभ, शुभ, 22:59–00:47 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:47–02:35 मंगल
  • शुभ, 02:35–04:22 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:22–06:10 मंगल
  • चर, सामान्य, 06:10–07:58 मंगल
  • राहु काल, 09:09–10:22, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:34–12:46, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:06, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:06–13:44, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:59–15:11, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:01–15:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:03–07:01 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अमावस्या सोम 25 नवंबर को क्यों है?

अमावस्या सोम 25 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 24 नवंबर सूर्योदय 07:56
चतुर्दशी 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 24 नवंबर सूर्योदय 07:56
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 24 नवंबर को 14:19 से सोम 25 नवंबर को 10:46 तक है, इसलिए वह केवल सोम 25 नवंबर के सूर्योदय (07:57) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सोम 25 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358.3° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 358.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:57। चतुर्दशी उससे पहले 14:19 रवि पर समाप्त हुई। अमावस्या 10:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 10 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

प्रतिपदा क्षय क्यों है?

प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 25 नवंबर सुबह मंगल 26 नवंबर सुबह Sevan UTC+4 10:46 07:06 07:57 अमावस्या 07:58 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 25 नवंबर सुबह मंगल 26 नवंबर सुबह Sevan UTC+4 10:46 07:06 07:57 अमावस्या 07:58 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 10:46 को शुरू हुई और 07:06 मंगल को समाप्त, 07:57 और 07:58 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को अमावस्या है और मंगलवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 25 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:02–07:00

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:02–07:00।

सूर्यास्त 17:36 रवि सूर्योदय 07:57 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 24 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:36 रवि सूर्योदय 07:57 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 24 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 24 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:36 रवि से सूर्योदय 07:57 तक थी, 14 घं 21 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 25 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:06

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:06।

सोम 25 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:06–13:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:06–13:44 और 15:01–15:40।

सोम 25 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:01–15:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:06–13:44 और 15:01–15:40।

सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:57 से 17:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:06–13:44 और 15:01–15:40।

सोम 25 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:57–09:09 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:57 से 17:36, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:36 से 07:58 मंगल, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 25 नवंबर को राहुकाल कब है? 09:09–10:22

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:09–10:22।

सोम 25 नवंबर को यमगंड कब है? 11:34–12:46

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:34–12:46।

सोम 25 नवंबर को गुलिक काल कब है? 13:59–15:11

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:59–15:11।

सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:57 से 17:36 तक है, 9 घं 39 मि। इसे 1 घं 12 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 25 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:57, सूर्यास्त 17:36, 9 घं 39 मि का दिन।

सोम 25 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:36

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:57, सूर्यास्त 17:36, 9 घं 39 मि का दिन।

सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:44
सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:44
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 25 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा

सूर्योदय पर चंद्रमा 217° पर था: अनुराधा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 217.0° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 217.0° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 216°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:18 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।

सोम 25 नवंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 435.6° थे, एक चक्कर और 75.6°: अतिगण्ड।

सूर्य 218.6° + चंद्रमा 217.0° = 435.6° एक चक्कर + 75.6° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 218.6° + चंद्रमा 217.0° = 435.6° एक चक्कर + 75.6° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 218.6° + 217° = 435.6°, एक पूरा चक्कर और 75.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 14:30 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।

सोम 25 नवंबर को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 358.3° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 358.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 00:34 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 10:46 तक है।

सोम 25 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:57, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:57 से 07:58 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 25 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 27 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 25 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

सोम 25 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल सोम 25 नवंबर अमावस्या 27 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰ अमावस्या 25 नव॰ पूर्णिमा 10 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल सोम 25 नवंबर अमावस्या 27 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰ अमावस्या 25 नव॰ पूर्णिमा 10 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

सोम 25 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 02:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 25 नवंबर सूर्य 218.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 02:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 25 नवंबर सूर्य 218.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 02:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 229.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 25 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:44

चंद्रमा यहाँ 17:44 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:44
सूर्योदय 07:57 सूर्यास्त 17:36 सूर्योदय 07:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:44
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 17:44 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।