Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 26 अक्टूबर 2030
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
त्योहार
दीवाली · लक्ष्मी पूजा
दीवाली · लक्ष्मी पूजा शनि 26 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं। शनि 26 अक्टूबर क्यों?
दीवाली: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या शनि 26 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 26 अक्टूबर क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़26 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 26 अक्टूबर
- 05:36–06:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:22 से
- 08:48–10:03शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:22–13:05अभिजीत मुहूर्त
- 14:03–15:24लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:24–16:44अमृत चौघड़िया
-
15:24–15:49अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · चित्रा में
- सूर्यास्त 18:04 के बाद
- 18:04–19:44लाभ चौघड़िया
- 21:24–23:04शुभ चौघड़िया
- 23:04–00:44 रविअमृत चौघड़िया
- 05:44–07:23 रविलाभ चौघड़िया
- 05:37–06:30 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:22–08:43कालअशुभ
- 08:43–10:03शुभ
- 10:03–11:23रोगअशुभ
- 11:23–12:43उद्वेगअशुभ
- 12:43–14:03चरसामान्य
- 14:03–15:24लाभयमगण्ड में
- 15:24–16:44अमृतशुभ
- 16:44–18:04कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:04–19:44लाभशुभ
- 19:44–21:24उद्वेगअशुभ
- 21:24–23:04शुभ
- 23:04–00:44 रविअमृतशुभ
- 00:44–02:24 रविचरसामान्य
- 02:24–04:04 रविरोगअशुभ
- 04:04–05:44 रविकालअशुभ
- 05:44–07:23 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 26 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:36–06:29, शुभ
- काल, अशुभ, 07:22–08:43
- शुभ, 08:43–10:03
- रोग, अशुभ, 10:03–11:23
- उद्वेग, अशुभ, 11:23–12:43
- चर, सामान्य, 12:43–14:03
- लाभ, शुभ, 14:03–15:24
- अमृत, शुभ, 15:24–16:44
- काल, अशुभ, 16:44–18:04
- लाभ, शुभ, 18:04–19:44
- उद्वेग, अशुभ, 19:44–21:24
- शुभ, 21:24–23:04
- अमृत, शुभ, 23:04–00:44 रवि
- चर, सामान्य, 00:44–02:24 रवि
- रोग, अशुभ, 02:24–04:04 रवि
- काल, अशुभ, 04:04–05:44 रवि
- लाभ, शुभ, 05:44–07:23 रवि
- गुलिक काल, 07:22–08:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:22–08:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:05–08:48, अशुभ
- राहु काल, 10:03–11:23, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:05, शुभ
- यमगण्ड, 14:03–15:24, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:37–06:30 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में दीवाली शनि 26 अक्टूबर को क्यों है?
दीवाली · लक्ष्मी पूजा शनि 26 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं।
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या शनि 26 अक्टूबर को 03:11 से रवि 27 अक्टूबर को 00:17 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रदोष काल (18:04–20:44) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:04–20:44। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:59 से 20:44 तक उदित रहता है।
Sevan में अमावस्या शनि 26 अक्टूबर को क्यों है?
अमावस्या शनि 26 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शनि 26 अक्टूबर को 03:11 से रवि 27 अक्टूबर को 00:17 तक है, इसलिए वह केवल शनि 26 अक्टूबर के सूर्योदय (07:22) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 26 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 350.4° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:22। चतुर्दशी उससे पहले 03:11 पर समाप्त हुई। अमावस्या 00:17 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 11 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 26 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:36–06:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:36–06:29।
शुक्र 25 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:05 शुक्र से सूर्योदय 07:22 तक थी, 13 घं 17 मि। इसे 53 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 26 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:05।
शनि 26 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:22–08:05
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:22–08:05 और 08:05–08:48।
शनि 26 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:05–08:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:22–08:05 और 08:05–08:48।
यहाँ दिन, 07:22 से 18:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 42 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:22–08:05 और 08:05–08:48।
शनि 26 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:22–08:43 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:22 से 18:04, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:04 से 07:23 रवि, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 26 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 10:03–11:23
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:03–11:23।
शनि 26 अक्टूबर को यमगंड कब है? 14:03–15:24
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:03–15:24।
शनि 26 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 07:22–08:43
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:22–08:43।
यहाँ दिन 07:22 से 18:04 तक है, 10 घं 42 मि। इसे 1 घं 20 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 26 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 18:04, 10 घं 42 मि का दिन।
शनि 26 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 18:04, 10 घं 42 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 26 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 178.8° पर था: चित्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 176°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:12 को निकलेगा, स्वाती में।
शनि 26 अक्टूबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 367.3° थे, एक चक्कर और 7.3°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 188.5° + 178.8° = 367.3°, एक पूरा चक्कर और 7.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 16:38 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
शनि 26 अक्टूबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 350.4° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 13:46 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 00:17 रवि तक।
शनि 26 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:22, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:22 से 07:23 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 26 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 27 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
शनि 26 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
शनि 26 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 02:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 199.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 26 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:33
चंद्रमा यहाँ 17:33 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:33 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।