Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 15 नवंबर 2022
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
15 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 15 नवंबर
- 05:53–06:49ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:45 से
- 11:29–12:44लाभ चौघड़िया
- 12:24–12:44अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:44–13:58अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:13–16:28शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:42 के बाद
- 19:28–21:13लाभ चौघड़िया
- 22:59–23:20शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:16–00:44 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:44–02:30 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:54–06:50 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:45–09:00रोगअशुभ
- 09:00–10:15उद्वेगअशुभ
- 10:15–11:29चरसामान्य
- 11:29–12:44लाभशुभ
- 12:44–13:58अमृतगुलिक काल में
- 13:58–15:13कालअशुभ
- 15:13–16:28शुभराहु काल में
- 16:28–17:42रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:42–19:28कालअशुभ
- 19:28–21:13लाभशुभ
- 21:13–22:59उद्वेगअशुभ
- 22:59–00:44 बुधशुभ
- 00:44–02:30 बुधअमृतशुभ
- 02:30–04:16 बुधचरसामान्य
- 04:16–06:01 बुधरोगअशुभ
- 06:01–07:47 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 15 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:53–06:49, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:45–09:00
- उद्वेग, अशुभ, 09:00–10:15
- चर, सामान्य, 10:15–11:29
- लाभ, शुभ, 11:29–12:44
- अमृत, शुभ, 12:44–13:58
- काल, अशुभ, 13:58–15:13
- शुभ, 15:13–16:28
- रोग, अशुभ, 16:28–17:42
- काल, अशुभ, 17:42–19:28
- लाभ, शुभ, 19:28–21:13
- उद्वेग, अशुभ, 21:13–22:59
- शुभ, 22:59–00:44 बुध
- अमृत, शुभ, 00:44–02:30 बुध
- चर, सामान्य, 02:30–04:16 बुध
- रोग, अशुभ, 04:16–06:01 बुध
- काल, अशुभ, 06:01–07:47 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:45–10:25, अशुभ
- यमगण्ड, 10:15–11:29, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:24–13:04, शुभ
- गुलिक काल, 12:44–13:58, अशुभ
- राहु काल, 15:13–16:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:20–00:16 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:54–06:50 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 15 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 254.7° आगे था: कृष्ण सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:45। षष्ठी उससे पहले 01:54 पर समाप्त हुई। सप्तमी 04:20 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 8 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 15 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:53–06:49
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:53–06:49।
सोम 14 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:43 सोम से सूर्योदय 07:45 तक थी, 14 घं 2 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 15 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:24–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:24–13:04।
मंगल 15 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:45–10:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:45–10:25, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:20–00:16 बुध।
मंगल 15 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:20–00:16 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:45–10:25, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:20–00:16 बुध।
यहाँ दिन, 07:45 से 17:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:45–10:25 और 23:20–00:16 बुध।
मंगल 15 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:45–09:00 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:45 से 17:42, 1 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:42 से 07:47 बुध, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 15 नवंबर को राहुकाल कब है? 15:13–16:28
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:13–16:28।
मंगल 15 नवंबर को यमगंड कब है? 10:15–11:29
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:15–11:29।
मंगल 15 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:44–13:58
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:44–13:58।
यहाँ दिन 07:45 से 17:42 तक है, 9 घं 57 मि। इसे 1 घं 14 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 15 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:45, सूर्यास्त 17:42, 9 घं 57 मि का दिन।
मंगल 15 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:45, सूर्यास्त 17:42, 9 घं 57 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 15 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य
सूर्योदय पर चंद्रमा 103.2° पर था: पुष्य, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 100° पर उसके पद 3 में आया। वह 14:42 को निकलेगा, अश्लेशा में।
मंगल 15 नवंबर को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 311.8° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 208.6° + 103.2° = 311.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 23:00 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
मंगल 15 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 254.7° थी: सप्तमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 15:08 तक है, जब बढ़त 258° होगी; बव 04:20 बुध तक।
मंगल 15 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:45, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:45 से 07:47 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 15 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 25 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 24 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
मंगल 15 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
मंगल 15 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 10:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 221.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 15 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:20
चंद्रमा यहाँ 23:20 पर उदय होता है।
मंगल 15 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 13:42
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:42 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:20 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:42 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:20 पर उदय होगा।