Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 25 सितंबर 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
25 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 सितंबर
- 05:14–06:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:50 से
- 11:21–12:51लाभ चौघड़िया
- 12:27–12:51अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:51–14:21अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:51–17:21शुभ चौघड़ियाराहु काल में
-
17:21–17:48अमृत कालराहु काल छोड़कर · अश्विनी में
- सूर्यास्त 18:52 के बाद
- 20:21–21:51लाभ चौघड़िया
- 23:21–23:39शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:27–00:51 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:51–02:21 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:15–06:03 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:50–08:20रोगअशुभ
- 08:20–09:50उद्वेगअशुभ
- 09:50–11:21चरसामान्य
- 11:21–12:51लाभशुभ
- 12:51–14:21अमृतगुलिक काल में
- 14:21–15:51कालअशुभ
- 15:51–17:21शुभराहु काल में
- 17:21–18:52रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:52–20:21कालअशुभ
- 20:21–21:51लाभशुभ
- 21:51–23:21उद्वेगअशुभ
- 23:21–00:51 बुधशुभ
- 00:51–02:21 बुधअमृतशुभ
- 02:21–03:51 बुधचरसामान्य
- 03:51–05:21 बुधरोगअशुभ
- 05:21–06:51 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:02, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:50–08:20
- उद्वेग, अशुभ, 08:20–09:50
- चर, सामान्य, 09:50–11:21
- लाभ, शुभ, 11:21–12:51
- अमृत, शुभ, 12:51–14:21
- काल, अशुभ, 14:21–15:51
- शुभ, 15:51–17:21
- रोग, अशुभ, 17:21–18:52
- काल, अशुभ, 18:52–20:21
- लाभ, शुभ, 20:21–21:51
- उद्वेग, अशुभ, 21:51–23:21
- शुभ, 23:21–00:51 बुध
- अमृत, शुभ, 00:51–02:21 बुध
- चर, सामान्य, 02:21–03:51 बुध
- रोग, अशुभ, 03:51–05:21 बुध
- काल, अशुभ, 05:21–06:51 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:14–10:02, अशुभ
- यमगण्ड, 09:50–11:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:15, शुभ
- गुलिक काल, 12:51–14:21, अशुभ
- राहु काल, 15:51–17:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:39–00:27 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:03 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 25 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 206.8° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:50। द्वितीया उससे पहले 00:46 पर समाप्त हुई। तृतीया 03:15 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 22 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 25 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:14–06:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:14–06:02।
सोम 24 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:53 सोम से सूर्योदय 06:50 तक थी, 11 घं 57 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 25 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:15
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:15।
मंगल 25 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:14–10:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:14–10:02, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:39–00:27 बुध।
मंगल 25 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:39–00:27 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:14–10:02, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:39–00:27 बुध।
यहाँ दिन, 06:50 से 18:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:14–10:02 और 23:39–00:27 बुध।
मंगल 25 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:50–08:20 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:50 से 18:52, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:52 से 06:51 बुध, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 25 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:51–17:21
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:51–17:21।
मंगल 25 सितंबर को यमगंड कब है? 09:50–11:21
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:50–11:21।
मंगल 25 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:51–14:21
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:51–14:21।
यहाँ दिन 06:50 से 18:52 तक है, 12 घं 2 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 25 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 18:52, 12 घं 2 मि का दिन।
मंगल 25 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 18:52, 12 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 25 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 4.8° पर था: अश्विनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 3°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 00:06 बुध को निकलेगा, भरणी में।
मंगल 25 सितंबर को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 162.9° थे: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 158.1° + 4.8° = 162.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 02:25 बुध को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
मंगल 25 सितंबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 206.8° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 13:59 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 03:15 बुध तक।
मंगल 25 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:50, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:50 से 06:51 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 25 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 8 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 25 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
मंगल 25 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 08:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 187.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 25 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:47
चंद्रमा यहाँ 19:47 पर उदय होता है।
मंगल 25 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:24
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:24 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:47 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:24 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:47 पर उदय होगा।