tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 3 मई 2027

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 18:34 तक

फिर त्रयोदशी · 18:01 मंगल तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:57⁠–⁠21:57
प्रदोष काल 19:57⁠–⁠21:57

प्रदोष व्रत सोम 3 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। सोम 3 मई क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

वरूथिनी एकादशी

पारण सोम 3 मई, 05:57⁠–⁠18:34
वरूथिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:37 05:57 19:57अगला सूर्योदय 05:55 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:57–07:42अमृतशुभ
  • 07:42–09:27कालअशुभ
  • 09:27–11:12शुभ
  • 11:12–12:57रोगअशुभ
  • 12:57–14:42उद्वेगअशुभ
  • 14:42–16:27चरसामान्य
  • 16:27–18:12लाभशुभ
  • 18:12–19:57अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:57–21:12चरसामान्य
  • 21:12–22:26रोगअशुभ
  • 22:26–23:41कालअशुभ
  • 23:41–00:56 मंगललाभशुभ
  • 00:56–02:11 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:11–03:26 मंगलशुभ
  • 03:26–04:41 मंगलअमृतशुभ
  • 04:41–05:55 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 3 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:17, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:57–07:42
  • काल, अशुभ, 07:42–09:27
  • शुभ, 09:27–11:12
  • रोग, अशुभ, 11:12–12:57
  • उद्वेग, अशुभ, 12:57–14:42
  • चर, सामान्य, 14:42–16:27
  • लाभ, शुभ, 16:27–18:12
  • अमृत, शुभ, 18:12–19:57
  • चर, सामान्य, 19:57–21:12
  • रोग, अशुभ, 21:12–22:26
  • काल, अशुभ, 22:26–23:41
  • लाभ, शुभ, 23:41–00:56 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:56–02:11 मंगल
  • शुभ, 02:11–03:26 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:26–04:41 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:41–05:55 मंगल
  • राहु काल, 07:42–09:27, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:12–12:57, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:29–13:25, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:25–14:21, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:42–16:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:13–17:09, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:16 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत सोम 3 मई को क्यों है?

प्रदोष व्रत सोम 3 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 18:34 20:00 21:00 22:00 23:00 सोम 3 मई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:57–21:57 द्वादशी 18:34 तक
त्रयोदशी 18:34 20:00 22:00 सोम 3 मई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:57–21:57 द्वादशी 18:34 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 3 मई को 18:34 से मंगल 4 मई को 18:01 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (19:57–21:57) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

सोम 3 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 317.7° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 317.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 317.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। एकादशी उससे पहले 18:22 रवि पर समाप्त हुई। द्वादशी 18:34 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 21 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 3 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:37–05:17

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:37–05:17।

सूर्यास्त 19:56 रवि सूर्योदय 05:57 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 2 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:56 रवि सूर्योदय 05:57 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 2 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 2 मई की रात सूर्यास्त 19:56 रवि से सूर्योदय 05:57 तक थी, 10 घं 1 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 3 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:29–13:25

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:29–13:25।

सोम 3 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:25–14:21

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:25–14:21 और 16:13–17:09।

सोम 3 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:13–17:09

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:25–14:21 और 16:13–17:09।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:57 से 19:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:25–14:21 और 16:13–17:09।

सोम 3 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:57–07:42 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:57 से 19:57, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:57 से 05:55 मंगल, 1 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 3 मई को राहुकाल कब है? 07:42–09:27

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:42–09:27।

सोम 3 मई को यमगंड कब है? 11:12–12:57

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:12–12:57।

सोम 3 मई को गुलिक काल कब है? 14:42–16:27

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:42–16:27।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:57 से 19:57 तक है, 14 घं 0 मि। इसे 1 घं 45 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 3 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:57, 14 घं 0 मि का दिन।

सोम 3 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:57, 14 घं 0 मि का दिन।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:50 चंद्रोदय 04:22 मंगल
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:50 चंद्रोदय 04:22 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 3 मई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 335.9° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 335.9° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 335.9° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:49 मंगल को निकलेगा, रेवती में।

सोम 3 मई को कौन सा योग है? वैधृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 354.1° थे: वैधृति।

सूर्य 18.2° + चंद्रमा 335.9° = 354.1° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 18.2° + चंद्रमा 335.9° = 354.1° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 18.2° + 335.9° = 354.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 16:09 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।

सोम 3 मई को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 317.7° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 317.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 317.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 06:34 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 18:34 तक।

सोम 3 मई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:55 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 3 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 7 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 6 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

सोम 3 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 3 मई अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 21 अप्रैल अमावस्या 6 मई पूर्णिमा 20 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 3 मई अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 21 अप्रैल अमावस्या 6 मई पूर्णिमा 20 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

सोम 3 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 03:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 3 मई सूर्य 18.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 03:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 3 मई सूर्य 18.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 03:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 25.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 3 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:22 मंगल

चंद्रमा यहाँ 04:22 मंगल पर उदय होता है।

सोम 3 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:50

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:50 चंद्रोदय 04:22 मंगल
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:55 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:50 चंद्रोदय 04:22 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:50 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:22 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:50 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:22 मंगल पर उदय होगा।