Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 16 दिसंबर 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
16 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 दिसंबर
- 06:19–07:18ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:17 से
- 09:31–10:36शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:37–13:14अभिजीत मुहूर्त
- 14:05–15:15लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:15–16:24अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:34 के बाद
- 17:34–19:24लाभ चौघड़िया
- 21:15–23:05शुभ चौघड़िया
-
22:49–00:24 रविअमृत कालमूल में
- 23:05–00:56 रविअमृत चौघड़िया
- 06:27–08:17 रविलाभ चौघड़िया
- 06:19–07:18 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:17–09:26कालअशुभ
- 09:26–10:36शुभ
- 10:36–11:46रोगअशुभ
- 11:46–12:55उद्वेगअशुभ
- 12:55–14:05चरसामान्य
- 14:05–15:15लाभयमगण्ड में
- 15:15–16:24अमृतशुभ
- 16:24–17:34कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:34–19:24लाभशुभ
- 19:24–21:15उद्वेगअशुभ
- 21:15–23:05शुभ
- 23:05–00:56 रविअमृतशुभ
- 00:56–02:46 रविचरसामान्य
- 02:46–04:36 रविरोगअशुभ
- 04:36–06:27 रविकालअशुभ
- 06:27–08:17 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:19–07:18, शुभ
- काल, अशुभ, 08:17–09:26
- शुभ, 09:26–10:36
- रोग, अशुभ, 10:36–11:46
- उद्वेग, अशुभ, 11:46–12:55
- चर, सामान्य, 12:55–14:05
- लाभ, शुभ, 14:05–15:15
- अमृत, शुभ, 15:15–16:24
- काल, अशुभ, 16:24–17:34
- लाभ, शुभ, 17:34–19:24
- उद्वेग, अशुभ, 19:24–21:15
- शुभ, 21:15–23:05
- अमृत, शुभ, 23:05–00:56 रवि
- चर, सामान्य, 00:56–02:46 रवि
- रोग, अशुभ, 02:46–04:36 रवि
- काल, अशुभ, 04:36–06:27 रवि
- लाभ, शुभ, 06:27–08:17 रवि
- गुलिक काल, 08:17–09:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:17–08:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:54–09:31, अशुभ
- राहु काल, 10:36–11:46, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:37–13:14, शुभ
- यमगण्ड, 14:05–15:15, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:19–07:18 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 16 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 1.1° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:17। अमावस्या उससे पहले 06:06 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 05:11 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 16 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Sevan में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:07, अमावस्या की समाप्ति 07:36 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 06:41 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 08:17, अमावस्या की समाप्ति 06:06 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
शनि 16 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:19–07:18
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:19–07:18।
शुक्र 15 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:34 शुक्र से सूर्योदय 08:17 तक थी, 14 घं 43 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 16 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:37–13:14
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:37–13:14।
शनि 16 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:17–08:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 08:17–08:54 और 08:54–09:31।
शनि 16 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:54–09:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 08:17–08:54 और 08:54–09:31।
यहाँ दिन, 08:17 से 17:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 08:17–08:54 और 08:54–09:31।
शनि 16 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:17–09:26 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:17 से 17:34, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:34 से 08:17 रवि, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 16 दिसंबर को राहुकाल कब है? 10:36–11:46
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:36–11:46।
शनि 16 दिसंबर को यमगंड कब है? 14:05–15:15
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:05–15:15।
शनि 16 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 08:17–09:26
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 08:17–09:26।
यहाँ दिन 08:17 से 17:34 तक है, 9 घं 17 मि। इसे 1 घं 9 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 16 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:17, सूर्यास्त 17:34, 9 घं 17 मि का दिन।
शनि 16 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:17, सूर्यास्त 17:34, 9 घं 17 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 16 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 241.6° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 05:09 रवि को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
शनि 16 दिसंबर को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 482.1° थे, एक चक्कर और 122.1°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 240.5° + 241.6° = 482.1°, एक पूरा चक्कर और 122.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 02:53 रवि को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
शनि 16 दिसंबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 1.1° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 17:34 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 05:11 रवि तक।
शनि 16 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 08:17, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:17 से 08:17 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 16 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 16 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 14 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शनि 16 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
शनि 16 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 08:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 258.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 16 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:35
चंद्रमा यहाँ 08:35 पर उदय होता है।
शनि 16 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:49
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:35 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 17:49 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:35 पर उदय हुआ; वह फिर 17:49 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।