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English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 7 मई 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:33 05:52 20:01अगला सूर्योदय 05:50 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:52–07:38रोगअशुभ
  • 07:38–09:24उद्वेगअशुभ
  • 09:24–11:10चरसामान्य
  • 11:10–12:56लाभशुभ
  • 12:56–14:43अमृतगुलिक काल में
  • 14:43–16:29कालअशुभ
  • 16:29–18:15शुभराहु काल में
  • 18:15–20:01रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:01–21:15कालअशुभ
  • 21:15–22:29लाभशुभ
  • 22:29–23:42उद्वेगअशुभ
  • 23:42–00:56 बुधशुभ
  • 00:56–02:10 बुधअमृतशुभ
  • 02:10–03:23 बुधचरसामान्य
  • 03:23–04:37 बुधरोगअशुभ
  • 04:37–05:50 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 7 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:12, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:52–07:38
  • उद्वेग, अशुभ, 07:38–09:24
  • चर, सामान्य, 09:24–11:10
  • लाभ, शुभ, 11:10–12:56
  • अमृत, शुभ, 12:56–14:43
  • काल, अशुभ, 14:43–16:29
  • शुभ, 16:29–18:15
  • रोग, अशुभ, 18:15–20:01
  • काल, अशुभ, 20:01–21:15
  • लाभ, शुभ, 21:15–22:29
  • उद्वेग, अशुभ, 22:29–23:42
  • शुभ, 23:42–00:56 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:56–02:10 बुध
  • चर, सामान्य, 02:10–03:23 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:23–04:37 बुध
  • काल, अशुभ, 04:37–05:50 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:42–09:38, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:24–11:10, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:28–13:25, शुभ
  • गुलिक काल, 12:56–14:43, अशुभ
  • राहु काल, 16:29–18:15, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:57–00:36 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:11 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 7 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 48.7° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 48.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 48.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:52। चतुर्थी उससे पहले 04:24 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 06:30 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 2 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पञ्चमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

पञ्चमी यहाँ मंगल 7 और बुध 8 मई दोनों के सूर्योदय पर है।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 7 मई सुबह बुध 8 मई सुबह Sevan UTC+4 04:24 06:30 05:52 पञ्चमी 05:50 पञ्चमी पञ्चमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 7 मई सुबह बुध 8 मई सुबह Sevan UTC+4 04:24 06:30 05:52 पञ्चमी 05:50 पञ्चमी पञ्चमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पञ्चमी 04:24 को, सूर्योदय 05:52 से पहले, शुरू हुई और 06:30 बुध को, अगले सूर्योदय 05:50 बुध के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पञ्चमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्थी है, Sevan में पञ्चमी।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 7 मई सुबह बुध 8 मई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 05:54 04:24 08:00 06:30 05:35 चतुर्थी 05:35 पञ्चमी 05:52 पञ्चमी 05:50 पञ्चमी
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 7 मई सुबह बुध 8 मई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 05:54 04:24 08:00 06:30 05:35 चतुर्थी 05:35 पञ्चमी 05:52 पञ्चमी 05:50 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:35, चतुर्थी की समाप्ति 05:54 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 05:52, चतुर्थी की समाप्ति 04:24 के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।

मंगल 7 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:33–05:12

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:33–05:12।

सूर्यास्त 20:00 सोम सूर्योदय 05:52 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 6 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:00 सोम सूर्योदय 05:52 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 6 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 6 मई की रात सूर्यास्त 20:00 सोम से सूर्योदय 05:52 तक थी, 9 घं 52 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 7 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:28–13:25

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:28–13:25।

मंगल 7 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:42–09:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:42–09:38, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:57–00:36 बुध।

मंगल 7 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:57–00:36 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:42–09:38, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:57–00:36 बुध।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:52 से 20:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:42–09:38 और 23:57–00:36 बुध।

मंगल 7 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:52–07:38 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:52 से 20:01, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:01 से 05:50 बुध, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 7 मई को राहुकाल कब है? 16:29–18:15

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:29–18:15।

मंगल 7 मई को यमगंड कब है? 09:24–11:10

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:24–11:10।

मंगल 7 मई को गुलिक काल कब है? 12:56–14:43

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:56–14:43।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:52 से 20:01 तक है, 14 घं 9 मि। इसे 1 घं 46 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 7 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:52

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 20:01, 14 घं 9 मि का दिन।

मंगल 7 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 20:01, 14 घं 9 मि का दिन।

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:11 बुध चंद्रोदय 09:11
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:11 बुध चंद्रोदय 09:11
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 7 मई को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 71° पर था: आर्द्रा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 71.0° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 71.0° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 23:58 को निकलेगा, पुनर्वसु में।

मंगल 7 मई को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 93.3° थे: सुकर्मा।

सूर्य 22.3° + चंद्रमा 71.0° = 93.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 22.3° + चंद्रमा 71.0° = 93.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 22.3° + 71° = 93.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 06:00 को समाप्त होता है, फिर धृति।

मंगल 7 मई को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 48.7° थी: पञ्चमी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 48.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बव 48°–54° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 48.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बव 48°–54° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 17:30 तक है, जब बढ़त 54° होगी; बालव 06:30 बुध तक।

मंगल 7 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:52, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:52 से 05:50 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 7 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 2 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 1 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

मंगल 7 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल मंगल 7 मई पूर्णिमा 18 अप्रैल अमावस्या 2 मई पूर्णिमा 17 मई अमावस्या 1 जून
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल मंगल 7 मई पूर्णिमा 18 अप्रैल अमावस्या 2 मई पूर्णिमा 17 मई अमावस्या 1 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।

मंगल 7 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 02:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 7 मई सूर्य 22.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 02:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 7 मई सूर्य 22.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 02:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 33.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 7 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:11

चंद्रमा यहाँ 09:11 पर उदय होता है।

मंगल 7 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:11 बुध

सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:11 बुध चंद्रोदय 09:11
सूर्योदय 05:52 सूर्यास्त 20:01 सूर्योदय 05:50 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:11 बुध चंद्रोदय 09:11
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:11 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:11 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:11 पर उदय हुआ; वह फिर 00:11 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।