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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 7 अक्टूबर 2023

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:22 07:01 18:33अगला सूर्योदय 07:03 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:01–08:28कालअशुभ
  • 08:28–09:54शुभ
  • 09:54–11:21रोगअशुभ
  • 11:21–12:47उद्वेगअशुभ
  • 12:47–14:14चरसामान्य
  • 14:14–15:40लाभयमगण्ड में
  • 15:40–17:06अमृतशुभ
  • 17:06–18:33कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:33–20:06लाभशुभ
  • 20:06–21:40उद्वेगअशुभ
  • 21:40–23:14शुभ
  • 23:14–00:48 रविअमृतशुभ
  • 00:48–02:21 रविचरसामान्य
  • 02:21–03:55 रविरोगअशुभ
  • 03:55–05:29 रविकालअशुभ
  • 05:29–07:03 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 7 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:12, शुभ
  • काल, अशुभ, 07:01–08:28
  • शुभ, 08:28–09:54
  • रोग, अशुभ, 09:54–11:21
  • उद्वेग, अशुभ, 11:21–12:47
  • चर, सामान्य, 12:47–14:14
  • लाभ, शुभ, 14:14–15:40
  • अमृत, शुभ, 15:40–17:06
  • काल, अशुभ, 17:06–18:33
  • लाभ, शुभ, 18:33–20:06
  • उद्वेग, अशुभ, 20:06–21:40
  • शुभ, 21:40–23:14
  • अमृत, शुभ, 23:14–00:48 रवि
  • चर, सामान्य, 00:48–02:21 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:21–03:55 रवि
  • काल, अशुभ, 03:55–05:29 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:29–07:03 रवि
  • गुलिक काल, 07:01–08:28, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:01–07:48, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:48–08:34, अशुभ
  • राहु काल, 09:54–11:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:24–13:10, शुभ
  • यमगण्ड, 14:14–15:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:13 रवि

हर मान कैसे निकलता है

शनि 7 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 276.2° आगे था: कृष्ण नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 276.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 276.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:01। अष्टमी उससे पहले 06:38 पर समाप्त हुई। नवमी 08:43 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 29 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नवमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

नवमी यहाँ शनि 7 और रवि 8 अक्टूबर दोनों के सूर्योदय पर है।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी शनि 7 अक्टूबर सुबह रवि 8 अक्टूबर सुबह Sevan UTC+4 06:38 08:43 07:01 नवमी 07:03 नवमी नवमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
अष्टमी नवमी नवमी दशमी शनि 7 अक्टूबर सुबह रवि 8 अक्टूबर सुबह Sevan UTC+4 06:38 08:43 07:01 नवमी 07:03 नवमी नवमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। नवमी 06:38 को, सूर्योदय 07:01 से पहले, शुरू हुई और 08:43 रवि को, अगले सूर्योदय 07:03 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन नवमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में अष्टमी क्यों है?

नई दिल्ली में अष्टमी है, Sevan में नवमी।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी शनि 7 अक्टूबर सुबह रवि 8 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 08:08 06:38 10:13 08:43 06:17 अष्टमी 06:17 नवमी 07:01 नवमी 07:03 नवमी
अष्टमी नवमी नवमी दशमी शनि 7 अक्टूबर सुबह रवि 8 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 08:08 06:38 10:13 08:43 06:17 अष्टमी 06:17 नवमी 07:01 नवमी 07:03 नवमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:17, अष्टमी की समाप्ति 08:08 से पहले हुआ: यह दिन अष्टमी है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 07:01, अष्टमी की समाप्ति 06:38 के बाद हुआ: यह दिन नवमी है।

शनि 7 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:22–06:12

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:22–06:12।

सूर्यास्त 18:34 शुक्र सूर्योदय 07:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 6 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:34 शुक्र सूर्योदय 07:01 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 6 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 6 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:34 शुक्र से सूर्योदय 07:01 तक थी, 12 घं 27 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 7 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:24–13:10

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:24–13:10।

शनि 7 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:01–07:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:01–07:48 और 07:48–08:34।

शनि 7 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:48–08:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:01–07:48 और 07:48–08:34।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 07:01 से 18:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:01–07:48 और 07:48–08:34।

शनि 7 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:01–08:28 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:01 से 18:33, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:33 से 07:03 रवि, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 7 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 09:54–11:21

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:54–11:21।

शनि 7 अक्टूबर को यमगंड कब है? 14:14–15:40

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:14–15:40।

शनि 7 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 07:01–08:28

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:01–08:28।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 07:01 से 18:33 तक है, 11 घं 32 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 7 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 18:33, 11 घं 32 मि का दिन।

शनि 7 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 18:33, 11 घं 32 मि का दिन।

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:24 चंद्रोदय 00:26 रवि
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:24 चंद्रोदय 00:26 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 7 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 85.6° पर था: पुनर्वसु, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 85.6° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 85.6° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 83°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:26 को निकलेगा, पुष्य में।

शनि 7 अक्टूबर को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 255° थे: शिव।

सूर्य 169.4° + चंद्रमा 85.6° = 255.0° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 169.4° + चंद्रमा 85.6° = 255.0° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 169.4° + 85.6° = 255°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 04:32 रवि को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

शनि 7 अक्टूबर को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 276.2° थी: नवमी का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 276.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° तैतिल 276°–282° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 276.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° तैतिल 276°–282° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 19:37 तक है, जब बढ़त 282° होगी; गर 08:43 रवि तक।

शनि 7 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:01, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:01 से 07:03 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 7 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 15 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 14 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

शनि 7 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 7 अक्टूबर अमावस्या 15 सित॰ पूर्णिमा 29 सित॰ अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 7 अक्टूबर अमावस्या 15 सित॰ पूर्णिमा 29 सित॰ अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

शनि 7 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945

विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 21:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 7 अक्टूबर सूर्य 169.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 21:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 7 अक्टूबर सूर्य 169.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 21:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 192.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 7 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:26 रवि

चंद्रमा यहाँ 00:26 रवि पर उदय होता है।

शनि 7 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:24

सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:24 चंद्रोदय 00:26 रवि
सूर्योदय 07:01 सूर्यास्त 18:33 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:24 चंद्रोदय 00:26 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:24 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:26 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:24 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:26 रवि पर उदय होगा।