Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 19 नवंबर 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
19 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 19 नवंबर
- 05:57–06:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:50 से
- 07:50–09:04शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:25–13:04अभिजीत मुहूर्त
- 12:45–13:58लाभ चौघड़िया
- 13:58–15:12अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:26–17:39शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:39 के बाद
- 17:39–19:26अमृत चौघड़िया
-
21:11–22:50अमृत कालपूर्व भाद्रपद में
- 00:45–02:32 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:18–06:05 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 06:05–07:51 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:58–06:54 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:50–09:04शुभयमगण्ड में
- 09:04–10:17रोगअशुभ
- 10:17–11:31उद्वेगअशुभ
- 11:31–12:45चरसामान्य
- 12:45–13:58लाभशुभ
- 13:58–15:12अमृतराहु काल में
- 15:12–16:26कालअशुभ
- 16:26–17:39शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:39–19:26अमृतशुभ
- 19:26–21:12चरसामान्य
- 21:12–22:59रोगअशुभ
- 22:59–00:45 शुक्रकालअशुभ
- 00:45–02:32 शुक्रलाभशुभ
- 02:32–04:18 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:18–06:05 शुक्रशुभ
- 06:05–07:51 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 19 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:57–06:53, शुभ
- शुभ, 07:50–09:04
- रोग, अशुभ, 09:04–10:17
- उद्वेग, अशुभ, 10:17–11:31
- चर, सामान्य, 11:31–12:45
- लाभ, शुभ, 12:45–13:58
- अमृत, शुभ, 13:58–15:12
- काल, अशुभ, 15:12–16:26
- शुभ, 16:26–17:39
- अमृत, शुभ, 17:39–19:26
- चर, सामान्य, 19:26–21:12
- रोग, अशुभ, 21:12–22:59
- काल, अशुभ, 22:59–00:45 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:45–02:32 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:32–04:18 शुक्र
- शुभ, 04:18–06:05 शुक्र
- अमृत, शुभ, 06:05–07:51 शुक्र
- यमगण्ड, 07:50–09:04, अशुभ
- गुलिक काल, 10:17–11:31, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:07–11:46, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:25–13:04, शुभ
- राहु काल, 13:58–15:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:02–15:41, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:58–06:54 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 19 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 109.1° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:50। नवमी उससे पहले 05:36 पर समाप्त हुई। दशमी 05:46 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 9 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में नवमी क्यों है?
नई दिल्ली में नवमी है, Sevan में दशमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:46, नवमी की समाप्ति 07:06 से पहले हुआ: यह दिन नवमी है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 07:50, नवमी की समाप्ति 05:36 के बाद हुआ: यह दिन दशमी है।
गुरु 19 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:57–06:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:57–06:53।
बुध 18 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:40 बुध से सूर्योदय 07:50 तक थी, 14 घं 10 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 19 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:25–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:25–13:04।
गुरु 19 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:07–11:46
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:07–11:46 और 15:02–15:41।
गुरु 19 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:02–15:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:07–11:46 और 15:02–15:41।
यहाँ दिन, 07:50 से 17:39, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:07–11:46 और 15:02–15:41।
गुरु 19 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:50–09:04 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:50 से 17:39, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:39 से 07:51 शुक्र, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 19 नवंबर को राहुकाल कब है? 13:58–15:12
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:58–15:12।
गुरु 19 नवंबर को यमगंड कब है? 07:50–09:04
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:50–09:04।
गुरु 19 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:17–11:31
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:17–11:31।
यहाँ दिन 07:50 से 17:39 तक है, 9 घं 49 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 19 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:50, सूर्यास्त 17:39, 9 घं 49 मि का दिन।
गुरु 19 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:50, सूर्यास्त 17:39, 9 घं 49 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 19 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 321.7° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 05:26 शुक्र को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
गुरु 19 नवंबर को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 534.3° थे, एक चक्कर और 174.3°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 212.6° + 321.7° = 534.3°, एक पूरा चक्कर और 174.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 05:10 शुक्र को समाप्त होता है, फिर वज्र।
गुरु 19 नवंबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 109.1° थी: दशमी का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 17:48 तक है, जब बढ़त 114° होगी; गर 05:46 शुक्र तक।
गुरु 19 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:50, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:50 से 07:51 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 19 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 9 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 9 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
गुरु 19 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
गुरु 19 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 05:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 238.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 19 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:32
चंद्रमा यहाँ 14:32 पर उदय होता है।
गुरु 19 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:47 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:32 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:47 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:32 पर उदय हुआ; वह फिर 02:47 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।