Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 11 जनवरी 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या गुरु 11 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। गुरु 11 जनवरी क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़11 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 11 जनवरी
- 06:26–07:24ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:22 से
- 08:22–09:34शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
12:10–13:13अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · पूर्वाषाढा में
- 12:48–13:26अभिजीत मुहूर्त
- 13:07–14:19लाभ चौघड़िया
- 14:19–15:30अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:41–17:52शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:52 के बाद
- 17:52–19:41अमृत चौघड़िया
- 01:07–02:56 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:45–06:33 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 06:33–08:22 शुक्रअमृत चौघड़िया
-
08:01–09:28 शुक्रअमृत कालउत्तराषाढा में
- 06:26–07:24 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:22–09:34शुभयमगण्ड में
- 09:34–10:45रोगअशुभ
- 10:45–11:56उद्वेगअशुभ
- 11:56–13:07चरसामान्य
- 13:07–14:19लाभशुभ
- 14:19–15:30अमृतराहु काल में
- 15:30–16:41कालअशुभ
- 16:41–17:52शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:52–19:41अमृतशुभ
- 19:41–21:30चरसामान्य
- 21:30–23:18रोगअशुभ
- 23:18–01:07 शुक्रकालअशुभ
- 01:07–02:56 शुक्रलाभशुभ
- 02:56–04:45 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:45–06:33 शुक्रशुभ
- 06:33–08:22 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 11 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:26–07:24, शुभ
- शुभ, 08:22–09:34
- रोग, अशुभ, 09:34–10:45
- उद्वेग, अशुभ, 10:45–11:56
- चर, सामान्य, 11:56–13:07
- लाभ, शुभ, 13:07–14:19
- अमृत, शुभ, 14:19–15:30
- काल, अशुभ, 15:30–16:41
- शुभ, 16:41–17:52
- अमृत, शुभ, 17:52–19:41
- चर, सामान्य, 19:41–21:30
- रोग, अशुभ, 21:30–23:18
- काल, अशुभ, 23:18–01:07 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:07–02:56 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:56–04:45 शुक्र
- शुभ, 04:45–06:33 शुक्र
- अमृत, शुभ, 06:33–08:22 शुक्र
- यमगण्ड, 08:22–09:34, अशुभ
- गुलिक काल, 10:45–11:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:32–12:10, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:48–13:26, शुभ
- राहु काल, 14:19–15:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:20–15:58, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:26–07:24 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में अमावस्या गुरु 11 जनवरी को क्यों है?
अमावस्या गुरु 11 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 10 जनवरी को 18:41 से गुरु 11 जनवरी को 15:57 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 11 जनवरी के सूर्योदय (08:22) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 11 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 355.7° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:22। चतुर्दशी उससे पहले 18:41 बुध पर समाप्त हुई। अमावस्या 15:57 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 27 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 11 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:26–07:24
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:26–07:24।
बुध 10 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:51 बुध से सूर्योदय 08:22 तक थी, 14 घं 31 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 11 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:48–13:26
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:48–13:26।
गुरु 11 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:32–12:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:32–12:10 और 15:20–15:58।
गुरु 11 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:20–15:58
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:32–12:10 और 15:20–15:58।
यहाँ दिन, 08:22 से 17:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:32–12:10 और 15:20–15:58।
गुरु 11 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:22–09:34 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:22 से 17:52, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:52 से 08:22 शुक्र, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 11 जनवरी को राहुकाल कब है? 14:19–15:30
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:19–15:30।
गुरु 11 जनवरी को यमगंड कब है? 08:22–09:34
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 08:22–09:34।
गुरु 11 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:45–11:56
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:45–11:56।
यहाँ दिन 08:22 से 17:52 तक है, 9 घं 30 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 11 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:22, सूर्यास्त 17:52, 9 घं 30 मि का दिन।
गुरु 11 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:22, सूर्यास्त 17:52, 9 घं 30 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 261.9° पर था: पूर्वाषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 260° पर उसके पद 3 में आया। वह 16:08 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 528.1° थे, एक चक्कर और 168.1°: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 266.2° + 261.9° = 528.1°, एक पूरा चक्कर और 168.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 16:19 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 355.7° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 05:22 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 15:57 तक है।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 08:22, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:22 से 08:22 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 13 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 11 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 21:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 289.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 11 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:38
चंद्रमा यहाँ 08:38 पर उदय होता है।
गुरु 11 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:32
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:38 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 17:32 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:38 पर उदय हुआ; वह फिर 17:32 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त दिन में पड़ता है।