tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 13 मई 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

दशमी

शुक्ल पक्ष · 07:03 तक

फिर एकादशी · 04:51 मंगल तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

मोहिनी एकादशी

पारण समय
10:09⁠–⁠20:08 मंगल
मंगल 14 मई
व्रत आरंभ
05:45

स्मार्त परंपरा में मोहिनी एकादशी सोम 13 मई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव मंगल 14 मई को व्रत रखते हैं। सोम 13 मई क्यों?

मोहिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:28 05:45 20:07अगला सूर्योदय 05:44 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:45–07:33अमृतशुभ
  • 07:33–09:21कालअशुभ
  • 09:21–11:08शुभ
  • 11:08–12:56रोगअशुभ
  • 12:56–14:44उद्वेगअशुभ
  • 14:44–16:32चरसामान्य
  • 16:32–18:19लाभशुभ
  • 18:19–20:07अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:07–21:19चरसामान्य
  • 21:19–22:31रोगअशुभ
  • 22:31–23:44कालअशुभ
  • 23:44–00:56 मंगललाभशुभ
  • 00:56–02:08 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:08–03:20 मंगलशुभ
  • 03:20–04:32 मंगलअमृतशुभ
  • 04:32–05:44 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 13 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:07, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:45–07:33
  • काल, अशुभ, 07:33–09:21
  • शुभ, 09:21–11:08
  • रोग, अशुभ, 11:08–12:56
  • उद्वेग, अशुभ, 12:56–14:44
  • चर, सामान्य, 14:44–16:32
  • लाभ, शुभ, 16:32–18:19
  • अमृत, शुभ, 18:19–20:07
  • चर, सामान्य, 20:07–21:19
  • रोग, अशुभ, 21:19–22:31
  • काल, अशुभ, 22:31–23:44
  • लाभ, शुभ, 23:44–00:56 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:56–02:08 मंगल
  • शुभ, 02:08–03:20 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:20–04:32 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:32–05:44 मंगल
  • राहु काल, 07:33–09:21, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:08–12:56, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:25, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:25–14:22, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:44–16:32, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:17–17:15, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:06 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में मोहिनी एकादशी सोम 13 मई को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में मोहिनी एकादशी सोम 13 मई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव मंगल 14 मई को व्रत रखते हैं।

दशमी एकादशी 05:45 07:03 03:00 04:00 05:00 06:00 08:00 सोम 13 मई स्मार्त अरुणोदय 04:09–05:45
दशमी 05:45 07:03 03:00 05:00 सोम 13 मई स्मार्त अरुणोदय 04:09–05:45 एकादशी 07:03 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह सोम 13 मई को 07:03 पर, उस सूर्योदय (05:45) के बाद, लगती है और मंगल 14 मई को 04:51 पर, अगले सूर्योदय (05:44 मंगल) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: सोम 13 मई।

मोहिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सोम 13 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.3° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:45। नवमी उससे पहले 08:30 रवि पर समाप्त हुई। दशमी 07:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 2 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 13 मई सुबह मंगल 14 मई सुबह Sevan UTC+4 07:03 04:51 05:45 दशमी 05:44 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 13 मई सुबह मंगल 14 मई सुबह Sevan UTC+4 07:03 04:51 05:45 दशमी 05:44 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 07:03 को शुरू हुई और 04:51 मंगल को समाप्त, 05:45 और 05:44 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को दशमी है और मंगलवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 13 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:28–05:07

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:28–05:07।

सूर्यास्त 20:06 रवि सूर्योदय 05:45 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 12 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:06 रवि सूर्योदय 05:45 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 12 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 12 मई की रात सूर्यास्त 20:06 रवि से सूर्योदय 05:45 तक थी, 9 घं 39 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 13 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:25

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:25।

सोम 13 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:25–14:22

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:25–14:22 और 16:17–17:15।

सोम 13 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:17–17:15

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:25–14:22 और 16:17–17:15।

सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:45 से 20:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:25–14:22 और 16:17–17:15।

सोम 13 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:45–07:33 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:45 से 20:07, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:07 से 05:44 मंगल, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 13 मई को राहुकाल कब है? 07:33–09:21

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:33–09:21।

सोम 13 मई को यमगंड कब है? 11:08–12:56

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:08–12:56।

सोम 13 मई को गुलिक काल कब है? 14:44–16:32

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:44–16:32।

सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:45 से 20:07 तक है, 14 घं 22 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 13 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 20:07, 14 घं 22 मि का दिन।

सोम 13 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 20:07, 14 घं 22 मि का दिन।

सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:18 मंगल चंद्रोदय 15:30
सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:18 मंगल चंद्रोदय 15:30
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 13 मई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 147.4° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 147.4° अगला: हस्त पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 147.4° अगला: हस्त पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 146°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:09 मंगल को निकलेगा, हस्त में।

सोम 13 मई को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 175.5° थे: हर्षण।

सूर्य 28.1° + चंद्रमा 147.4° = 175.5° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 28.1° + चंद्रमा 147.4° = 175.5° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 28.1° + 147.4° = 175.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 23:34 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

सोम 13 मई को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 119.3° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 19:52 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 07:03 तक है।

सोम 13 मई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:45, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:45 से 05:44 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 13 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 2 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 1 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

सोम 13 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल सोम 13 मई पूर्णिमा 18 अप्रैल अमावस्या 2 मई पूर्णिमा 17 मई अमावस्या 1 जून
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल सोम 13 मई पूर्णिमा 18 अप्रैल अमावस्या 2 मई पूर्णिमा 17 मई अमावस्या 1 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।

सोम 13 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 02:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 13 मई सूर्य 28.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 02:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 13 मई सूर्य 28.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 02:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 39.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 13 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:30

चंद्रमा यहाँ 15:30 पर उदय होता है।

सोम 13 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:18 मंगल

सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:18 मंगल चंद्रोदय 15:30
सूर्योदय 05:45 सूर्यास्त 20:07 सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:18 मंगल चंद्रोदय 15:30
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:30 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:18 मंगल पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:30 पर उदय हुआ; वह फिर 03:18 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।