tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 31 अक्टूबर 2028

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष · 09:38 तक

फिर चतुर्दशी · 11:38 बुध तक

त्रयोदशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:41 07:29 17:57अगला सूर्योदय 07:30 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:29–08:47रोगअशुभ
  • 08:47–10:06उद्वेगअशुभ
  • 10:06–11:24चरसामान्य
  • 11:24–12:43लाभशुभ
  • 12:43–14:01अमृतगुलिक काल में
  • 14:01–15:20कालअशुभ
  • 15:20–16:39शुभराहु काल में
  • 16:39–17:57रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:57–19:39कालअशुभ
  • 19:39–21:20लाभशुभ
  • 21:20–23:02उद्वेगअशुभ
  • 23:02–00:43 बुधशुभ
  • 00:43–02:25 बुधअमृतशुभ
  • 02:25–04:07 बुधचरसामान्य
  • 04:07–05:48 बुधरोगअशुभ
  • 05:48–07:30 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 31 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:35, शुभ
  • रोग, अशुभ, 07:29–08:47
  • उद्वेग, अशुभ, 08:47–10:06
  • चर, सामान्य, 10:06–11:24
  • लाभ, शुभ, 11:24–12:43
  • अमृत, शुभ, 12:43–14:01
  • काल, अशुभ, 14:01–15:20
  • शुभ, 15:20–16:39
  • रोग, अशुभ, 16:39–17:57
  • काल, अशुभ, 17:57–19:39
  • लाभ, शुभ, 19:39–21:20
  • उद्वेग, अशुभ, 21:20–23:02
  • शुभ, 23:02–00:43 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:43–02:25 बुध
  • चर, सामान्य, 02:25–04:07 बुध
  • रोग, अशुभ, 04:07–05:48 बुध
  • काल, अशुभ, 05:48–07:30 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:34–10:16, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:06–11:24, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:04, शुभ
  • गुलिक काल, 12:43–14:01, अशुभ
  • राहु काल, 15:20–16:39, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:22–00:16 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:36 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 31 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 155° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 155.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 155.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:29। द्वादशी उससे पहले 07:21 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 09:38 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 18 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

त्रयोदशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

त्रयोदशी यहाँ सोम 30 और मंगल 31 अक्टूबर दोनों के सूर्योदय पर है।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी सोम 30 अक्टूबर सुबह मंगल 31 अक्टूबर सुबह Sevan UTC+4 07:21 09:38 07:27 त्रयोदशी 07:29 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी सोम 30 अक्टूबर सुबह मंगल 31 अक्टूबर सुबह Sevan UTC+4 07:21 09:38 07:27 त्रयोदशी 07:29 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 07:21 सोम को, सूर्योदय 07:27 सोम से पहले, शुरू हुई और 09:38 को, अगले सूर्योदय 07:29 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन त्रयोदशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

मंगल 31 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:41–06:35

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:41–06:35।

सूर्यास्त 17:58 सोम सूर्योदय 07:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:58 सोम सूर्योदय 07:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 30 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:58 सोम से सूर्योदय 07:29 तक थी, 13 घं 31 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 31 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:04

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:04।

मंगल 31 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:34–10:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:34–10:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:22–00:16 बुध।

मंगल 31 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:22–00:16 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:34–10:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:22–00:16 बुध।

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 07:29 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:34–10:16 और 23:22–00:16 बुध।

मंगल 31 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:29–08:47 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:29 से 17:57, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:57 से 07:30 बुध, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 31 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:20–16:39

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:20–16:39।

मंगल 31 अक्टूबर को यमगंड कब है? 10:06–11:24

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:06–11:24।

मंगल 31 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:43–14:01

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:43–14:01।

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 07:29 से 17:57 तक है, 10 घं 28 मि। इसे 1 घं 18 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 31 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:29, सूर्यास्त 17:57, 10 घं 28 मि का दिन।

मंगल 31 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:29, सूर्यास्त 17:57, 10 घं 28 मि का दिन।

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:30 बुध चंद्रोदय 16:36
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:30 बुध चंद्रोदय 16:36
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 31 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 349° पर था: रेवती, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 349.0° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 349.0° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:24 बुध को निकलेगा, अश्विनी में।

मंगल 31 अक्टूबर को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 543° थे, एक चक्कर और 183°: हर्षण।

सूर्य 194.0° + चंद्रमा 349.0° = 543.0° एक चक्कर + 183.0° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 194.0° + चंद्रमा 349.0° = 543.0° एक चक्कर + 183.0° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 194° + 349° = 543°, एक पूरा चक्कर और 183°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 14:18 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

मंगल 31 अक्टूबर को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 155° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 155.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 155.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 20:32 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 150° हुई; तैतिल 09:38 तक है।

मंगल 31 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:29, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:29 से 07:30 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 31 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 18 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 16 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

मंगल 31 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 31 अक्टूबर पूर्णिमा 3 अक्टू॰ अमावस्या 18 अक्टू॰ पूर्णिमा 2 नव॰ अमावस्या 16 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 31 अक्टूबर पूर्णिमा 3 अक्टू॰ अमावस्या 18 अक्टू॰ पूर्णिमा 2 नव॰ अमावस्या 16 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

मंगल 31 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950

विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 08:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 31 अक्टूबर सूर्य 194.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 08:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 31 अक्टूबर सूर्य 194.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 08:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 212.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 31 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:36

चंद्रमा यहाँ 16:36 पर उदय होता है।

मंगल 31 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:30 बुध

सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:30 बुध चंद्रोदय 16:36
सूर्योदय 07:29 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 07:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:30 बुध चंद्रोदय 16:36
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:36 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 06:30 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:36 पर उदय हुआ; वह फिर 06:30 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।